प्रयागराज, 6 मई 2026। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को प्रयागराज में आयोजित ‘त्रिवेणी रक्षा संगम’ कार्यक्रम में भारत की बढ़ती सैन्य क्षमता, रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और उत्तर प्रदेश की बदलती औद्योगिक पहचान को मजबूती से दुनिया के सामने रखा। भारतीय सेना की ओर से आयोजित नॉर्थ टेक सिंपोजियम के समापन सत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि “शांति केवल उपदेशों से नहीं, बल्कि शक्ति और सामर्थ्य से सुनिश्चित होती है।”
प्रयागराज के न्यू कैंट स्थित कोबरा ऑडिटोरियम में आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi और रक्षा मंत्री Rajnath Singh के नेतृत्व में भारत आज रक्षा क्षेत्र में न सिर्फ आत्मनिर्भर बन रहा है, बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनी रणनीतिक ताकत का भी प्रभाव छोड़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की मूल संस्कृति हमेशा से “वसुधैव कुटुंबकम” की रही है। भारत दुनिया को परिवार मानने वाला देश है, लेकिन उदारता का संदेश वही राष्ट्र प्रभावी ढंग से दे सकता है जिसके पास मजबूत सैन्य शक्ति हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अपनी सैन्य क्षमता किसी पर आक्रमण के लिए नहीं, बल्कि विश्व शांति और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बढ़ा रहा है।
रक्षा निर्यात में भारत ने बनाई नई पहचान
सीएम योगी ने अपने संबोधन में रक्षा उत्पादन और निर्यात के क्षेत्र में आए बड़े बदलाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एक समय भारत केवल 600 करोड़ रुपये के रक्षा उत्पादों का निर्यात करता था, जबकि आज यह क्षमता बढ़कर 38 हजार करोड़ से 50 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। यह बदलाव भारत के रक्षा क्षेत्र में तेजी से बढ़ती तकनीकी क्षमता और नीति आधारित सुधारों का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के डिफेंस सेक्टर में नई ऊर्जा के साथ उभर रहा है। यूपी डिफेंस कॉरिडोर के अंतर्गत छह रणनीतिक नोड्स पर करीब 35 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव जमीन पर उतर रहे हैं। लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण परियोजना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश के लिए “गर्व का क्षण” बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास विशाल लैंड बैंक, मजबूत एमएसएमई नेटवर्क और 56 प्रतिशत कुशल युवा आबादी है, जो रक्षा उद्योगों के लिए मजबूत आधार तैयार कर रही है। उनका कहना था कि आने वाले वर्षों में यूपी देश के सबसे बड़े रक्षा विनिर्माण केंद्रों में शामिल हो सकता है।
युद्ध का स्वरूप बदल चुका, साइबर और स्पेस वारफेयर नई चुनौती
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने आधुनिक युद्ध प्रणाली के बदलते स्वरूप पर भी गंभीर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अब युद्ध केवल थल, जल और नभ तक सीमित नहीं रहा। दुनिया तेजी से मल्टी-डोमेन वॉरफेयर की ओर बढ़ रही है, जहां साइबर अटैक, स्पेस वारफेयर और इलेक्ट्रो-मैग्नेटिक सिस्टम भविष्य के सबसे खतरनाक हथियार बन चुके हैं।
उन्होंने सैन्य अधिकारियों, तकनीकी विशेषज्ञों और रक्षा उद्योग से जुड़े उद्यमियों से कहा कि टेक्नोलॉजी, नॉलेज और इनोवेशन का समन्वय ही भविष्य की चुनौतियों से निपटने का सबसे प्रभावी माध्यम बनेगा। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश सरकार रक्षा क्षेत्र में निवेश करने वाली कंपनियों और उद्योगों को हर संभव सुरक्षा और सहयोग उपलब्ध कराएगी।
सियाचिन से रेगिस्तान तक जवानों के साहस को किया नमन
सीएम योगी ने भारतीय सैनिकों के साहस और समर्पण को भी विशेष रूप से याद किया। उन्होंने कहा कि सियाचिन की दुर्गम चोटियों से लेकर तपते रेगिस्तानों तक भारतीय जवान जिस दृढ़ता के साथ देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं, उसी के कारण देश सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण में आगे बढ़ पा रहा है।
उन्होंने प्रयागराज को ज्ञान, न्याय और संस्कृति की भूमि बताते हुए कहा कि अब यह शहर तकनीक और नवाचार की नई पहचान भी बना रहा है। कार्यक्रम में मध्य कमान के जीओसी-इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल Anindya Sengupta ने बताया कि पिछले एक वर्ष में मध्य कमान ने 28 शोध परियोजनाओं पर काम किया, जिससे प्रदेश में लगभग 600 करोड़ रुपये का निवेश आया।
वहीं उत्तरी कमान के लेफ्टिनेंट जनरल Pratik Sharma ने उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे और औद्योगिक ढांचे के तेजी से हुए विकास की सराहना करते हुए सेना और निजी क्षेत्र के बेहतर तालमेल पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कैबिनेट मंत्री Nand Gopal Gupta Nandi को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित भी किया गया।












