नई दिल्ली, 09 फरवरी 2026। दिल्ली के हैदराबाद हाउस की कूटनीतिक शांति सोमवार को एक अहम वैश्विक संदेश की गवाह बनी। भारत और सेशेल्स ने अपने संबंधों को नई ऊर्जा देने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौतों (MOU) पर हस्ताक्षर किए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी की द्विपक्षीय बैठक ने यह संकेत दिया कि हिंद महासागर के इस रिश्ते में अब सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि दीर्घकालिक रणनीतिक सोच भी शामिल हो चुकी है।
बैठक के बाद संयुक्त प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी ने 1.4 अरब भारतीयों की ओर से राष्ट्रपति हर्मिनी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सेशेल्स भारत का भरोसेमंद साझेदार है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि राष्ट्रपति बनने के बाद हर्मिनी की यह पहली भारत यात्रा है, जो अपने आप में प्रतीकात्मक महत्व रखती है।
भारत-सेशेल्स रिश्ते: जमीन, समुद्र और हवा तक सहयोग
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-सेशेल्स रिश्ते केवल राजनयिक दायरे तक सीमित नहीं हैं। “हमारे संबंध इतिहास, विश्वास और भविष्य की साझा दृष्टि पर टिके हैं। समुद्री पड़ोसी होने के नाते सेशेल्स, भारत की महासागरीय सोच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जमीन, समुद्र और हवा—तीनों स्तरों पर हमारा सहयोग निरंतर मजबूत हो रहा है।”
उन्होंने कहा कि यह मुलाकात ऐसे वर्ष में हो रही है जब सेशेल्स अपनी आज़ादी के 50 वर्ष पूरे कर रहा है और दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के भी 50 साल पूरे हो रहे हैं। यह ऐतिहासिक संयोग रिश्तों को नई ऊंचाई देने का अवसर है।
प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि हिंद महासागर की लहरों ने सदियों से दोनों देशों को जोड़े रखा है। व्यापार, संस्कृति और मानवीय संपर्कों की परंपरा ने इस रिश्ते को औपचारिक कूटनीति से कहीं आगे पहुंचाया है।
ब्लू इकॉनमी, जलवायु और आपदा रेजिलिएंस पर फोकस
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने वक्तव्य में ब्लू इकॉनमी, नवीकरणीय ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन और आपदा से निपटने की क्षमता (रेजिलिएंस) जैसे क्षेत्रों को भविष्य के सहयोग का आधार बताया। उन्होंने कहा कि समुद्री पड़ोसी होने के कारण ब्लू इकॉनमी भारत-सेशेल्स रिश्ते का स्वाभाविक और रणनीतिक क्षेत्र है।
दोनों देशों ने हिंद महासागर क्षेत्र की स्थिरता और साझा भविष्य को ध्यान में रखते हुए सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। यह भी स्पष्ट किया गया कि यह साझेदारी क्षेत्रीय सुरक्षा के व्यापक परिप्रेक्ष्य में भी महत्वपूर्ण है।
लोगों से लोगों के बीच संबंध हैं असली ताकत
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत-सेशेल्स रिश्तों की असली मजबूती लोगों के बीच संबंधों से आती है। सेशेल्स में बसे भारतीय समुदाय ने वहां के सामाजिक और आर्थिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बैठक में पर्यटन, शिक्षा, खेल और युवा आदान-प्रदान के माध्यम से इन संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा हुई।
इस अवसर पर दोनों देशों ने एक संयुक्त विज़न दस्तावेज भी जारी किया, जो आने वाले वर्षों के सहयोग का रोडमैप तैयार करेगा।
हैदराबाद हाउस में राष्ट्रपति हर्मिनी का संबोधन
राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने कहा कि हैदराबाद हाउस में आना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने बताया कि जून में दोनों देश अपने राजनयिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ मनाएंगे, जो सेशेल्स की स्वतंत्रता के 50 वर्ष पूरे होने के साथ ही होगी। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।
राष्ट्रपति हर्मिनी ने कहा कि अगले पांच वर्षों के सहयोग को लेकर साझा विज़न पर गंभीर चर्चा हुई है। समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और बेहतर हवाई संपर्क जैसे मुद्दे इस साझेदारी के अहम हिस्से हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सेशेल्स की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की बड़ी भूमिका है और भारत एक उभरता हुआ महत्वपूर्ण बाजार बनकर सामने आ रहा है।
स्पष्ट है कि भारत-सेशेल्स रिश्ते अब परंपरागत मित्रता से आगे बढ़कर रणनीतिक, आर्थिक और मानवीय साझेदारी के नए अध्याय में प्रवेश कर चुके हैं। हिंद महासागर की इस साझेदारी का प्रभाव आने वाले वर्षों में और व्यापक रूप से देखने को मिल सकता है।













