सुलतानपुर/07 जुलाई 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को सुलतानपुर दौरे के दौरान इसौली विधानसभा क्षेत्र की जनता से आगामी चुनाव में भारतीय जनता पार्टी का विधायक चुनने की अपील की। विकास परियोजनाओं की सौगात देने के साथ उन्होंने कहा कि प्रदेश और केंद्र में डबल इंजन सरकार होने का पूरा लाभ तभी मिलेगा, जब क्षेत्र में भी भाजपा का जनप्रतिनिधि होगा।
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि मौजूदा विधायक विकास कार्यों में रुचि नहीं ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर क्षेत्र तक विकास पहुंचाना है और इसके लिए जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है।
मौजूदा विधायक पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना किसी लाग-लपेट के कहा कि इसौली के वर्तमान विधायक विकास के मुद्दों पर सक्रिय नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की राजनीति विकास के बजाय दूसरे मुद्दों पर केंद्रित रही है, जबकि डबल इंजन सरकार का उद्देश्य प्रदेश के हर जिले और हर विधानसभा क्षेत्र तक विकास पहुंचाना है।
उन्होंने लोगों से कहा कि यदि क्षेत्र में विकास कार्यों को और गति देनी है तो भाजपा को मजबूत करना होगा और विधानसभा में भाजपा का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना होगा।
2022 के चुनाव में बेहद कांटे की रही थी टक्कर
इसौली विधानसभा सीट पर वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में मुकाबला बेहद रोमांचक रहा था। समाजवादी पार्टी के मो. ताहिर खान ने भाजपा उम्मीदवार ओमप्रकाश पांडेय ‘बजरंगी’ को बेहद कम अंतर से हराया था।
चुनाव परिणाम के अनुसार, मो. ताहिर खान को 69,629 वोट मिले थे, जबकि भाजपा प्रत्याशी ओमप्रकाश पांडेय को 69,307 वोट प्राप्त हुए। दोनों उम्मीदवारों के बीच जीत-हार का अंतर केवल 322 वोट रहा था, जिससे यह सीट प्रदेश की सबसे करीबी चुनावी टक्करों में शामिल रही।
भाजपा की नजर फिर इसौली सीट पर
विधानसभा चुनाव के बाद से भाजपा लगातार इसौली क्षेत्र में संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ा रही है। पार्टी की कोशिश आगामी चुनाव में इस सीट को अपने खाते में लाने की है। वर्तमान में सुलतानपुर जिले की अन्य विधानसभा सीटों—लम्भुआ, कादीपुर, सदर और सुलतानपुर—पर भाजपा के विधायक हैं, जबकि इसौली सीट समाजवादी पार्टी के पास है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यही कारण है कि मुख्यमंत्री ने अपने दौरे के दौरान इसौली का विशेष उल्लेख करते हुए क्षेत्र में विकास और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को जोड़कर जनता से समर्थन की अपील की।
लोकसभा चुनाव के नतीजों का भी रहा असर
हाल के लोकसभा चुनाव में भी सुलतानपुर संसदीय सीट पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था। समाजवादी पार्टी के रामभुआल निषाद ने भाजपा उम्मीदवार और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी को हराया था। चुनावी आंकड़ों के अनुसार, रामभुआल निषाद को 4,44,330 वोट, जबकि मेनका गांधी को 4,01,156 वोट मिले थे।
विशेष रूप से इसौली विधानसभा क्षेत्र में भाजपा अपेक्षित बढ़त हासिल नहीं कर सकी थी। ऐसे में राजनीतिक दृष्टि से यह क्षेत्र भाजपा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है और मुख्यमंत्री का यह संदेश भी उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।










