राष्ट्रीय उत्तर प्रदेश राज्य अंतरराष्ट्रीय खेल मनोरंजन एजुकेशन बिजनेस राशिफल

---Advertisement---

मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना को मंजूरी, यूपी सरकार देगी 85% बीमा प्रीमियम

On: July 6, 2026
Follow Us:
मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना को मंजूरी
---Advertisement---

लखनऊ, 06 जुलाई। उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों और पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा देने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना (राज्य योजना) की कार्ययोजना और वित्तीय प्रावधान को मंजूरी दे दी गई। इस योजना के तहत पशुओं के बीमा प्रीमियम का 85 प्रतिशत हिस्सा सरकार वहन करेगी, जबकि शेष 15 प्रतिशत राशि लाभार्थी को देनी होगी।

सरकार का उद्देश्य पशुओं की मृत्यु, दुर्घटना, महामारी या स्थायी विकलांगता जैसी परिस्थितियों में होने वाले आर्थिक नुकसान से किसानों, पशुपालकों और डेयरी संचालकों को राहत देना है। इससे पशुपालन व्यवसाय को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

60 करोड़ रुपये के बजट से 2.28 लाख से अधिक पशुओं का होगा बीमा

कैबिनेट से मंजूर प्रस्ताव के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस योजना के संचालन के लिए 60 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इस राशि से प्रदेशभर में 2,28,350 पशुओं का बीमा कराया जाएगा।

इनमें 1,86,800 पशुओं का बीमा सामान्य मद के तहत और 41,550 पशुओं का बीमा एससीएसपी (SCSP) कंपोनेंट के अंतर्गत किया जाएगा। योजना प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू होगी, जिससे बड़ी संख्या में पशुपालकों को इसका लाभ मिलेगा।

किन पशुपालकों को मिलेगा योजना का लाभ

पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि योजना का लाभ लघु एवं सीमांत किसान, भूमिहीन पशुपालक, डेयरी फार्म संचालक और अन्य पात्र पशुपालक उठा सकेंगे।

यदि किसी बीमित पशु की महामारी, दैविक आपदा या आकस्मिक दुर्घटना के कारण मृत्यु हो जाती है या वह स्थायी रूप से काम करने योग्य नहीं रहता, तो बीमा के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इससे पशुपालकों को अचानक होने वाले वित्तीय संकट से राहत मिलेगी।

स्थायी विकलांगता पर बीमित राशि का 75% तक मिलेगा भुगतान

योजना में दावा निस्तारण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है। पशु की मृत्यु होने पर बीमा दावा स्वीकृत होने के बाद क्लेम की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी।

वहीं यदि पशु स्थायी रूप से विकलांग (Permanent Total Disability – PTD) हो जाता है, तो बीमा कंपनी बीमित राशि का 75 प्रतिशत तक भुगतान करेगी। सरकार ने यह भी तय किया है कि वैध दावा मिलने के बाद एक महीने के भीतर बीमा राशि का भुगतान कराया जाएगा।

सरकारी योजनाओं से जुड़े पशुओं को मिलेगी प्राथमिकता

मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न पशुपालन एवं डेयरी विकास योजनाओं से लाभान्वित पशुओं के बीमा को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले पशुपालकों को अतिरिक्त सुरक्षा मिलेगी और पशुधन संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

पशुधन अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया सहारा

धर्मपाल सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश पशुधन की दृष्टि से देश का सबसे बड़ा राज्य है। राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में पशुधन क्षेत्र का योगदान लगभग 5.50 प्रतिशत है, जबकि प्रदेश की कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की जीडीपी में इसका योगदान 30 प्रतिशत से अधिक है।

उन्होंने कहा कि पशुपालन ग्रामीण परिवारों की आय का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में बीमा सुरक्षा मिलने से किसानों का आर्थिक जोखिम कम होगा और दुग्ध उत्पादन सहित पशुपालन गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

7,500 गोसंरक्षण केंद्रों में संरक्षित हैं 13.50 लाख गोवंश

मंत्री ने बताया कि प्रदेश में निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए 7,500 गोसंरक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां वर्तमान में लगभग 13.50 लाख गायें संरक्षित हैं।

इन गोसंरक्षण केंद्रों के संचालन पर राज्य सरकार प्रतिदिन लगभग 8 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश चारा नीति के तहत ग्राम समाज और वन विभाग की भूमि पर हरा चारा उगाकर गोशालाओं को उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि पशुओं के लिए पर्याप्त चारे की व्यवस्था बनी रहे।

नई मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना के लागू होने से प्रदेश के लाखों पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार मिलेगा। सरकार का मानना है कि इससे पशुधन संरक्षण, डेयरी व्यवसाय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था तीनों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे जनता को समर्पित, 14 जुलाई से शुरू होगा सफर

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे जनता को समर्पित: 14 जुलाई से शुरू होगा सफर, 35-45 मिनट में पहुंचेगा कानपुर; बाइक और ऑटो की एंट्री पर रोक

उत्तर प्रदेश सड़क परियोजनाएं, 60 हजार करोड़ की नई सौगात

उत्तर प्रदेश सड़क परियोजनाएं: 60 हजार करोड़ की नई सौगात, नितिन गडकरी बोले- 45 साल में कभी झूठा आश्वासन नहीं दिया

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे, 4850 करोड़ की तीन परियोजनाओं से बदलेगी राजधानी की तस्वीर

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे: 4850 करोड़ की तीन परियोजनाओं से बदलेगी राजधानी की तस्वीर, कई जिलों की कनेक्टिविटी होगी मजबूत

Kanpur-Lucknow Expressway, 120 की रफ्तार, AI निगरानी और 45 मिनट का सफर

Kanpur-Lucknow Expressway: 120 की रफ्तार, AI निगरानी और 45 मिनट का सफर… 4,700 करोड़ का एक्सप्रेसवे आज से शुरू

प्रदेश से दूर हुआ मानसून, अगले चार दिन अच्छी बारिश के आसार नहीं

प्रदेश से दूर हुआ मानसून, अगले चार दिन अच्छी बारिश के आसार नहीं; गर्मी और उमस का अलर्ट

वाइट कोट सिंड्रोम' का जिक्र कर डॉक्टरों को राजनाथ सिंह की सलाह

‘वाइट कोट सिंड्रोम’ का जिक्र कर डॉक्टरों को राजनाथ सिंह की सलाह, बोले- व्यवहार में भी हो हीलिंग