लखनऊ/26 अगस्त 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना के शुभारंभ के दौरान उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और महिला कल्याण से जुड़ी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में उपद्रव की जगह उत्सव का माहौल बना है और अब सरकार का लक्ष्य महिलाओं को सुरक्षा देने के साथ उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं के केंद्र में प्रदेश की आधी आबादी यानी मां, बहन और बेटियां हैं। उनके मुताबिक, प्रदेश में महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी पहले करीब 12 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 36 प्रतिशत हो गई है। सरकार इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है।
महिला सुरक्षा से आत्मनिर्भरता तक सरकार का फोकस
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। बेटियों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता तक अलग-अलग स्तर पर काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का असर केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है। घर-घर शौचालय, पक्के मकान, जल जीवन मिशन, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) और मुख्यमंत्री सुमंगला योजना जैसी योजनाओं ने महिलाओं के जीवन को आसान बनाने के साथ उन्हें आगे बढ़ने का आधार दिया है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, जब बुनियादी सुविधाएं घर तक पहुंचती हैं और सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थी के खाते में जाता है, तो महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में भी बदलाव आता है।
पिछली सरकारों पर योगी का हमला
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले की सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उस दौर में महिलाओं की सुरक्षा बड़ी चुनौती थी और बेटियों तथा बहनों के बीच असुरक्षा की भावना बनी रहती थी।
योगी ने अपने संबोधन में ‘देख सपाई बिटिया घबराई’ जैसे राजनीतिक नारे का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे वातावरण में महिलाओं के स्वावलंबन की बात करना कठिन था। उन्होंने आरोप लगाया कि पेंशन और छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं में बिचौलियों की भूमिका रहती थी और नकल माफिया, भू-माफिया समेत विभिन्न प्रकार के माफिया सिंडिकेट प्रदेश की पहचान बन गए थे।
इसके उलट उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में कानून-व्यवस्था बेहतर हुई है और महिलाओं को भयमुक्त वातावरण मिला है।
सरकार की योजनाओं का केंद्र आधी आबादी
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भाजपा सरकार ने महिलाओं से जुड़ी बुनियादी जरूरतों को योजनाओं के केंद्र में रखा है। शौचालय से लेकर आवास और पेयजल तक की योजनाओं का सीधा असर महिलाओं के दैनिक जीवन पर पड़ा है।
उन्होंने DBT व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकारी सहायता सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचने से पारदर्शिता बढ़ी है। मुख्यमंत्री सुमंगला योजना जैसी पहल के जरिए बेटियों के जन्म और शिक्षा से जुड़े परिवारों को सहायता दी जा रही है।
सरकार का जोर अब महिलाओं को केवल योजनाओं की लाभार्थी बनाने तक सीमित रखने के बजाय उन्हें आर्थिक गतिविधियों में अधिक भागीदारी देने पर है। इसी क्रम में महिला कार्यबल भागीदारी को 50 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
अक्टूबर-नवंबर में 50 हजार बेटियों को मिलेगी स्कूटी
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में आने वाली योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि अक्टूबर-नवंबर में स्नातक स्तर की पढ़ाई कर रही 50 हजार बेटियों को स्कूटी उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके अलावा प्रदेश में चल रही 32 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती में 20 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए रखे जाएंगे। सरकार का तर्क है कि पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और प्रभावी कार्रवाई को और मजबूती मिल सकती है।
60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को आजीवन मुफ्त बस यात्रा
कार्यक्रम में लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना के तहत 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा शुरू की गई। महिलाएं आधार कार्ड या वोटर कार्ड दिखाकर रोडवेज की बसों में इस सुविधा का लाभ ले सकेंगी।
इसका सीधा फायदा उन बुजुर्ग महिलाओं को मिलेगा जिन्हें रिश्तेदारों से मिलने, धार्मिक स्थलों की यात्रा या जरूरी कामों के लिए अक्सर आवागमन करना पड़ता है। किराया नहीं लगने से उनके ऊपर यात्रा का आर्थिक बोझ कम होगा।
कार्यक्रम में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। विशेष बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया और कुछ महिलाओं को योजना के कार्ड भी वितरित किए गए। महिलाओं को उपहार के तौर पर मिष्ठान, साड़ी और बैग भी दिए गए।
रक्षाबंधन पर तीन दिन महिलाओं को मुफ्त यात्रा
रक्षाबंधन के मद्देनजर सरकार ने प्रदेश की सभी महिलाओं के लिए भी विशेष मुफ्त यात्रा की व्यवस्था की है। 27 से 29 अगस्त तक रोडवेज की बसों में महिलाएं अपने एक सहयात्री के साथ निशुल्क यात्रा कर सकेंगी।
त्योहार के दौरान यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए परिवहन निगम ने विशेष बसों की व्यवस्था की है। इससे उन महिलाओं को खास राहत मिलने की उम्मीद है जो रक्षाबंधन पर अपने मायके या रिश्तेदारों के घर जाने के लिए बसों का इस्तेमाल करती हैं।
60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को आजीवन मुफ्त यात्रा की सुविधा को सरकार के पुराने चुनावी वादे से जोड़कर भी देखा जा रहा है। भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में इस वर्ग को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा देने का वादा किया था। योजना की शुरुआत के साथ सरकार ने इसे पूरा करने का संदेश दिया है।
राज्यसभा सांसद बृजलाल ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
कार्यक्रम के दौरान राज्यसभा सदस्य बृजलाल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने मनुस्मृति का उल्लेख करते हुए कहा कि राहुल गांधी को संविधान के साथ-साथ देश की परंपराओं और ऐतिहासिक संदर्भों की भी जानकारी होनी चाहिए।
बृजलाल ने कहा कि मनुस्मृति में नारी के सम्मान और उसकी प्रतिष्ठा से जुड़े उल्लेख मिलते हैं। उनका यह बयान कार्यक्रम में महिला सम्मान और सशक्तिकरण पर चल रही चर्चा के बीच आया।
महिला सशक्तिकरण को राजनीतिक संदेश से भी जोड़कर देखा जा रहा
सरकार की ओर से महिला सुरक्षा, मुफ्त बस यात्रा, रोजगार और शिक्षा से जुड़ी घोषणाओं को सामाजिक कल्याण के साथ राजनीतिक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है। रक्षाबंधन से ठीक पहले सभी महिलाओं के लिए तीन दिन मुफ्त यात्रा और 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए आजीवन मुफ्त बस सेवा जैसी घोषणाएं सीधे बड़े महिला वर्ग को प्रभावित करती हैं।
मुख्यमंत्री के भाषण का व्यापक संदेश यही रहा कि सरकार अब महिलाओं को केवल सुरक्षा और कल्याण की योजनाओं तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दे रही है। 12 प्रतिशत से 36 प्रतिशत महिला कार्यबल भागीदारी और फिर 50 प्रतिशत का लक्ष्य इसी दिशा में सरकार की अगली बड़ी प्राथमिकता के रूप में सामने आया।










