लखनऊ/26 अगस्त 2026: उत्तर प्रदेश में मानसून की बारिश और आंधी के बीच बिजली आपूर्ति को सामान्य बनाए रखना बिजली विभाग के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। कई जिलों में मौसम खराब होने के कारण बिजली के तार टूटने, पोल प्रभावित होने और स्थानीय फॉल्ट की घटनाएं सामने आई हैं। इसके बावजूद बिजलीकर्मी दिन-रात मैदान में डटे हैं और प्रभावित इलाकों में जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल करने में जुटे हैं।
त्योहारों के मौसम को देखते हुए भी बिजली व्यवस्था को लेकर विभाग ने कमर कस ली है। UPPCL अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मानसून के दौरान बिजली आपूर्ति में बाधा कम से कम हो और कहीं स्थानीय फॉल्ट आने पर उसे न्यूनतम समय में ठीक किया जाए।
बारिश में फॉल्ट पर तत्काल एक्शन
आंधी और तेज बारिश के दौरान बिजली के तार टूटने, पोल क्षतिग्रस्त होने या तकनीकी खराबी आने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे मामलों में बिजली विभाग की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य शुरू कर रही हैं।
विभाग की ओर से उपभोक्ताओं से धैर्य बनाए रखने की अपील की गई है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जहां भी बिजली आपूर्ति प्रभावित हो, वहां टीमों को भेजकर जल्द से जल्द व्यवस्था बहाल की जाए।
विभिन्न जिलों में बिजली उपकेंद्रों का निरीक्षण भी किया जा रहा है। अधिकारियों को सुरक्षित और निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए जरूरी अनुरक्षण कार्य समय पर पूरा कराने को कहा गया है।
रात में भी मोर्चे पर डटे बिजलीकर्मी
बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने की जिम्मेदारी सिर्फ दिन की ड्यूटी तक सीमित नहीं है। विभागीय कर्मचारी रात में भी फील्ड पर रहकर मेंटेनेंस और तकनीकी कार्य कर रहे हैं।
रात के समय नेटवर्क की जांच, जरूरी रखरखाव और स्थानीय स्तर पर सामने आ रही तकनीकी दिक्कतों को दूर करने पर जोर दिया जा रहा है। बारिश और आंधी के बीच यह काम आसान नहीं है, लेकिन बिजली आपूर्ति को सामान्य रखने के लिए कर्मचारी लगातार सक्रिय हैं।
UPPCL अध्यक्ष ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
यूपीपीसीएल अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने मानसून के दौरान विद्युत आपूर्ति को लेकर अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में बिजली आपूर्ति में बाधा की संभावना बनी रहती है, इसलिए अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों का नियमित भ्रमण करें और जरूरी अनुरक्षण कार्य समय पर कराएं।
उन्होंने स्थानीय फॉल्ट को कम से कम समय में ठीक करने पर विशेष जोर दिया। साथ ही कहा कि आगामी त्योहारों को देखते हुए बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि पर्व के दौरान उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
बिजली फॉल्ट की जानकारी उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के निर्देश
UPPCL अध्यक्ष ने अधिकारियों से कहा है कि यदि स्थानीय दोष के कारण किसी क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बाधित होती है तो इसकी जानकारी उपभोक्ताओं तक सोशल मीडिया और अन्य उपलब्ध माध्यमों से पहुंचाई जाए।
सिर्फ फॉल्ट की सूचना देना ही नहीं, बल्कि बिजली आपूर्ति बहाल होने में लगने वाले संभावित समय की जानकारी भी साझा करने को कहा गया है। इससे उपभोक्ताओं को वास्तविक स्थिति का पता रहेगा और वे अनावश्यक परेशानियों से बच सकेंगे।
बिजली आपूर्ति के साथ सुरक्षा पर भी जोर
योगी सरकार की ऊर्जा व्यवस्था में बिजली आपूर्ति बनाए रखने के साथ उपभोक्ताओं की सुरक्षा को भी अहम माना जा रहा है। विभागीय टीमें नियमित निरीक्षण और मेंटेनेंस के जरिए संभावित खतरों को दूर करने में जुटी हैं।
UPPCL ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं बिजली का तार टूटा हुआ दिखाई दे या करंट लीकेज की आशंका हो तो उसके पास न जाएं और उसे छूने की कोशिश बिल्कुल न करें। ऐसी स्थिति में तत्काल नजदीकी बिजली कार्यालय या टोल फ्री नंबर 1912 पर सूचना दें।
बारिश के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। इसलिए बिजली के तारों और विद्युत उपकरणों से दूरी बनाए रखना जरूरी है।
नंगे या गीले पैर बिजली के उपकरण न छुएं
UPPCL के वितरण निदेशक ज्ञानेंद्र धर द्विवेदी ने भी बारिश और नमी के दौरान विद्युत सुरक्षा को लेकर लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
उन्होंने कहा कि नंगे या गीले पैर विद्युत उपकरणों और विद्युत तंत्र से दूर रहें। बारिश के दौरान पार्कों या विद्युतीकृत क्षेत्रों में जमा पानी में जाने से बचें। लोहे की जालियों और बाउंड्री से भी दूरी बनाए रखें।
घर के भीतर भी सावधानी उतनी ही जरूरी है। कूलर, फ्रिज, स्विच बोर्ड और अन्य विद्युत उपकरणों को गीले या नंगे पैर छूने से बचना चाहिए। खासकर ऐसे समय में जब फर्श पर पानी या नमी हो, बिजली के उपकरणों के इस्तेमाल में अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है।
त्योहारों से पहले बिजली व्यवस्था पर नजर
मानसून की चुनौतियों के साथ अब त्योहारों का दौर भी शुरू हो रहा है। ऐसे में बिजली विभाग के सामने एक साथ दो मोर्चे हैं—बारिश और आंधी से प्रभावित नेटवर्क को दुरुस्त रखना तथा बढ़ी हुई मांग के बीच आपूर्ति को सुचारु बनाए रखना।
UPPCL के निर्देशों के बाद अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने, स्थानीय फॉल्ट की त्वरित मरम्मत और उपभोक्ताओं को समय पर जानकारी देने पर जोर दिया गया है। फिलहाल कोशिश यही है कि मौसम चाहे जितना करवट बदले, यूपी के घरों की रोशनी और बिजली व्यवस्था पर उसका असर कम से कम पड़े।










