लखनऊ|22 जून 2026: राजधानी में हुए भीषण लखनऊ अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। अलीगंज स्थित एक बहुमंजिला इमारत में लगी आग में 15 छात्रों की दर्दनाक मौत के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने विशेष जांच दल (SIT) के गठन की घोषणा की है और सात दिन के भीतर रिपोर्ट तलब की है।
अलीगढ़ में निर्धारित कार्यक्रम के दौरान जैसे ही मुख्यमंत्री को हादसे की जानकारी मिली, उन्होंने अपना दौरा बीच में ही रद्द कर दिया और तत्काल लखनऊ रवाना हो गए। राजधानी पहुंचते ही उन्होंने सबसे पहले अग्निकांड स्थल का निरीक्षण किया और राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की।
लखनऊ अग्निकांड पर सीएम योगी का सख्त संदेश
घटनास्थल का जायजा लेने के बाद मुख्यमंत्री सीधे किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) पहुंचे, जहां उन्होंने घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उनका भावुक पक्ष भी सामने आया।
मृतकों के परिजनों को सांत्वना देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हम किसी की जिंदगी तो वापस नहीं लौटा सकते, लेकिन यह भरोसा जरूर दिलाते हैं कि इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घायलों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। केजीएमयू प्रशासन ने मुख्यमंत्री को सभी घायलों की स्थिति और उपचार संबंधी जानकारी दी।
हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की गई है।
दो सदस्यीय SIT करेगी जांच
देर रात मुख्यमंत्री आवास पर हुई उच्चस्तरीय बैठक में लखनऊ अग्निकांड की जांच के लिए दो सदस्यीय एसआईटी गठित करने का फैसला लिया गया। इस जांच दल में धर्मार्थ कार्य, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और लखनऊ जोन के एडीजी प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने जांच टीम को सात दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। साथ ही स्पष्ट कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
रद्द किए सभी आधिकारिक कार्यक्रम
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 23 जून को प्रस्तावित अपने सभी आधिकारिक कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं। उन्हें हाथरस में 548 करोड़ रुपये की 143 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करना था। इसके अलावा आगरा में विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक भी प्रस्तावित थी।
सरकारी सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री फिलहाल पूरे घटनाक्रम की निगरानी स्वयं कर रहे हैं और संबंधित विभागों से लगातार रिपोर्ट ले रहे हैं।
कैसे हुआ हादसा?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अलीगंज की जिस इमारत में आग लगी, उसके भूतल पर पेट शॉप संचालित थी जबकि पहली मंजिल पर उसका वेयरहाउस था। दूसरी मंजिल पर थ्री-डी एनीमेशन ट्रेनिंग सेंटर, गेमिंग जोन और छात्रों की कोचिंग कक्षाएं चल रही थीं।
दोपहर करीब ढाई बजे वेयरहाउस में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। ऊपरी मंजिलों पर मौजूद छात्र बाहर निकलने का रास्ता नहीं खोज सके और कई अंदर ही फंस गए।
पुलिस, दमकल विभाग और एसडीआरएफ की टीमों ने करीब दो घंटे तक राहत एवं बचाव अभियान चलाया। रेस्क्यू के दौरान 15 छात्रों के शव निकाले गए, जबकि कई छात्र गंभीर रूप से झुलस गए। जान बचाने के लिए कुछ छात्रों ने इमारत से छलांग भी लगाई, जिनमें कई गंभीर रूप से घायल हैं।
प्रारंभिक आशंका शॉर्ट सर्किट और एसी के कंप्रेसर में विस्फोट की जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारणों का खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
पूरे प्रदेश में शोक की लहर
लखनऊ अग्निकांड के बाद पूरे प्रदेश में शोक का माहौल है। प्रशासनिक अमले से लेकर राजनीतिक नेतृत्व तक सभी इस घटना को बेहद दुखद बता रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राहत, उपचार और जांच के हर पहलू में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए ताकि पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके।










