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‘नेशन फर्स्ट’ से बदला भारत, दुनिया की भरोसेमंद महाशक्ति बनने की राह पर देश- पीएम मोदी

On: June 22, 2026
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'नेशन फर्स्ट' से बदला भारत, दुनिया की भरोसेमंद महाशक्ति बनने की राह पर देश- पीएम मोदी
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नई दिल्ली, 22 जून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को भारत की आर्थिक, रणनीतिक और वैश्विक स्थिति को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि आज का भारत केवल दुनिया की सबसे तेज़ी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल नहीं है, बल्कि एक ऐसी विश्वसनीय शक्ति के रूप में उभरा है, जिस पर दुनिया भरोसा कर रही है। प्रधानमंत्री के अनुसार, Nation First Policy यानी ‘राष्ट्र प्रथम’ की सोच ने देश की दिशा और दशा दोनों बदल दी हैं।

एक मीडिया समूह के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बीते कुछ वर्षों में भारत के नागरिकों की सोच में अभूतपूर्व परिवर्तन आया है। पहले जहां बड़े लक्ष्यों को लेकर संदेह का माहौल रहता था, वहीं अब लोगों में यह विश्वास पैदा हुआ है कि कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। उन्होंने कहा कि यही आत्मविश्वास नए भारत की सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आया है।

जी-7 देशों के बीच बढ़ा भारत पर भरोसा

प्रधानमंत्री ने हाल ही में संपन्न जी-7 शिखर सम्मेलन का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया के बड़े देश अब भारत को अलग नजरिए से देख रहे हैं। उनके मुताबिक वैश्विक मंचों पर यह स्पष्ट दिखाई देता है कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय का भरोसा लगातार मजबूत हुआ है।

उन्होंने कहा कि Nation First Policy केवल एक नारा नहीं, बल्कि सरकार के हर निर्णय का आधार है। इसी सोच ने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

भारतीय उद्यमियों की सफलता पर जताया गर्व

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने प्रौद्योगिकी क्षेत्र की भारतीय कंपनी जोहो और उसके संस्थापक श्रीधर वेम्बू की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि जब भारतीय उद्यमी राष्ट्रहित को प्राथमिकता देते हुए काम करते हैं तो उसका लाभ पूरे देश को मिलता है।

फ्रांस में आयोजित विवाटेक कार्यक्रम का अनुभव साझा करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि वहां जोहो के स्टॉल पर यूरोप के युवाओं की भारी भीड़ देखकर उन्हें गर्व महसूस हुआ। उनके अनुसार यह भारतीय नवाचार और प्रतिभा की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण है।

माओवादी हिंसा पर कांग्रेस को घेरा

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले माओवादी हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में हालात बेहद गंभीर थे और वहां संविधान तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था की पहुंच कमजोर पड़ गई थी।

पीएम मोदी ने दावा किया कि 2004 से 2014 के बीच देश में माओवादी हिंसा की 17 हजार से अधिक घटनाएं दर्ज हुईं, जिनमें करीब 7 हजार लोगों की जान गई। उन्होंने कहा कि उस दौर में प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को भय और असुरक्षा के माहौल में जीवन बिताना पड़ता था।

आदिवासी क्षेत्रों में विकास की नई तस्वीर

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की 10 करोड़ से अधिक जनजातीय आबादी लंबे समय तक माओवादी आतंक से प्रभावित रही। हालांकि पिछले वर्षों में सुरक्षा और विकास को साथ लेकर चलने की रणनीति अपनाई गई, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों से माओवादी आतंकवाद लगभग समाप्ति की ओर है और जिन क्षेत्रों को कभी हिंसा के लिए जाना जाता था, वहां अब सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि देश में पिछले कुछ वर्षों के दौरान 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं, जिसमें आकांक्षी जिलों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

भारत की नई पहचान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि भारत आज केवल आर्थिक प्रगति की कहानी नहीं लिख रहा, बल्कि आने वाले हजार वर्षों की नींव भी तैयार कर रहा है। उनके अनुसार Nation First Policy के कारण भारत वैश्विक मंच पर एक भरोसेमंद, सक्षम और उभरती हुई महाशक्ति के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।

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