नई दिल्ली/27 सितंबर 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात 138वां एपिसोड के जरिए देशवासियों से संवाद किया। कार्यक्रम में उन्होंने 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक के 10 वर्ष पूरे होने के संदर्भ में भारतीय सेना की कार्रवाई को याद किया। इसके साथ ही बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति पर बात की।
पीएम मोदी ने 9/11 आतंकी हमले के 25 वर्ष पूरे होने का भी जिक्र किया और हमले में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में पूर्व विश्व हिंदू परिषद नेता अशोक सिंहल की जन्म शताब्दी, गुजरात के मोढेरा सूर्य मंदिर का इतिहास, पर्यावरण संरक्षण, पिग्मी हॉग संरक्षण, सुंदरबन के मैंग्रोव, नशामुक्ति और जनगणना जैसे कई विषय चर्चा में रहे।
मन की बात 138वां एपिसोड: सर्जिकल स्ट्राइक के 10 साल पूरे होने का जिक्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि 28-29 सितंबर 2016 को भारतीय सेना के जवानों ने नियंत्रण रेखा (LoC) पार कर आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई की थी। उन्होंने इसे आतंकवाद के खिलाफ भारत की प्रतिक्रिया के एक महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में याद किया।
पीएम मोदी ने कहा कि इसके बाद बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों के माध्यम से भी भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपने रुख को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि आज देश आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने 2008 के मुंबई आतंकी हमले और दिल्ली में हुए आतंकी हमलों को भी याद किया। इसके साथ ही अमेरिका में हुए 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमले की 25वीं बरसी के संदर्भ में पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी।
अशोक सिंहल की जन्म शताब्दी पर पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री ने पूर्व विश्व हिंदू परिषद अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंहल को उनकी जन्म शताब्दी पर याद किया। अशोक सिंहल का जन्म 27 सितंबर 1926 को आगरा में हुआ था।
पीएम मोदी ने राम जन्मभूमि आंदोलन में सिंहल की भूमिका का उल्लेख करते हुए उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि सिंहल ने अपना जीवन सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों के लिए समर्पित किया था।
मोढेरा सूर्य मंदिर का इतिहास भी चर्चा में
मन की बात में गुजरात के मोढेरा स्थित प्रसिद्ध सूर्य मंदिर का भी उल्लेख हुआ। प्रधानमंत्री ने इसके इतिहास को सोमनाथ मंदिर से जोड़ते हुए उस दौर की ऐतिहासिक घटनाओं का जिक्र किया।
उन्होंने बताया कि मोढेरा सूर्य मंदिर का निर्माण राजा भीमदेव प्रथम के शासनकाल में 11वीं शताब्दी में हुआ था। प्रधानमंत्री ने मंदिर की ऐतिहासिक विरासत के साथ इसके आधुनिक स्वरूप का भी उल्लेख किया और बताया कि मोढेरा आज सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी एक अलग पहचान बना चुका है।
जनगणना को बताया राष्ट्रीय दायित्व
प्रधानमंत्री ने देशवासियों से जनगणना में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने जनगणना को केवल सरकारी प्रक्रिया न मानकर नागरिकों की राष्ट्रीय जिम्मेदारी के रूप में देखने की बात कही।
जनगणना-2027 देश की पहली डिजिटल जनगणना है। इसमें नागरिकों के लिए स्व-गणना (Self-Enumeration) की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक जनगणना दो चरणों में हो रही है और दूसरे चरण में जनसंख्या संबंधी विस्तृत जानकारी दर्ज की जाएगी।
पीएम मोदी का जोर इस बात पर रहा कि नागरिक अपनी जानकारी सही तरीके से दर्ज कराएं, क्योंकि जनगणना से मिलने वाले आंकड़े भविष्य की नीतियों और योजनाओं के लिए आधार तैयार करते हैं।
मनप्पारई में विरासत बचाने की कोशिशों का जिक्र
प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली जिले के मनप्पारई का उदाहरण देते हुए स्थानीय लोगों की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि देश की पुरानी परंपराओं और विरासत को जीवित रखने में समाज की भागीदारी महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि ऐसे छोटे-छोटे स्थानीय प्रयास इतिहास को केवल किताबों तक सीमित नहीं रहने देते, बल्कि उसे अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का काम करते हैं।
सोनाई रुपाई में फिर लौटे हाथी
असम के सोनाई रुपाई वन्यजीव अभयारण्य का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने मानव और वन्यजीव के बीच संतुलन की जरूरत पर बात की।
उन्होंने बताया कि कभी हाथियों का बसेरा रहे इस क्षेत्र में समय के साथ मानवीय अतिक्रमण बढ़ गया था। करीब तीन साल पहले जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने के बाद अब हाथियों की वापसी देखने को मिल रही है।
यह उदाहरण बताता है कि जंगल और वन्यजीवों के लिए सुरक्षित प्राकृतिक क्षेत्र उपलब्ध कराने से संरक्षण के प्रयासों के परिणाम जमीन पर दिखाई दे सकते हैं।
छह पिग्मी हॉग से शुरू हुआ संरक्षण अभियान
प्रधानमंत्री ने असम में पिग्मी हॉग के संरक्षण की कहानी भी साझा की। कभी इस छोटे और दुर्लभ वन्यजीव के अस्तित्व पर गंभीर संकट था। संरक्षण कार्यक्रम की शुरुआत केवल छह पिग्मी हॉग के साथ की गई थी।
बाद में इनके लिए उपयुक्त घास के मैदान विकसित किए गए और इन्हें फिर से प्राकृतिक आवास में बसाने के प्रयास किए गए। पीएम मोदी ने बताया कि संरक्षण प्रयासों के बाद इनकी संख्या 190 से अधिक हो गई है।
सुंदरबन में महिलाएं बना रहीं मैंग्रोव का सुरक्षा-कवच
पश्चिम बंगाल के झारखाली की महिलाओं के प्रयासों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण और आजीविका के बीच बने संबंध की ओर ध्यान दिलाया।
इनमें कई महिलाएं ऐसी हैं, जिन्होंने बाघ के हमले में अपने पति खोए हैं। सुंदरबन ने ही उन्हें जीवन-यापन का सहारा दिया और अब वे मैंग्रोव के पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण में भूमिका निभा रही हैं।
मैंग्रोव के ये जंगल गांवों को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा देने में मदद करते हैं। साथ ही पौधरोपण से जुड़ी गतिविधियां महिलाओं के लिए आय का साधन भी बन रही हैं।
युवाओं का नशे के खिलाफ संकल्प
पीएम मोदी ने नशामुक्ति अभियान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवाओं ने नशे और ड्रग्स से दूर रहने का संकल्प लिया है।
उन्होंने युवाओं से खुद नशे से दूर रहने के साथ समाज में भी इसके खिलाफ जागरूकता फैलाने की अपील की। प्रधानमंत्री के संबोधन में यह संदेश साफ रहा कि नशामुक्ति को केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक भागीदारी से जुड़ा विषय बनाया जाना चाहिए।
मन की बात 138वां एपिसोड इस बार सुरक्षा और राष्ट्रीय दायित्व से लेकर इतिहास, पर्यावरण, वन्यजीव संरक्षण और युवाओं की सामाजिक भूमिका तक कई अलग-अलग विषयों को समेटे रहा। कार्यक्रम में स्थानीय स्तर पर हो रहे ऐसे प्रयासों को भी सामने रखा गया, जिनका असर समुदाय और पर्यावरण दोनों पर दिखाई दे रहा है।













