नई दिल्ली, 10 मार्च 2026। केंद्र सरकार ने बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में मंगलवार को अहम कदम उठाए। मोदी कैबिनेट के 6 बड़े फैसले सामने आए हैं, जिनकी कुल अनुमानित लागत करीब 8.8 लाख करोड़ रुपये बताई जा रही है। इन फैसलों में जल जीवन मिशन 2.0, मदुरै एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय दर्जा, रेलवे मल्टीट्रैकिंग परियोजनाएं और प्रमुख हाईवे कनेक्टिविटी से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इन निर्णयों का मकसद देश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, ग्रामीण क्षेत्रों तक सुविधाएं पहुंचाना और आर्थिक गतिविधियों को गति देना है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से आने वाले वर्षों में देश के कई राज्यों में विकास की रफ्तार तेज होगी।
मोदी कैबिनेट के 6 बड़े फैसले, कनेक्टिविटी और ग्रामीण विकास पर फोकस
कैबिनेट द्वारा लिए गए निर्णयों में सबसे महत्वपूर्ण जल जीवन मिशन को विस्तार देते हुए “जल जीवन मिशन 2.0” को मंजूरी देना है। सरकार ने इस मिशन की अवधि दिसंबर 2028 तक बढ़ाने का फैसला किया है। साथ ही इसके बजट को बढ़ाकर लगभग 8.69 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है।
इस चरण में मिशन का फोकस सिर्फ पानी की पाइपलाइन पहुंचाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ग्रामीण पेयजल आपूर्ति प्रणाली में संरचनात्मक सुधार (structural reforms), जल स्रोतों के संरक्षण और स्थायी जल प्रबंधन पर भी जोर दिया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इससे गांवों में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा बदलाव आएगा।
मदुरै एयरपोर्ट को मिला अंतरराष्ट्रीय दर्जा
कैबिनेट ने तमिलनाडु के मदुरै एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का दर्जा देने को भी मंजूरी दी है। इससे दक्षिण भारत के इस महत्वपूर्ण धार्मिक और पर्यटन केंद्र को वैश्विक कनेक्टिविटी मिलेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत से यहां पर्यटन, व्यापार और निवेश को नई गति मिल सकती है। इसके अलावा स्थानीय उद्योगों और छोटे कारोबारों के लिए भी वैश्विक बाजार तक पहुंच आसान होगी।
रेलवे नेटवर्क में बढ़ेगी क्षमता
रेलवे क्षेत्र में भी दो महत्वपूर्ण मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई है। इनमें शामिल हैं:
- सैंथिया–पाकुड़ चौथी रेल लाइन
- संतरागाछी–खड़गपुर चौथी रेल लाइन
इन दोनों परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत करीब 4474 करोड़ रुपये है। इनके पूरा होने से रेलवे नेटवर्क में लगभग 192 किलोमीटर की अतिरिक्त क्षमता जुड़ेगी।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इन परियोजनाओं से 5652 गांवों और लगभग 1.47 करोड़ लोगों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। योजना है कि इन्हें 2030–31 तक पूरा कर लिया जाए।
हाईवे और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को भी मंजूरी
कैबिनेट ने मध्य प्रदेश में बदनावर–थांदला–टिमरवानी हाईवे को चार लेन में विकसित करने का भी निर्णय लिया है। इससे क्षेत्रीय परिवहन को गति मिलेगी और व्यापारिक गतिविधियों को नया आधार मिलेगा।
इसके अलावा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) को फरीदाबाद की ओर से जोड़ने की परियोजना को भी मंजूरी दी गई है। इस कनेक्टिविटी से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
विकास और कनेक्टिविटी पर सरकार का जोर
विश्लेषकों का मानना है कि मोदी कैबिनेट के 6 बड़े फैसले बुनियादी ढांचे, ग्रामीण जल आपूर्ति और परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
सरकार की रणनीति साफ नजर आती है—एक तरफ ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करना और दूसरी तरफ रेल, सड़क और हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत कर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना।
आने वाले वर्षों में इन परियोजनाओं का असर न सिर्फ स्थानीय स्तर पर बल्कि देश की समग्र आर्थिक वृद्धि पर भी दिखाई देने की उम्मीद जताई जा रही है।











