लखनऊ, 23 अप्रैल 2026 (गुरुवार)। उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। बेमौसम बारिश से प्रभावित फसल के बीच सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए MSP पर गेहूं खरीद को 15 जून तक जारी रखने का निर्देश दिया है। खास बात यह है कि गुणवत्ता में कमी के बावजूद किसानों को पूरा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) मिलेगा—बिना किसी कटौती के।
सरकार के इस फैसले को ऐसे समय में अहम माना जा रहा है, जब बारिश और मौसम की अनिश्चितता ने किसानों की मेहनत पर असर डाला है। अब यह कदम उनके नुकसान को कुछ हद तक संतुलित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
MSP पर गेहूं खरीद: खराब गुणवत्ता वाला अनाज भी खरीदा जाएगा
रबी विपणन वर्ष 2026-27 में राज्य सरकार के अनुरोध पर केंद्र ने बड़ा फैसला लिया है। बेमौसम बारिश से गेहूं के दानों में आई सिकुड़न और चमक की कमी को देखते हुए अब ऐसे गेहूं की भी खरीद की जाएगी।
नई व्यवस्था के तहत:
- 70% तक चमकविहीन (dull) गेहूं
- 20% तक सिकुड़ा और टूटा गेहूं
सरकारी क्रय केंद्रों पर MSP पर बिना कटौती स्वीकार किया जाएगा।
यह निर्णय उन किसानों के लिए राहत लेकर आया है, जिनकी फसल मौसम की मार झेल चुकी है और जिन्हें बाजार में उचित कीमत मिलने की उम्मीद कम थी।
सत्यापन न होने पर भी किसानों से होगी खरीद
सरकार ने प्रक्रिया को और सरल बनाते हुए एक और अहम फैसला लिया है। जिन किसानों का पंजीकरण सत्यापन (verification) अभी तक पूरा नहीं हुआ है, उनसे भी गेहूं खरीदा जाएगा।
क्रय केंद्र प्रभारी अब किसानों के राजस्व और चकबंदी अभिलेखों का मौके पर मिलान कर खरीद सुनिश्चित करेंगे। इससे उन किसानों को राहत मिलेगी जो तकनीकी कारणों से अब तक खरीद प्रक्रिया से बाहर थे।
15 जून तक जारी रहेगी MSP पर गेहूं खरीद
प्रदेश के सभी जिलों में स्थापित क्रय केंद्रों पर 15 जून 2026 तक लगातार गेहूं खरीद जारी रहेगी। सरकार ने निर्देश दिया है कि किसी भी किसान का गेहूं खरीद से वंचित न रहे।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए टोकन व्यवस्था लागू रहेगी। किसान अपनी सुविधा के अनुसार टोकन लेकर तय तारीख पर केंद्र पर पहुंचकर गेहूं बेच सकते हैं।
किसी भी समस्या की स्थिति में किसान टोल-फ्री नंबर 18001800150 पर संपर्क कर सकते हैं।
18 मंडलों में नोडल अधिकारी तैनात, होगी सख्त निगरानी
व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारु बनाए रखने के लिए प्रदेश के सभी 18 मंडलों में वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
ये अधिकारी नियमित रूप से:
- क्रय केंद्रों का निरीक्षण करेंगे
- किसानों से संवाद करेंगे
- खरीद प्रक्रिया की समीक्षा करेंगे
साथ ही, जरूरत पड़ने पर बैठक कर व्यवस्था में सुधार सुनिश्चित करेंगे।
सरकार का संदेश: नुकसान के बीच किसानों के साथ खड़ी है व्यवस्था
इस पूरे निर्णय में एक स्पष्ट संकेत दिखता है—सरकार किसानों को बाजार की अनिश्चितताओं के भरोसे नहीं छोड़ना चाहती। MSP पर गेहूं खरीद का दायरा बढ़ाकर यह सुनिश्चित करने की कोशिश है कि खेत से मंडी तक किसान की मेहनत का सम्मान बना रहे।
मौसम की मार के बीच यह फैसला किसानों के लिए केवल आर्थिक राहत नहीं, बल्कि भरोसे की एक नई परत भी जोड़ता है।










