नई दिल्ली/6 अक्टूबर 2026: नेशनल हाईवे पर सफर के दौरान टोल प्लाजा का टॉयलेट गंदा मिले तो अब उसे नजरअंदाज करने की जरूरत नहीं है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने यात्रियों को गंदे टॉयलेट की शिकायत करने के लिए ₹1,000 के FASTag रिचार्ज का इनाम देने वाली पहल शुरू की है। इसके लिए यात्री को निर्धारित प्रक्रिया के तहत टॉयलेट की तस्वीर अपलोड करनी होगी।
NHAI की यह पहल ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान से जुड़ी है। इसका मकसद राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रियों के लिए उपलब्ध टॉयलेट और दूसरी सार्वजनिक सुविधाओं की स्वच्छता तथा यूजर एक्सपीरियंस में सुधार करना है।
NHAI का ₹1000 FASTag रिचार्ज कैसे मिलेगा?
NHAI ने सितंबर 2025 में #CleanToiletPictureChallenge शुरू किया था। अब इस नागरिक-केंद्रित पहल को 30 जून 2027 तक बढ़ा दिया गया है। यानी योग्य यात्री आगे भी हाईवे पर गंदे टॉयलेट की शिकायत करके इनाम के लिए दावा कर सकते हैं।
शिकायत करने के लिए यात्रियों को ‘राजमार्गयात्रा’ मोबाइल ऐप के लेटेस्ट वर्जन का इस्तेमाल करना होगा। गंदे टॉयलेट की स्पष्ट तस्वीर खींचकर उसे ऐप के जरिए अपलोड करना होगा। तस्वीर जियो-टैग और टाइम-स्टैम्प वाली होनी चाहिए।
रिपोर्ट जमा करते समय यात्री को अपना नाम, लोकेशन, व्हीकल रजिस्ट्रेशन नंबर (VRN) और मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराना होगा।
एक VRN को सिर्फ एक बार मिलेगा इनाम
सही और सत्यापित शिकायत मिलने पर संबंधित VRN से लिंक FASTag में ₹1,000 का रिचार्ज किया जाएगा। ध्यान देने वाली बात यह है कि पूरी योजना अवधि में एक VRN केवल एक बार ही इस इनाम का पात्र होगा।
यह रकम नकद या किसी दूसरे खाते में ट्रांसफर नहीं की जाएगी। इनाम FASTag रिचार्ज के रूप में ही मिलेगा।
अगर एक ही दिन किसी एक टॉयलेट के बारे में कई लोगों ने शिकायत दर्ज की है, तो केवल ऐप के माध्यम से जमा की गई पहली वैध रिपोर्ट पर विचार किया जाएगा। इसलिए तस्वीर लेते समय यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि शिकायत सही तरीके से और निर्धारित प्रक्रिया के तहत दर्ज हो।
2026 में अब तक 429 यात्रियों को मिला इनाम
NHAI के अनुसार, 2026 में अब तक करीब 429 यात्रियों को इस पहल के तहत FASTag रिचार्ज का इनाम दिया जा चुका है। हालांकि, हर गंदे टॉयलेट की शिकायत इस योजना के दायरे में नहीं आती।
यह सुविधा केवल उन्हीं टॉयलेट के लिए लागू है जिन्हें NHAI ने बनाया, संचालित किया या जिनका रखरखाव NHAI की जिम्मेदारी में है। पेट्रोल पंपों, रिटेल फ्यूल स्टेशनों, ढाबों अथवा अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बने टॉयलेट इस योजना में शामिल नहीं हैं।
शिकायतों की होगी जांच
NHAI द्वारा प्राप्त तस्वीरों और शिकायतों की जांच की जाएगी। इसके लिए AI-असिस्टेड स्क्रीनिंग का इस्तेमाल किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर मैनुअल वेरिफिकेशन भी किया जा सकता है। यानी केवल इनाम पाने के लिए गलत या पुरानी तस्वीर अपलोड करना काम नहीं आएगा।
इस पहल के जरिए NHAI यात्रियों को हाईवे सुविधाओं की स्थिति की जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी में भागीदार बनाना चाहता है। सड़क पर सफर करने वालों के लिए साफ टॉयलेट जैसी बुनियादी सुविधा छोटी बात लग सकती है, लेकिन लंबे सफर में इसका महत्व काफी बढ़ जाता है।













