नई दिल्ली/06 अगस्त 2026: संसद ने वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान सरकार द्वारा किए गए अतिरिक्त खर्च को वैधानिक मंजूरी देने वाले विनियोग (संख्यांक-3) विधेयक को पारित कर दिया है। इस विधेयक के जरिए सरकार ने उन खर्चों को संसद की स्वीकृति दिलाई है, जो पहले से स्वीकृत बजटीय राशि से अधिक हुए थे। हालांकि, इस दौरान राज्यसभा में विपक्ष ने छात्र प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया, जिससे सदन में राजनीतिक माहौल गर्म रहा।
विनियोग विधेयक से अतिरिक्त सरकारी खर्च को मिली मंजूरी
राज्यसभा की कार्यवाही तीन बार स्थगित होने के बाद दोपहर 2:45 बजे शुरू हुई। इसके बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विनियोग (संख्यांक-3) विधेयक को चर्चा और पारित कराने के लिए सदन में पेश किया।
यह विधेयक वित्त वर्ष 2022-23 में सरकार द्वारा किए गए उस अतिरिक्त व्यय को वैधानिक स्वीकृति देता है, जो पहले स्वीकृत बजट से अधिक था। इस प्रक्रिया के जरिए सरकार भारत की संचित निधि (Consolidated Fund of India) से खर्च की गई राशि को संवैधानिक मंजूरी दिलाती है।
विपक्ष ने छात्र प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया
विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर सरकार को घेरा। विपक्षी सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह से सदन में बयान देने की मांग की। मांग पूरी नहीं होने पर विपक्षी सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन (वॉकआउट) किया।
राजनीतिक विरोध के बावजूद सदन में विधेयक पर संक्षिप्त चर्चा जारी रही।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने क्या कहा?
चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया कि यह अनुदान की अनुपूरक मांगें (Supplementary Demands for Grants) 31 मार्च 2023 को समाप्त हुए वित्त वर्ष में हुए अतिरिक्त खर्च को नियमित करने के लिए लाई गई हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि अतिरिक्त बजट की यह प्रक्रिया लोक लेखा समिति (Public Accounts Committee – PAC) की सिफारिश के आधार पर अपनाई गई है। उल्लेखनीय है कि पीएसी की अध्यक्षता परंपरागत रूप से विपक्ष के सांसद के पास होती है।
आम लोगों पर क्या होगा असर?
इस विनियोग विधेयक का आम नागरिकों पर कोई प्रत्यक्ष आर्थिक बोझ नहीं पड़ता। इसका उद्देश्य पहले ही किए जा चुके सरकारी खर्च को संसद की मंजूरी देकर वित्तीय प्रक्रिया को कानूनी रूप से पूरा करना है। यह सरकार की वित्तीय जवाबदेही और संसदीय नियंत्रण की संवैधानिक व्यवस्था का हिस्सा माना जाता है।
ध्वनिमत से पारित हुआ विधेयक
वित्त मंत्री के जवाब के बाद राज्यसभा ने विनियोग (संख्यांक-3) विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया। इससे पहले यह विधेयक लोकसभा से भी मंजूरी प्राप्त कर चुका था। अब वित्त वर्ष 2022-23 के अतिरिक्त सरकारी व्यय को विधिक स्वीकृति मिल गई है।













