लखनऊ, रविवार/20 सितंबर 2026। लंबे समय से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए रविवार का दिन खास रहा। यूपी पुलिस में चयनित अभ्यर्थियों को जब नियुक्ति पत्र मिला तो चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। किसी ने इसे अपनी वर्षों की मेहनत का परिणाम बताया तो किसी ने कहा कि माता-पिता का खाकी वर्दी का सपना अब पूरा हुआ है। नवचयनित अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बताते हुए कहा कि चयन के लिए उन्हें न सिफारिश की जरूरत पड़ी और न किसी तरह के लेनदेन का सहारा लेना पड़ा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। नियुक्ति पत्र हाथ में आते ही अभ्यर्थियों और उनके परिजनों की वर्षों की मेहनत जैसे एक पल में सामने आ गई। किसी परिवार के लिए यह रोजगार मिलने की खुशी थी तो किसी के लिए बचपन से देखे गए सपने के सच होने का दिन।
यूपी पुलिस में काबिलियत से मिली नौकरी, अभ्यर्थियों ने साझा किया अनुभव
सहायक उपनिरीक्षक के पद पर चयनित लखनऊ की दर्शना बाजपेई ने कहा कि उन्हें अपनी पढ़ाई और तैयारी पर भरोसा था। उनके अनुसार पूरी भर्ती प्रक्रिया के दौरान कहीं भी लेनदेन या किसी तरह की बाहरी सहायता लेने की आवश्यकता नहीं पड़ी। उन्होंने चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बताते हुए कहा कि अब वह पूरी ऊर्जा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्व का निर्वहन करेंगी।
दर्शना ने भर्ती व्यवस्था को लेकर संतोष जताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
खाकी पहनने का सपना हुआ साकार
लखनऊ के संजीव वर्मा के लिए नियुक्ति पत्र मिलना वर्षों पुराने सपने के पूरा होने जैसा रहा। उन्होंने कहा कि खाकी पहनना उनका सपना था और अब यह सपना साकार हो गया है।
संजीव के मुताबिक उनका चयन बिना भेदभाव और रिश्वत के उनकी काबिलियत के आधार पर हुआ। उन्होंने कहा कि जब भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी होती है तो युवाओं को अपनी योग्यता के दम पर सरकारी सेवा में आने का भरोसा मिलता है। उनके मुताबिक इससे युवाओं को ईमानदारी से तैयारी करने की प्रेरणा भी मिलती है।
माता-पिता ने देखा था खाकी वर्दी का सपना
उपनिरीक्षक गोपनीय के पद पर चयनित लखनऊ की रुचि यादव ने नियुक्ति पत्र मिलने पर अपने माता-पिता को याद किया। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता ने उन्हें इस मुकाम पर देखने का सपना देखा था और आज उसे पूरा करने का अवसर मिला है।
रुचि ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के साथ भाई-बहन, शिक्षकों और मित्रों के सहयोग को दिया। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पुलिस भर्ती बोर्ड के अधिकारियों का आभार जताया।
मेहनत को सही माहौल मिले तो पूरे होते हैं सपने
सहायक उपनिरीक्षक लिपिक के पद पर चयनित लखनऊ की स्वाति भट्ट ने कहा कि नियुक्ति पत्र हाथ में लेकर उन्हें गर्व महसूस हो रहा है। उनका कहना था कि जब मेहनत को निष्पक्ष और उचित वातावरण मिलता है, तभी सपनों को मंजिल मिलती है।
स्वाति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने और अपने परिवार की ओर से धन्यवाद दिया और शुभकामनाएं व्यक्त कीं।
इन अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने सौंपे नियुक्ति पत्र
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलग-अलग जिलों से चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इनमें अमेठी के अमित सिंह, बाराबंकी की रिया मौर्या, कानपुर शहर की नीलम निषाद, लखनऊ की दर्शना बाजपेई, वाराणसी के विशाल कुमार गौड़, कानपुर देहात के आलोक कुमार पाल, झांसी के अनुराग खटीक, मैनपुरी के मोहम्मद आमिर और जालौन के सिद्धार्थ सक्सेना शामिल रहे।
इसके अलावा झांसी के आदर्श कुमार जैन, लखीमपुर खीरी के रजत गुप्ता, उन्नाव की अंजू भारती, रायबरेली के अभिषेक सिंह चौहान, महराजगंज के सागर चौरसिया, मेरठ के मनीष यादव, प्रतापगढ़ के विकास कुमार पटेल, बांदा के धीरेन्द्र सिंह को भी नियुक्ति पत्र दिया गया।
लखनऊ के संजीव वर्मा, सिद्धार्थ श्रीवास्तव और हिमांशु शुक्ला को भी मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र सौंपा।
नियुक्ति पत्र पाने वाले इन युवाओं के लिए यह महज सरकारी नौकरी हासिल करने का अवसर नहीं, बल्कि लंबे समय तक की गई तैयारी, परिवार के सहयोग और अपने लक्ष्य पर टिके रहने का परिणाम रहा। अब चयनित अभ्यर्थियों के सामने पुलिस सेवा की जिम्मेदारियों को निभाने की नई चुनौती है।










