नई दिल्ली/7 अगस्त 2026: संसद के हंगामेदार मानसून सत्र के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को 45 NDA सांसदों के साथ नाश्ते पर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सांसदों से सदन के भीतर होने वाली तीखी बहस और तनाव को व्यक्तिगत रूप से बाहर न ले जाने की सलाह दी। प्रधानमंत्री ने सांसदों से सार्वजनिक जीवन में संयम और गरिमा बनाए रखने के साथ-साथ ‘लुटियंस दिल्ली के जाल’ से बचने को कहा।
PM मोदी की सांसदों को नसीहत, गुस्से से बचें और गरिमा बनाए रखें
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों से कहा कि संसद के भीतर किसी मुद्दे को लेकर पैदा होने वाली चिंता को सदन के बाहर अपने साथ लेकर न जाएं। उन्होंने सांसदों को हर परिस्थिति में शांत रहकर अपनी बात रखने की सलाह दी।
प्रधानमंत्री ने कथित तौर पर कहा कि गुस्से में बोलने या सदन में चिल्लाने की जरूरत नहीं है। सांसदों को अपनी पार्टी की लाइन और मुद्दों की जानकारी होती है, इसलिए उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात जनता और सदन के सामने रखनी चाहिए।
यह सलाह ऐसे समय में सामने आई है जब मानसून सत्र के दौरान संसद में कई मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल रही है।
टीवी पर गैरजरूरी बयान से बचने की सलाह
नाश्ते पर हुई बैठक में प्रधानमंत्री ने सांसदों के सार्वजनिक बयानों को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी। सूत्रों के अनुसार उन्होंने कहा कि सांसदों को टेलीविजन पर गैरजरूरी बातें नहीं करनी चाहिए और हर समय अपनी सार्वजनिक गरिमा बनाए रखनी चाहिए।
सांसदों के लिए संदेश साफ था—संसद में राजनीतिक बहस अपनी जगह है, लेकिन व्यक्तिगत प्रतिक्रिया और सार्वजनिक बयानबाजी में संयम जरूरी है।
सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने और युवाओं से जुड़ने को कहा
प्रधानमंत्री मोदी ने NDA सांसदों से युवाओं के साथ संवाद बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने सांसदों को Facebook, Instagram और X जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहने तथा युवाओं से सीधे जुड़ने की सलाह दी।
उन्होंने सांसदों से सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और कामों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के साथ युवाओं को खेल गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही।
आज की राजनीति में सोशल मीडिया केवल प्रचार का माध्यम नहीं रह गया है। खासकर युवा मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाने के लिए सांसदों की डिजिटल मौजूदगी लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है।
उद्धव ठाकरे और ममता बनर्जी के बागी गुट भी बैठक में शामिल
प्रधानमंत्री के साथ हुई इस बैठक में उद्धव ठाकरे की शिवसेना और ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के बागी गुट के सांसदों की मौजूदगी भी बताई गई है।
ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर बनी नेशनलिस्ट सिटिजन पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के नेता जगदीश बसुनिया ने बैठक को सौहार्दपूर्ण बताया।
बसुनिया के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने NDA को एक परिवार बताते हुए सामूहिक पहचान पर जोर दिया और जनहित में मिलकर काम करने का संदेश दिया।
‘NDA परिवार’ के रूप में मिलकर काम करने का संदेश
बैठक के बाद बसुनिया ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ नाश्ते पर बातचीत अच्छी रही। उनके अनुसार प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी लोग NDA परिवार का हिस्सा हैं और जनहित के लिए मिलकर काम करना चाहिए।
नाश्ते पर हुई यह बैठक ऐसे समय हुई है जब संसद का मानसून सत्र राजनीतिक रूप से काफी सक्रिय है। प्रधानमंत्री की सांसदों को दी गई सलाह में एक तरफ सदन के भीतर संयम बनाए रखने पर जोर दिखा, तो दूसरी तरफ सोशल मीडिया और युवाओं के बीच सक्रिय संवाद बढ़ाने का संदेश भी सामने आया।











