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मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पहुंचे पीएम मोदी, बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी की यादें ताजा कर बोले- क्रिकेट भारत-ऑस्ट्रेलिया की साझा पहचान

On: July 10, 2026
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मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पहुंचे पीएम मोदी, बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी की यादें ताजा कर
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नई दिल्ली,10 जुलाई 2026: ऑस्ट्रेलिया के तीन दिवसीय दौरे के अंतिम दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रतिष्ठित मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) का दौरा किया और भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों में क्रिकेट की अहम भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने 2023 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी की यादें साझा करते हुए कहा कि क्रिकेट दोनों देशों के बीच केवल एक खेल नहीं, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव और साझी पहचान का माध्यम बन चुका है। इस दौरान उन्होंने भारत की वैश्विक खेल आयोजनों की मेजबानी की तैयारियों और दोनों देशों के बीच खेल सहयोग के नए रोडमैप पर भी विस्तार से बात की।

चेन्नई में होगा बिग बैश लीग का ऐतिहासिक आगाज

मेलबर्न में आयोजित संयुक्त कार्यक्रम के दौरान ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने घोषणा की कि 2026-27 बिग बैश लीग (BBL) सीजन का पहला मुकाबला भारत में खेला जाएगा। दिसंबर में चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में मेलबर्न रेनेगेड्स और पर्थ स्कॉचर्स के बीच उद्घाटन मैच होगा। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने भी इसकी पुष्टि की है। यह पहली बार होगा जब बिग बैश लीग का कोई मुकाबला ऑस्ट्रेलिया से बाहर आयोजित किया जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि भारत में अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी से खेलों को व्यापक दर्शक वर्ग मिलता है और वैश्विक खेल संस्कृति को नई ऊर्जा मिलती है।

2030 राष्ट्रमंडल खेल और 2036 ओलंपिक पर भारत की बड़ी तैयारी

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत खेल अवसंरचना को तेजी से मजबूत कर रहा है। उन्होंने बताया कि देश 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की दिशा में आगे बढ़ रहा है और 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भी गंभीर प्रयास कर रहा है।

उन्होंने कहा कि ऐसे वैश्विक आयोजनों से न केवल खेल सुविधाओं का विस्तार होगा, बल्कि युवाओं को विश्वस्तरीय अवसर भी मिलेंगे। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 2032 ओलंपिक की मेजबानी ब्रिस्बेन करेगा और भारत भी भविष्य के बड़े आयोजनों के लिए अपनी तैयारी मजबूत कर रहा है।

बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी की यादों से भावुक हुए पीएम मोदी

पीएम मोदी मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड दौरे के दौरान 2023 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी से जुड़ी यादों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में प्रवेश करते ही किसी भी भारतीय के मन में दो भावनाएं एक साथ जागती हैं—पहली भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रोमांचक मुकाबलों की स्मृतियां और दूसरी क्रिकेट के जरिए दोनों देशों के बीच बने गहरे रिश्तों का एहसास।

उन्होंने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान हुए ऐतिहासिक मुकाबलों को याद करते हुए कहा कि क्रिकेट ने भारत और ऑस्ट्रेलिया को केवल प्रतिस्पर्धी नहीं, बल्कि भरोसेमंद साझेदार भी बनाया है।

अल्बानीज बोले- क्रिकेट ने दोनों देशों को और करीब लाया

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने प्रधानमंत्री मोदी का मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में स्वागत करते हुए भारत-ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट प्रतिद्वंद्विता को दुनिया की सबसे रोमांचक खेल प्रतिस्पर्धाओं में से एक बताया।

उन्होंने कहा कि 2024-25 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान मेलबर्न टेस्ट में पांच दिनों में लगभग 3.70 लाख दर्शकों की मौजूदगी ने 90 वर्ष पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया था। अल्बानीज ने क्रिकेट दिग्गज लीसा स्थालेकर और स्टीव वॉ के योगदान का भी उल्लेख करते हुए दोनों देशों के खेल संबंधों को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता जताई।

भारत-ऑस्ट्रेलिया स्पोर्ट्स रोडमैप का हुआ अनावरण

दोनों प्रधानमंत्रियों ने इस अवसर पर भारत-ऑस्ट्रेलिया खेल सहयोग रोडमैप भी जारी किया। इस पहल का उद्देश्य क्रिकेट से आगे बढ़कर खेल प्रशिक्षण, खेल विज्ञान, खेल प्रौद्योगिकी, अनुसंधान, क्षमता निर्माण, निवेश और खेल उद्योग में सहयोग को नई दिशा देना है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह रोडमैप भविष्य में खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करेगा तथा दोनों देशों के बीच व्यापार और पर्यटन के नए अवसर भी पैदा करेगा।

‘ग्रो मोर, अचीव मोर’ से युवाओं को दिया संदेश

एमसीजी कार्यक्रम से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ कार्यक्रम में 30 हजार से अधिक प्रवासी भारतीयों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में यह उनकी ऑस्ट्रेलिया की तीसरी यात्रा है और इसे उन्होंने अपनी “हैट्रिक” बताया।

उन्होंने भारत के युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि आज का भारत “Grow More, Achieve More” के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है। उनका कहना था कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि खेल, विज्ञान, नवाचार और वैश्विक नेतृत्व में भी देश नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है।

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