नई दिल्ली, 10 जुलाई 2026: देशभर में सक्रिय मानसून अब राहत के साथ बड़ी चुनौती भी बनता जा रहा है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने उत्तर भारत से लेकर पश्चिमी राज्यों तक जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने शुक्रवार को दिल्ली समेत 17 राज्यों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। वहीं उत्तर प्रदेश में बारिश, आकाशीय बिजली और अन्य हादसों में 19 लोगों की मौत हो गई है। कई शहरों में जलभराव, सड़क धंसने, पेड़ गिरने और यातायात बाधित होने की घटनाएं सामने आई हैं।
दिल्ली-एनसीआर में बारिश ने खोली तैयारियों की पोल
गुरुवार तड़के शुरू हुई तेज बारिश ने दिल्ली, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में नगर निकायों की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए। राजधानी के कई इलाकों में सड़कें पानी में डूब गईं, अंडरपास जलमग्न हो गए और लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला।
दिल्ली के भोगल अंडरपास में पानी भरने से एक लग्जरी कार फंस गई, जबकि ईस्ट ऑफ कैलाश और रोहिणी में पेड़ गिरने से वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। गाजियाबाद के वसुंधरा सेक्टर-13 में करीब 15 फीट सड़क धंसने से एक कार गड्ढे में समा गई। कई आवासीय सोसायटियों में जलभराव के कारण 200 से अधिक वाहन खराब होने की सूचना है।
उत्तर प्रदेश में बारिश और वज्रपात से 19 लोगों की मौत
IMD Rain Alert के बीच उत्तर प्रदेश में मानसून ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई। राज्य में बारिश से जुड़े हादसों और वज्रपात में 19 लोगों की जान चली गई।
बुलंदशहर के मुंडाखेड़ा गांव में मकान की दीवार गिरने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। गाजियाबाद के विजयनगर क्षेत्र में घर के बाहर जलभराव में डूबने से तीन वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। मसूरी इलाके में नाले में गिरने से सात वर्षीय बच्चे की भी जान चली गई।
इंदिरापुरम के ज्ञानखंड में बारिश के दौरान ट्रांसफार्मर में करंट उतरने से एक सोसायटी चौकीदार की मौत हो गई। वहीं पूर्वांचल के चार जिलों में आकाशीय बिजली गिरने से सात लोगों की जान चली गई।
60 से अधिक जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश के 60 से अधिक जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है।
वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से सक्रिय हुआ मौसम तंत्र मध्य प्रदेश के पास पहुंच चुका है, जिसका सीधा असर उत्तर प्रदेश पर दिखाई दे रहा है। इसके कारण पूरे प्रदेश में पूर्व से पश्चिम तक लगातार बारिश का सिलसिला जारी है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिनों तक अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होती रहेगी।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा असर
मेरठ, बिजनौर, सहारनपुर, बुलंदशहर और मुजफ्फरनगर जैसे जिलों में भारी बारिश से सड़कें जलमग्न हो गईं। कई ग्रामीण इलाकों का संपर्क टूट गया है। बिजनौर में पिछले 24 घंटों के दौरान 306 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो प्रदेश में सबसे अधिक रही।
लगातार बारिश के कारण गंगा और यमुना दोनों नदियों के जलस्तर में भी वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
उत्तराखंड और हिमाचल में भूस्खलन से बढ़ी मुश्किलें
उत्तराखंड में लगातार बारिश के चलते पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। राज्य में 84 से अधिक संपर्क मार्ग भूस्खलन के कारण बंद हो गए हैं। नैनीताल झील का जलस्तर बढ़ने के बाद नौकायन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है, जबकि चारधाम यात्रा मार्ग भी कई स्थानों पर प्रभावित हुआ है।
बारिश को देखते हुए राज्य के कई जिलों में शुक्रवार को स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया।
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में तेज बहाव के कारण करीब 100 फीट लंबा बेली ब्रिज पानी में डूब गया। कई इलाकों में भूस्खलन और बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है।
गुजरात और महाराष्ट्र में भी भारी तबाही
गुजरात के सूरत में लगातार बारिश से जुड़े हादसों में नौ लोगों की मौत हो गई है। बाढ़ जैसे हालात के बीच करीब 3,900 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सूरत पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की।
महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में बाढ़ के दौरान एचपीसीएल के बॉटलिंग प्लांट से लगभग 3,000 गैस सिलेंडर पातालगंगा नदी में बह गए। वहीं पुणे में इमारत गिरने की घटना में एनडीआरएफ ने अब तक नौ लोगों को सुरक्षित निकाला है, जबकि मलबे में कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका बनी हुई है।
मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने जिन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, वहां लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों में सतर्क रहने और आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों में न जाने की अपील की है। स्थानीय प्रशासन को भी संभावित आपदा की स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।











