गोरखपुर|21 मई 2026। खेल अब केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि नई पीढ़ी के आत्मविश्वास, अनुशासन और अवसरों का माध्यम बन रहे हैं। इसी संदेश के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को गोरखपुर के रामगढ़ताल में आयोजित 46वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप के समापन समारोह में खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के कारण देश और उत्तर प्रदेश में खेलों के लिए एक मजबूत और आधुनिक स्पोर्ट्स इको सिस्टम तैयार हुआ है।
मुख्यमंत्री ने विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए कहा कि बीते वर्षों में खेल क्षेत्र को जिस तरह प्राथमिकता मिली है, उसने युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए नए मंच उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, सुविधाओं और प्रोत्साहन के लिए लगातार काम कर रही है।
स्पोर्ट्स इको सिस्टम का उदाहरण बना गोरखपुर का रामगढ़ताल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोरखपुर का रामगढ़ताल इस बदलाव की एक प्रमुख मिसाल है। उनके अनुसार, कुछ वर्ष पहले तक यह क्षेत्र उपेक्षा और अव्यवस्था की पहचान माना जाता था, लेकिन आज यहां राष्ट्रीय स्तर की जल क्रीड़ा प्रतियोगिताएं आयोजित हो रही हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण की संभावनाएं विकसित हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि खेलों को बढ़ावा देने के लिए केवल स्टेडियम बनाना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि खिलाड़ियों के लिए ऐसा वातावरण तैयार करना जरूरी है जहां प्रशिक्षण, प्रतियोगिता और भविष्य के अवसर एक साथ उपलब्ध हों।
सीएम ने युवाओं से अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने की अपील करते हुए कहा कि खिलाड़ी का व्यक्तित्व टीम भावना, अनुशासन और निरंतर आगे बढ़ने की सोच से बनता है। उन्होंने ‘चरैवेति-चरैवेति’ को जीवन का प्रेरक मंत्र बताया।
रामगढ़ताल को वाटर स्पोर्ट्स की नई पहचान बनाने की तैयारी
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि रामगढ़ताल अब उत्तर प्रदेश के उभरते हुए वाटर स्पोर्ट्स सेंटर के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने बताया कि यहां राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के साथ प्रशिक्षण गतिविधियों का दायरा भी बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारियों के संदर्भ में महिला खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए भी रामगढ़ताल को महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने प्रशासन को खिलाड़ियों के लिए बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश की गंगा, यमुना और सरयू जैसी नदियां जल क्रीड़ा गतिविधियों के लिए बड़ी संभावनाएं रखती हैं और आने वाले समय में बलिया, प्रयागराज और वाराणसी जैसे शहरों को भी इससे जोड़ा जा सकता है।
खिलाड़ियों को नौकरी और नई खेल नीति पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार ने खेल क्षेत्र को व्यवस्थित समर्थन देने के लिए नई खेल नीति लागू की है। इसके तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि ओलंपिक, एशियाई खेल, कॉमनवेल्थ और अन्य बड़ी प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन करने वाले 534 खिलाड़ियों को विभिन्न विभागों में नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। साथ ही लगभग 500 और खिलाड़ियों को प्रत्यक्ष भर्ती के माध्यम से अवसर देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों को करियर और सम्मान दोनों से जोड़ना समय की आवश्यकता है और इसी दिशा में काम किया जा रहा है।
20 राज्यों के खिलाड़ियों ने दिखाया दम
गोरखपुर के रामगढ़ताल में आयोजित 46वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप में देश के 20 राज्यों के लगभग 300 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।
प्रतियोगिता में बालिका वर्ग में मध्य प्रदेश ने ओवरऑल चैंपियनशिप अपने नाम की, जबकि बालक वर्ग में आर्मी बॉयज स्पोर्ट्स कंपनी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने विजेता टीमों और पदक विजेताओं को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया।
कार्यक्रम में खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी उत्तर प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे खेल ढांचे और युवाओं के लिए बढ़ते अवसरों को महत्वपूर्ण बताया।








