नई दिल्ली|21 मई 2026। मई की तपती दोपहरें और रातों की बढ़ती गर्मी ने उत्तर भारत के बड़े हिस्से को झुलसा दिया है। दिल्ली-एनसीआर से लेकर उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश तक गर्म हवाओं का असर लगातार बढ़ रहा है। कई शहरों में तापमान 45 से 48 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच चुका है। हालांकि अब मौसम में बदलाव के संकेत दिखाई देने लगे हैं।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार अगले 72 घंटों तक गर्मी का असर बना रह सकता है, लेकिन इसके बाद देश के कई हिस्सों में तेज आंधी, गरज-चमक, बारिश और कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की संभावना है। मौसम विभाग ने 13 राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
उत्तर भारत मौसम अपडेट: दिल्ली-यूपी में कब मिलेगी राहत?
दिल्ली-एनसीआर में फिलहाल गर्मी अपने चरम पर बनी हुई है। अधिकतम तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है और कई इलाकों में गर्म हवाएं दिनभर असर दिखा रही हैं। मौसम विभाग ने 21 से 26 मई तक हीटवेव की चेतावनी जारी की है।
हालांकि राहत की शुरुआत 22 मई की रात से दिखाई दे सकती है। धूल भरी आंधी और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है।
उत्तर प्रदेश में भी स्थिति कम गंभीर नहीं है। खासकर बुंदेलखंड क्षेत्र लगातार तेज गर्मी की चपेट में है। बांदा में तापमान 48 डिग्री के पार पहुंचने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई है। अगले कुछ दिनों में पश्चिमी और मध्य यूपी के कुछ हिस्सों में मौसम बदलने की संभावना बनी हुई है।
राजस्थान और मध्य प्रदेश में लू का सबसे ज्यादा असर
राजस्थान और मध्य प्रदेश फिलहाल देश के सबसे गर्म इलाकों में शामिल हैं। राजस्थान के कई जिलों में लगातार लू चल रही है। चित्तौड़गढ़ में तापमान 46 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया है।
मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भी दिन का तापमान सामान्य से काफी अधिक बना हुआ है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ रही हैं। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के बाद यहां भी तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आ सकती है।
पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में तेज तूफान और बारिश का अलर्ट
जहां उत्तर भारत गर्मी से जूझ रहा है, वहीं पूर्वोत्तर राज्यों में मौसम का दूसरा रूप दिखाई दे रहा है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में तेज हवाओं और भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने भूस्खलन, जलभराव और नदियों के जलस्तर बढ़ने की चेतावनी भी दी है।
बिहार और झारखंड में भी गरज-चमक, बिजली गिरने और ओले पड़ने का अनुमान है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
दक्षिण भारत में तेज हुई प्री-मानसून गतिविधियां
दक्षिण भारत में मौसम अपेक्षाकृत राहत देने वाला बना हुआ है। केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में प्री-मानसून बारिश सक्रिय है।
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार मानसून 26 मई तक केरल पहुंच सकता है। अंडमान-निकोबार क्षेत्र में मानसूनी गतिविधियां पहले ही शुरू हो चुकी हैं। यदि मौजूदा गति बनी रही तो इस बार मानसून सामान्य समय से पहले आगे बढ़ सकता है।
लोगों के लिए मौसम विभाग की जरूरी सलाह
- दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी और ORS लेते रहें।
- हल्के रंग के और ढीले कपड़े पहनें।
- तेज आंधी या तूफान के दौरान पेड़ों और कमजोर ढांचों से दूरी रखें।
- किसान खेतों और तैयार फसलों की सुरक्षा के लिए स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखें।
फिलहाल अगले तीन दिन उत्तर भारत के लिए चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं, लेकिन उसके बाद मौसम में बदलाव लोगों को कुछ राहत दे सकता है। गर्मी और बारिश के इस बदलते संतुलन पर देशभर की नजर बनी हुई है।











