लखनऊ|21 मई 2026: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों को बड़ा वित्तीय राहत पैकेज देते हुए महंगाई भत्ते (डीए) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। इस फैसले के बाद राज्य कर्मचारियों का डीए 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो जाएगा। सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार नई दरें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी। इस निर्णय का असर लाखों परिवारों की मासिक आय पर दिखाई देगा और कर्मचारियों को आने वाले महीनों में बढ़ा हुआ वेतन भी मिलने लगेगा।
प्रदेश सरकार के इस फैसले से करीब 16.35 लाख राज्य कर्मचारी और 11.52 लाख पेंशनर लाभान्वित होंगे। यानी कुल मिलाकर लगभग 28 लाख लोग सीधे तौर पर इस बढ़े हुए महंगाई भत्ते का फायदा उठाएंगे।
यूपी डीए बढ़ोतरी 2026: कितना बढ़ेगा वेतन, किसे मिलेगा फायदा
वित्त विभाग की ओर से जारी शासनादेश के मुताबिक यह बढ़ा हुआ डीए राज्य सरकार के नियमित और पूर्णकालिक कर्मचारियों पर लागू होगा। इसके साथ ही सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, प्राविधिक संस्थानों, शहरी स्थानीय निकायों तथा कार्य प्रभारित कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलेगा।
महंगाई भत्ता बढ़ने का सीधा असर कर्मचारियों की मासिक सैलरी पर पड़ेगा। जिन कर्मचारियों का मूल वेतन अधिक है, उनके हाथ में आने वाली कुल राशि में भी अपेक्षाकृत अधिक वृद्धि देखने को मिलेगी। सरकार का मानना है कि बढ़ती महंगाई के बीच यह फैसला कर्मचारियों को आर्थिक राहत देगा।
जनवरी से अप्रैल 2026 तक का एरियर कैसे मिलेगा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि 1 जनवरी 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक बनने वाला डीए एरियर सीधे नकद भुगतान के रूप में नहीं दिया जाएगा।
आदेश के अनुसार—
- जीपीएफ (General Provident Fund) खाते वाले कर्मचारियों की एरियर राशि उनके खाते में जमा होगी।
- एनपीएस (National Pension System) के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों की राशि उनके संबंधित खाते में जमा की जाएगी।
- मई 2026 के वेतन से बढ़े हुए डीए का नकद भुगतान शुरू किया जाएगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य एक तरफ कर्मचारियों को लाभ देना है तो दूसरी तरफ सरकारी वित्तीय प्रबंधन को संतुलित रखना भी माना जा रहा है।
जिन कर्मचारियों का जीपीएफ खाता नहीं है, उनके लिए क्या व्यवस्था
शासनादेश में उन कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है जिनके पास जीपीएफ खाता उपलब्ध नहीं है। ऐसे मामलों में एरियर की राशि पीपीएफ (Public Provident Fund) या राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC) के माध्यम से जमा कराई जाएगी।
वहीं जो कर्मचारी 1 जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त हो चुके हैं या 30 अप्रैल 2026 तक सेवानिवृत्त होने वाले हैं, उन्हें डीए एरियर की राशि नकद भुगतान के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी।
केंद्र के फैसले के बाद यूपी सरकार का बड़ा कदम
राज्य सरकार का यह निर्णय ऐसे समय आया है जब केंद्र सरकार पहले ही केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर चुकी है। इसके बाद राज्यों में भी इसी तरह के फैसलों की उम्मीद बढ़ गई थी।
उत्तर प्रदेश सरकार के इस कदम को कर्मचारियों के लिए राहत और प्रशासनिक स्तर पर संतुलित आर्थिक निर्णय के रूप में देखा जा रहा है।
सरकारी खजाने पर कितना पड़ेगा असर
महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी का असर केवल कर्मचारियों की आय तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे सरकारी वित्त पर भी अतिरिक्त दबाव आएगा।
अनुमान है कि इस फैसले से राज्य सरकार पर करीब 1300 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक भार पड़ेगा। इससे पहले अक्टूबर 2025 में डीए में 3 प्रतिशत वृद्धि किए जाने पर सरकार ने लगभग 1960 करोड़ रुपये अतिरिक्त व्यय का अनुमान जताया था।
कर्मचारियों के लिए यह फैसला राहत लेकर आया है, जबकि सरकार के लिए यह वित्तीय प्रबंधन और कर्मचारी हितों के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।








