पुडुचेरी, 01 मार्च 2026 (रविवार)। समुद्र की लहरों और सांस्कृतिक विरासत के बीच आज पुडुचेरी ने विकास की एक नई दस्तक सुनी। नरेंद्र मोदी ने अपने दौरे के दौरान 2700 करोड़ रुपये से अधिक की पुडुचेरी विकास परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित कीं और कई नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के लिए यह सिर्फ एक सरकारी आयोजन नहीं था, बल्कि आने वाले वर्षों की संभावनाओं का संकेत भी था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पुडुचेरी आना उनके लिए हमेशा विशेष रहा है। उन्होंने इस धरती को संतों, कवियों और स्वतंत्रता सेनानियों की भूमि बताते हुए सुब्रमण्यम भारती को याद किया, जिन्होंने यहीं से राष्ट्रवाद की मशाल जलाई थी। उनके शब्दों में भावनात्मक जुड़ाव भी था और राजनीतिक संदेश भी।
BEST पुडुचेरी विजन पर दोहराया भरोसा
प्रधानमंत्री ने अपने पुराने मंत्र ‘BEST पुडुचेरी’ को फिर सामने रखा — Business, Education, Spirituality और Tourism। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में इस विजन ने जमीन पर असर दिखाया है।
उनका तर्क साफ था: जब केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश एक ही दिशा में काम करते हैं, तो परिणाम तेज और ठोस आते हैं। “डबल इंजन सरकार” का जिक्र करते हुए उन्होंने विकास को साझा संकल्प का परिणाम बताया।
इंफ्रास्ट्रक्चर को रिकॉर्ड प्राथमिकता
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस वर्ष के केंद्रीय बजट में 12 लाख करोड़ रुपये इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आवंटित किए गए हैं। उनके मुताबिक, इसका सीधा फायदा पुडुचेरी को भी मिलेगा— बेहतर सड़कें, मजबूत पेयजल आपूर्ति, तटीय बुनियादी ढांचा, आधुनिक स्कूल और अस्पताल।
उन्होंने यह भी कहा कि कैपिटल इन्वेस्टमेंट स्कीम के तहत पुडुचेरी को विशेष सहायता दी गई है, जो पहले मुख्यतः राज्यों तक सीमित थी। ज्यादा फंडिंग का अर्थ है— तेज परियोजनाएं, कम देरी और जमीन पर नजर आने वाला बदलाव।
शिक्षा और युवाओं पर फोकस
प्रधानमंत्री ने युवाओं को देश की “डेमोग्राफिक ताकत” बताया। National Institute of Technology Karaikal में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग ब्लॉक के निर्माण और आधुनिक अस्पताल सुविधाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इससे तकनीकी शिक्षा को मजबूती मिलेगी।
साथ ही Pondicherry University में आधारभूत ढांचे के विस्तार का भी उल्लेख किया गया। संदेश स्पष्ट था— विकास केवल सड़कों और पुलों तक सीमित नहीं, बल्कि कक्षाओं और प्रयोगशालाओं तक भी पहुँचना चाहिए।
इलेक्ट्रिक बसें और हरित मोबिलिटी
पुडुचेरी जैसे पर्यटन केंद्र में पर्यावरण संतुलन हमेशा एक संवेदनशील मुद्दा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी भविष्य नहीं, वर्तमान की जरूरत है। पीएम ई-बस सेवा के तहत इलेक्ट्रिक बसें शहर में प्रदूषण कम करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
उन्होंने हाउसिंग प्रोजेक्ट्स का भी जिक्र किया, जिनसे परिवारों को स्थिरता और गरिमा मिलेगी। “घर सिर्फ दीवारें नहीं होते, वे सपनों की नींव होते हैं,” उन्होंने कहा।
कांग्रेस-DMK शासन पर तीखा प्रहार
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस-DMK शासन के दौरान पुडुचेरी ने राजनीतिक अस्थिरता, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था की समस्याएं देखीं।
उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में राशन की दुकानों पर चावल की कमी, वेतन में देरी और आपराधिक गतिविधियों का बोलबाला था। उनका यह बयान राजनीतिक बहस को और तेज करने वाला माना जा रहा है।
विकास बनाम राजनीति: संदेश क्या?
इस पूरे कार्यक्रम में पुडुचेरी विकास परियोजनाएं सिर्फ सरकारी आंकड़ों का संग्रह नहीं थीं, बल्कि राजनीतिक संदेश का हिस्सा भी रहीं। एक ओर बुनियादी ढांचे, शिक्षा और हरित परिवहन की बात हुई; दूसरी ओर पिछले शासन पर सवाल उठाए गए।
अब निगाहें इस बात पर हैं कि इन परियोजनाओं की गति और गुणवत्ता आने वाले समय में कितनी तेजी से नजर आती है। क्योंकि जनता के लिए अंततः मायने रखता है— ज़मीन पर बदलाव।













