लखनऊ, 21 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही मेधावी छात्राओं के लिए बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना 2026 को मंजूरी दे दी गई। इस योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक अंतिम वर्ष उत्तीर्ण करने वाली टॉप 5 प्रतिशत मेधावी छात्राओं को मुफ्त पेट्रोल चालित स्कूटी दी जाएगी।
सरकार का उद्देश्य छात्राओं को सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध कराना है, ताकि विशेषकर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों की बेटियां बिना किसी परेशानी के उच्च शिक्षा जारी रख सकें।
करीब 50 हजार छात्राओं को मिलेगा लाभ
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि इस योजना से लगभग 50 हजार छात्राओं को लाभ मिलने का अनुमान है। योजना के लिए राज्य सरकार ने लगभग 400 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है।
स्कूटी के साथ सरकार बीमा, पंजीकरण, हेलमेट और पांच लीटर पेट्रोल का खर्च भी स्वयं वहन करेगी। यानी पात्र छात्राओं को स्कूटी पूरी तरह तैयार अवस्था में उपलब्ध कराई जाएगी।
कौन-कौन होंगी योजना की पात्र?
सरकार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, योजना का लाभ केवल उन्हीं छात्राओं को मिलेगा जो निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करती हों।
मुख्य पात्रता शर्तें इस प्रकार हैं:
- छात्रा उत्तर प्रदेश की मूल निवासी हो।
- परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपये या उससे कम हो।
- छात्रा ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक अंतिम वर्ष उत्तीर्ण किया हो।
- प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालय, निजी विश्वविद्यालय, राजकीय महाविद्यालय, सहायता प्राप्त या स्ववित्तपोषित महाविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की हो।
- चयन मेरिट के आधार पर टॉप 5 प्रतिशत छात्राओं की सूची से किया जाएगा।
इन छात्राओं को बिना मेरिट मिलेगी स्कूटी
योजना में कुछ विशेष वर्गों की छात्राओं को भी प्राथमिकता दी गई है।
सरकार के अनुसार, दिव्यांग छात्राएं, निराश्रित बालिकाएं और शहीदों की बेटियां बिना मेरिट सूची की बाध्यता के भी इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगी, यदि वे अन्य निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करती हैं।
पेट्रोल स्कूटी देने का क्या है कारण?
सरकार ने इलेक्ट्रिक की बजाय पेट्रोल चालित स्कूटी देने का निर्णय लिया है। इसके पीछे मुख्य वजह ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में अभी भी पेट्रोल पंप और सर्विस सेंटर की अपेक्षाकृत बेहतर उपलब्धता बताई गई है।
सरकार का मानना है कि इससे छात्राओं को वाहन के रखरखाव और उपयोग में किसी प्रकार की अतिरिक्त कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा।
जेम पोर्टल से होगी खरीद
योजना के तहत स्कूटी की खरीद Government e-Marketplace (GeM) पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। सरकार विभिन्न वाहन कंपनियों से निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन आमंत्रित करेगी और स्कूटी के मॉडल का चयन सुरक्षा, गुणवत्ता और उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा।
नौ लाख से अधिक छात्राएं अंतिम वर्ष में
प्रदेश में वर्तमान समय में 36 राज्य विश्वविद्यालय, 50 निजी विश्वविद्यालय, 465 राजकीय महाविद्यालय और 7,827 स्ववित्तपोषित महाविद्यालय संचालित हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले शैक्षणिक सत्र में स्नातक पाठ्यक्रमों में लगभग 27.79 लाख छात्राएं पंजीकृत थीं। वहीं शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक अंतिम वर्ष में करीब 9 लाख छात्राएं अध्ययनरत हैं, जिनमें से मेरिट के आधार पर लगभग 50 हजार छात्राओं को इस योजना का लाभ मिलेगा।
बाजार में स्कूटी की कीमत कितनी?
वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश में सामान्य पेट्रोल स्कूटी की शोरूम कीमत लगभग 65 हजार रुपये से 1.10 लाख रुपये के बीच है। आरटीओ शुल्क, रोड टैक्स, बीमा और पंजीकरण जैसी औपचारिकताओं के बाद इसकी ऑन-रोड कीमत करीब 75 हजार रुपये से 1.25 लाख रुपये तक पहुंच जाती है।
ऐसे में इस योजना के तहत छात्राओं को न केवल स्कूटी बल्कि उससे जुड़े शुरुआती सभी आवश्यक खर्चों से भी राहत मिलेगी।
छात्राओं की शिक्षा और आत्मनिर्भरता को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना 2026 से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों की छात्राओं के लिए कॉलेज तक पहुंचना आसान होगा। इससे वे नियमित रूप से उच्च शिक्षा प्राप्त करने के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं, कौशल विकास और रोजगार की तैयारी भी अधिक प्रभावी ढंग से कर सकेंगी। यह योजना महिला शिक्षा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।









