रविवार, 01 मार्च 2026: कोलकाता की रात, भरा हुआ स्टेडियम, और दबाव से भरा सुपर आठ का मुकाबला। लेकिन जब हालात उलझते दिखे, तब एक बल्लेबाज़ ने सारे समीकरण ध्वस्त कर दिए। संजू सैमसन की 97 रन की पारी ने भारत को न सिर्फ टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचाया, बल्कि 10 साल पुरानी टी20 विश्व कप की कसक भी मिटा दी।
कोलकाता के ऐतिहासिक मैदान पर भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज को पांच विकेट से हराकर अंतिम चार में जगह बनाई। अब भारत का सामना 5 मार्च को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में इंग्लैंड से होगा।
संजू सैमसन की 97 रन की पारी: ईडेन गार्डेंस में चला बल्ला
कोलकाता के ईडेन गार्डेंस में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर वेस्टइंडीज को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया। विंडीज टीम ने 20 ओवर में चार विकेट पर 195 रन बनाए—एक चुनौतीपूर्ण स्कोर।
जवाब में भारतीय पारी की शुरुआत भले ही संतुलित रही, लेकिन असली कहानी तब लिखी गई जब संजू सैमसन ने एक छोर संभाल लिया। उन्होंने 97 रनों की विस्फोटक और संयमित पारी खेली। यह सिर्फ आक्रामक बल्लेबाज़ी नहीं थी, बल्कि हालात को पढ़ते हुए जिम्मेदारी निभाने का नमूना था।
19.2 ओवर में भारत ने पांच विकेट खोकर 199 रन बना लिए। जैसे ही सैमसन के बल्ले से विजयी चौका निकला, ड्रेसिंग रूम से लेकर दर्शकदीर्घा तक खुशी की लहर दौड़ गई।
10 साल पुराना हिसाब बराबर
क्रिकेट इतिहास के पन्नों में 2016 टी20 विश्व कप का सेमीफाइनल आज भी भारतीय प्रशंसकों को याद है, जब वेस्टइंडीज ने भारत को हराकर बाहर किया था। उस हार की टीस लंबे समय तक रही।
अब, एक दशक बाद, उसी मंच—टी20 विश्व कप—में वेस्टइंडीज को हराकर भारत ने मानो इतिहास का चक्र पूरा कर लिया। यह जीत सिर्फ सेमीफाइनल में पहुंचने की नहीं, बल्कि आत्मविश्वास की वापसी की कहानी है।
कोलकाता में कायम रहा जीत का सिलसिला
ईडेन गार्डेंस पर भारत का रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के खिलाफ शानदार रहा है। यह दोनों टीमों के बीच यहां पांचवां टी20 मुकाबला था और भारत ने सभी पांचों मैच अपने नाम किए हैं।
दिलचस्प यह भी है कि भारतीय टीम 10 साल बाद इस मैदान पर टी20 विश्व कप का मैच खेलने उतरी थी और एक बार फिर जीत दर्ज की। आंकड़े बताते हैं कि बड़े मैचों में यह मैदान अक्सर भारतीय टीम का साथ देता है—और इस बार भी ऐसा ही हुआ।
अब अगली चुनौती: इंग्लैंड
भारत अब 5 मार्च को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में इंग्लैंड से भिड़ेगा। वानखेड़े की पिच, समुद्री हवाएं और नॉकआउट का दबाव—सब कुछ अलग कहानी लिख सकता है।
लेकिन अगर संजू सैमसन की 97 रन की पारी जैसी दृढ़ता टीम में कायम रही, तो भारतीय फैंस को एक और यादगार रात देखने को मिल सकती है।













