26 जून 2026/नई दिल्ली: अगर आप नौकरी, पढ़ाई, बिजनेस या किसी पारिवारिक वजह से दूसरे शहर में शिफ्ट होने जा रहे हैं, तो सिर्फ नया पता बदलना ही काफी नहीं है। बैंकिंग से जुड़े कुछ जरूरी अपडेट समय पर नहीं किए गए, तो रोजमर्रा के वित्तीय लेनदेन में परेशानी खड़ी हो सकती है। अच्छी बात यह है कि अब ज्यादातर बैंक सेविंग अकाउंट को एक ब्रांच से दूसरी ब्रांच में ट्रांसफर करने की सुविधा दे रहे हैं। हालांकि यह प्रक्रिया जितनी आसान दिखती है, उतनी ही सावधानी भी मांगती है।
1. ब्रांच बदलते ही बदल सकता है IFSC कोड
आज SBI, HDFC Bank, ICICI Bank, Kotak Mahindra Bank समेत कई बड़े बैंक ऑनलाइन ब्रांच ट्रांसफर की सुविधा दे रहे हैं। लेकिन जैसे ही आपका अकाउंट नई ब्रांच में शिफ्ट होता है, अधिकांश मामलों में उसका IFSC कोड बदल जाता है। यही बदलाव आगे कई बैंकिंग सेवाओं को प्रभावित कर सकता है।
2. EMI, SIP और ऑटो-डेबिट तुरंत करें अपडेट
IFSC कोड बदलने के बाद सबसे पहले अपने बैंक खाते से जुड़ी सभी सेवाओं को अपडेट करना चाहिए। अगर आपने ऑटो-डेबिट, EMI, SIP, सैलरी क्रेडिट या अन्य नियमित भुगतान की जानकारी समय पर नहीं बदली, तो किस्त फेल हो सकती है, निवेश रुक सकता है या जरूरी पेमेंट समय पर नहीं हो पाएंगे। इसलिए अकाउंट ट्रांसफर पूरा होने के बाद इन सभी सेवाओं की दोबारा जांच करना जरूरी है।
3. KYC अधूरा है तो अटक सकता है ट्रांसफर
हर बैंक अकाउंट ब्रांच ट्रांसफर के लिए तुरंत पात्र नहीं होता। यदि आपके खाते का KYC अधूरा है या अकाउंट लंबे समय से निष्क्रिय (Inactive) है, तो बैंक ट्रांसफर अनुरोध स्वीकार नहीं भी कर सकता। ऐसे में पहले KYC अपडेट कराना और अकाउंट की स्थिति सक्रिय रखना जरूरी है।
4. जरूरी दस्तावेज पहले से रखें तैयार
ब्रांच ट्रांसफर के दौरान बैंक पहचान और पते का सत्यापन करता है। इसके लिए आधार, पैन, अन्य पहचान पत्र, एड्रेस प्रूफ, पासबुक या बैंक स्टेटमेंट जैसे दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। कुछ मामलों में चेकबुक भी जमा करनी पड़ सकती है। यदि सभी दस्तावेज पहले से तैयार हों, तो प्रक्रिया बिना किसी देरी के पूरी हो जाती है।
5. लॉकर सुविधा अपने आप ट्रांसफर नहीं होती
अगर आपकी पुरानी ब्रांच में बैंक लॉकर है, तो यह सुविधा नए शहर की ब्रांच में स्वतः ट्रांसफर नहीं होती। नई ब्रांच में अलग से लॉकर के लिए आवेदन करना पड़ सकता है। साथ ही यह भी जरूरी है कि वहां लॉकर उपलब्ध हो, क्योंकि कई शाखाओं में पहले से वेटिंग लिस्ट चल रही होती है।
शहर बदलें तो बैंकिंग भी समय पर अपडेट करें
आज डिजिटल बैंकिंग ने ब्रांच ट्रांसफर को पहले की तुलना में काफी आसान बना दिया है, लेकिन छोटी-सी चूक भी आर्थिक परेशानियों की वजह बन सकती है। इसलिए नए शहर में शिफ्ट होने के साथ अपने बैंक खाते, IFSC कोड, ऑटो-डेबिट, KYC और अन्य बैंकिंग सेवाओं की जानकारी समय पर अपडेट करना समझदारी होगी। इससे आपके लेनदेन बिना किसी रुकावट के चलते रहेंगे और भविष्य में अनावश्यक दिक्कतों से भी बचाव होगा।













