नई दिल्ली | 20 फरवरी 2026 (शुक्रवार): पूर्वोत्तर भारत के दो महत्वपूर्ण राज्यों — अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम — के राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों राज्यों के नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। अपने संदेश में उन्होंने इन राज्यों की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और वहां के मेहनती लोगों की विशेष रूप से सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के विकास की कहानी में पूर्वोत्तर की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है, और इन राज्यों के नागरिक इस परिवर्तन के महत्वपूर्ण भागीदार हैं।
प्रधानमंत्री का यह संदेश केवल औपचारिक बधाई तक सीमित नहीं था, बल्कि उसमें स्थानीय समाज की जीवनशैली, परंपराओं और सामुदायिक मूल्यों के प्रति सम्मान भी झलकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विविधता में एकता की भारतीय अवधारणा को पूर्वोत्तर के राज्य जमीनी स्तर पर जीवंत करते हैं।
🌄 अरुणाचल प्रदेश: परंपरा और प्रकृति का संतुलन
अरुणाचल प्रदेश के राज्य स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी ने इसे परंपरा और प्रकृति के बीच सामंजस्य का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि राज्य के ऊर्जावान और परिश्रमी नागरिक न केवल अपने क्षेत्र के विकास में योगदान दे रहे हैं, बल्कि राष्ट्रीय प्रगति में भी उनकी भागीदारी उल्लेखनीय है।
‘उगते सूरज की भूमि’ के नाम से प्रसिद्ध अरुणाचल प्रदेश का भौगोलिक और सामरिक महत्व भी कम नहीं है। यह राज्य भूटान, चीन और म्यांमार की सीमाओं से सटा हुआ है, जिससे इसकी रणनीतिक स्थिति और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। गौरतलब है कि यह क्षेत्र पहले नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर एजेंसी (NEFA) के नाम से जाना जाता था। वर्ष 1972 में इसे केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा मिला और अंततः 20 फरवरी 1987 को यह पूर्ण राज्य बना।
प्रधानमंत्री ने राज्य की जनजातीय विरासत को भारत की सांस्कृतिक समृद्धि का अभिन्न हिस्सा बताते हुए कामना की कि अरुणाचल प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छुए और आने वाले वर्षों में समावेशी विकास का मॉडल बने।
🌿 मिजोरम: सामुदायिक भावना और सांस्कृतिक मजबूती की पहचान
वहीं, मिजोरम के राज्य स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री ने राज्य की प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ वहां की मजबूत सामुदायिक भावना की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मिजोरम के लोग दया, करुणा और सामाजिक सहयोग जैसे मूल्यों को अपने दैनिक जीवन में आत्मसात करते हैं।
प्रधानमंत्री के अनुसार, मिजो संस्कृति — जिसमें पारंपरिक संगीत, नृत्य और लोक परंपराएं शामिल हैं — देश की सांस्कृतिक विविधता को समृद्ध करती हैं और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़े रहने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने राज्य के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि मिजोरम निरंतर प्रगति की दिशा में आगे बढ़ता रहे।
इतिहास पर नजर डालें तो मिजोरम भी पहले एक केंद्र शासित प्रदेश था और 20 फरवरी 1987 को इसे भारत के 23वें राज्य के रूप में पूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त हुआ। तब से हर वर्ष 20 फरवरी को यहां राज्य स्थापना दिवस पूरे उत्साह और गर्व के साथ मनाया जाता है।
🏛️ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का भी संदेश
इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी दोनों राज्यों के नागरिकों को बधाई दी। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक प्रतिबद्धता और विकास के प्रति समर्पण पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने दोनों राज्यों के उज्ज्वल और समृद्ध भविष्य की कामना की।













