कोलंबो (Thu, 19 Feb 2026)- कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में गुरुवार शाम जो कुछ हुआ, उसने टी20 विश्व कप 2026 के ग्रुप-स्टेज की तस्वीर ही बदल दी। क्रिकेट के इस छोटे लेकिन बेहद अनिश्चित प्रारूप में एक बार फिर साबित हुआ कि आंकड़े और मेजबानी का दबदबा हमेशा काम नहीं आता। जिम्बाब्वे की जीत ने श्रीलंका को उसके ही घर में छह विकेट से हराकर टूर्नामेंट में हलचल मचा दी।
179 रनों के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करते हुए सिकंदर रजा की अगुवाई वाली टीम ने 19.3 ओवर में 182 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। तीन गेंदें बाकी रहते हासिल की गई यह जीत सिर्फ दो अंक भर नहीं थी—यह आत्मविश्वास, रणनीति और धैर्य का एक जीवंत उदाहरण भी रही। इस नतीजे के साथ जिम्बाब्वे ने ग्रुप स्टेज का समापन अजेय रहते हुए सुपर-8 में एंट्री कर ली।
ग्रुप-बी में शीर्ष पर पहुंची जिम्बाब्वे की जीत
इस मुकाबले में मिली जीत ने अंक तालिका में भी बड़ा उलटफेर किया। चार मैचों में तीन जीत और एक बेनतीजा मुकाबले के साथ जिम्बाब्वे सात अंकों और +1.506 के नेट रन रेट के साथ ग्रुप-बी की टेबल टॉपर बन गई। वहीं, इस हार के बाद श्रीलंका छह अंकों के साथ दूसरे स्थान पर खिसक गया, हालांकि उसका नेट रन रेट +1.741 रहा।
ग्रुप-बी से सुपर-8 के लिए जिम्बाब्वे और श्रीलंका पहले ही क्वालिफाई कर चुके हैं। आयरलैंड, ऑस्ट्रेलिया और ओमान की टीमें लीग चरण से आगे नहीं बढ़ सकीं। इस ग्रुप का अंतिम मैच ऑस्ट्रेलिया और ओमान के बीच खेला जाना बाकी है।
श्रीलंका की पारी: अच्छी शुरुआत, लेकिन अंत में लड़खड़ाई रफ्तार
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंकाई टीम को कुसल परेरा और पथुम निसांका की सलामी जोड़ी ने तेज शुरुआत दिलाई। शुरुआती पांच ओवरों में 54 रन जुड़ चुके थे और ऐसा लग रहा था कि मेजबान टीम 190 के पार जाएगी।
हालांकि, 14 गेंदों में 22 रन बनाकर परेरा के आउट होने के बाद रनगति थोड़ी धीमी हुई। निसांका ने 41 गेंदों में आठ चौकों की मदद से 62 रन बनाते हुए पारी को संभाले रखा। पवन रत्नायके ने भी 25 गेंदों में 44 रन की उपयोगी पारी खेली, जिससे श्रीलंका 20 ओवर में सात विकेट पर 178 रन तक पहुंच पाया।
जिम्बाब्वे की ओर से ब्लेसिंग मुजारबानी, ब्रैड इवांस और ग्रीम क्रेमर ने दो-दो विकेट झटके, जबकि रयान बर्ल को एक सफलता मिली।
जिम्बाब्वे की पारी: ब्रायन बेनेट की बल्लेबाज़ी ने बदला मैच का मिज़ाज
लक्ष्य का पीछा करते हुए जिम्बाब्वे की शुरुआत भी कम आक्रामक नहीं रही। ब्रायन बेनेट और तदिवानाशे मारुमानी ने पहले विकेट के लिए 8.3 ओवर में 69 रन जोड़कर मजबूत नींव रखी।
मारुमानी ने 26 गेंदों में 34 रन बनाए, जबकि रयान बर्ल ने सिर्फ 12 गेंदों में 23 रन ठोककर रनचेज़ की रफ्तार बनाए रखी। लेकिन असली मोड़ तब आया जब कप्तान सिकंदर रजा क्रीज़ पर उतरे। उन्होंने 26 गेंदों में चार छक्कों और दो चौकों की मदद से 45 रन बनाकर मैच को जिम्बाब्वे की पकड़ में ला दिया।
दूसरे छोर पर ब्रायन बेनेट चट्टान की तरह डटे रहे। उन्होंने 48 गेंदों में आठ चौकों के साथ नाबाद 63 रन बनाए और टीम को यादगार जीत दिला दी। श्रीलंका की ओर से दुशन हेमंथा ने दो विकेट लिए, जबकि दसुन शनाका और दुनिथ वेल्लालगे को एक-एक सफलता मिली।
सुपर-8 में नई चुनौती
इस शानदार प्रदर्शन के साथ जिम्बाब्वे अब सुपर-8 में भारत, वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका के साथ ग्रुप-1 में खेलेगी। वहीं, श्रीलंका को न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और पाकिस्तान के साथ ग्रुप-2 में अपनी राह तलाशनी होगी।













