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UP Board Exam 2026: इंटरमीडिएट में संस्कृत और अंग्रेज़ी की ‘Exam Clash’ से छात्रों की बढ़ी टेंशन, प्रधानाचार्यों ने जताई आपत्ति

On: November 8, 2025
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UP Board Exam 2026: इंटरमीडिएट में संस्कृत और अंग्रेज़ी की 'Exam Clash' से छात्रों की बढ़ी टेंशन
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प्रयागराज, शनिवार, 08 नवंबर 2025। UP Board Exam 2026 के लिए जारी नई समय सारिणी ने इंटरमीडिएट के छात्रों की चिंता बढ़ा दी है। मामला दो प्रमुख विषयों — संस्कृत और अंग्रेज़ी — की परीक्षाओं के एक ही दिन पड़ने का है, जिसे लेकर परीक्षार्थी और प्रधानाचार्य दोनों ही असमंजस में हैं। इस Exam Clash ने न सिर्फ मानसिक दबाव बढ़ाया है, बल्कि विद्यार्थियों की तैयारी पर भी गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।

🌐 20 फरवरी: एक ही दिन दो अहम परीक्षाएँ

यूपी बोर्ड के मुताबिक, 20 फरवरी 2026 को सुबह की पाली में संस्कृत और दूसरी पाली में अंग्रेज़ी विषय की परीक्षा आयोजित करने का प्रस्ताव है। देखने में भले यह दो पालियों में बंटी परीक्षाएँ हों, पर छात्रों के लिए इसे संभालना आसान नहीं होगा। परीक्षा के ठीक एक दिन पहले दो मेजर सब्जेक्ट्स की तैयारी करना किसी भी परीक्षार्थी के लिए चुनौती है।

कई प्रधानाचार्यों ने इस संबंध में यूपी बोर्ड सचिव भगवती सिंह को ज्ञापन भेजकर अपील की है कि या तो संस्कृत या अंग्रेज़ी की परीक्षा किसी दूसरे दिन शिफ्ट की जाए, ताकि छात्रों को दोनों विषयों पर बराबर ध्यान देने का अवसर मिल सके।

📌 एक और समस्या: हाईस्कूल और इंटर की हिंदी भी एक दिन!

सिर्फ इतना ही नहीं, एक और बड़ा मुद्दा सामने आया है। हाईस्कूल हिंदी और इंटरमीडिएट सामान्य हिंदी की परीक्षा भी एक ही दिन, एक ही पाली में रखी गई है। यह स्थिति परीक्षा केंद्रों पर भारी संख्या में परीक्षार्थियों की मौजूदगी के चलते प्रशासनिक और सुरक्षा चुनौतियाँ खड़ी कर सकती है। प्रधानाचार्यों का कहना है कि अगर यह तय नहीं बदला गया तो कई केंद्रों पर उम्मीदवारों की संख्या नियंत्रण से बाहर हो सकती है।

🧠 छात्रों का दोराहा: कौन सा विषय करें रिवीजन?

इंटरमीडिएट के वे छात्र, जो संस्कृत और अंग्रेज़ी दोनों ही विषय ले रहे हैं, अब इस उलझन में हैं कि आख़िरी समय में किस विषय को प्राथमिकता दें। इन दोनों विषयों की तैयारी अलग-अलग प्रकृति की है—संस्कृत के लिए व्याकरण और श्लोकों की समझ ज़रूरी है, जबकि अंग्रेज़ी में व्याकरण, लेखन, और प्रिसाइस पढ़ने के कौशल अहम होते हैं। किसी एक को नज़रअंदाज़ करना उनके कुल प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है।

📃 बोर्ड की दलील: पैकेट मिक्सिंग से बचाव

बोर्ड सूत्रों के अनुसार, हिंदी विषय की दोनों परीक्षाएँ एक ही पाली में इसलिए रखी गई हैं ताकि पेपर वितरण के दौरान प्रश्नपत्रों की पैकेटिंग में किसी तरह की ग़लती न हो। हालांकि, बड़े पैमाने पर उपस्थित परीक्षार्थियों की संख्या इस योजना को उल्टा भी साबित कर सकती है।

फ़िलहाल, बोर्ड प्रशासन ने इस मुद्दे पर मिले सभी आवेदन और आँकड़ों की समीक्षा की प्रक्रिया शुरू की है। अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा है, लेकिन छात्र और शिक्षण संस्थान इस जटिल Exam Clash के जल्द समाधान की उम्मीद में हैं।

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