लखनऊ, 29 जनवरी 2026। उत्तर प्रदेश की सियासत और शासन-प्रशासन के लिहाज़ से अहम यूपी बजट सत्र की तारीख तय हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को लोक भवन में हुई कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया गया कि विधानमंडल का बजट सत्र 9 फरवरी से शुरू होगा और 11 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा।
कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी, जिनमें सबसे चर्चित फैसला बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों व कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देना रहा। यह सुविधा राज्य कर्मचारियों की तर्ज पर लागू होगी और आयुष्मान जैसी व्यवस्था के माध्यम से पूरी तरह कैशलेस रहेगी।
11.92 लाख से अधिक शिक्षाकर्मियों को लाभ
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि इस निर्णय से 11.92 लाख से अधिक शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइये लाभान्वित होंगे।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के 2,97,579 कर्मचारियों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। इस पूरी व्यवस्था पर 358.61 करोड़ रुपये का व्यय अनुमानित है, जबकि माध्यमिक शिक्षा विभाग पर 89.25 करोड़ रुपये का भार आएगा।
हालांकि, जो कर्मचारी पहले से आयुष्मान या अन्य सरकारी स्वास्थ्य योजना से आच्छादित हैं, उन्हें इसका लाभ नहीं मिलेगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने पिछले वर्ष 5 सितंबर, शिक्षक दिवस पर इस सुविधा की घोषणा की थी।
अन्य अहम फैसले
कैबिनेट ने शासन और नागरिक सुविधा से जुड़े कई बड़े निर्णय भी लिए—
- शहरी पुनर्विकास नीति 2026 को मंजूरी
- नक्शा पास कराने की प्रक्रिया को सरल बनाने का निर्णय
- विकास शुल्क की संशोधित दरें लागू करने का फैसला
- बरेली और मुरादाबाद में विज्ञान पार्क और नक्षत्रशाला की स्थापना
सीएम फेलो को आयु सीमा में छूट
सीएम फेलोशिप से जुड़े युवाओं को राज्य लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्तियों में आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट दी जाएगी। साथ ही, अनुभव के आधार पर भारांक (weightage) भी मिलेगा।
परिवहन विभाग होगा हाईटेक
परिवहन विभाग को तकनीकी रूप से उन्नत बनाने के लिए कई प्रस्ताव पास हुए—
- सहायक मोटर यान निरीक्षक के 351 नए पदों का सृजन
- ड्राइविंग लाइसेंस में जन्मतिथि परिवर्तन व पहाड़ी क्षेत्रों में वाहन चलाने की अनुमति जैसी सेवाएं अब फेसलेस
- इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के पंजीकरण शुल्क में भारी छूट
आपदा प्रभावित परिवारों का पुनर्वास
कैबिनेट ने बहराइच के राजस्व ग्राम परतापुर सहित अन्य क्षेत्रों में आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को मंजूरी दी। 136 परिवारों को भूमि का पट्टा, आवास का पट्टा और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत घर उपलब्ध कराया जाएगा। आवश्यकता अनुसार खेती के लिए भी भूमि आवंटित की जाएगी।
निष्कर्ष
आगामी यूपी बजट सत्र केवल वित्तीय दस्तावेज पेश करने का मंच नहीं होगा, बल्कि शिक्षा, शहरी विकास, परिवहन, युवाओं और आपदा प्रभावितों के जीवन में ठोस बदलाव लाने वाले फैसलों की झलक भी देगा। 11 फरवरी को पेश होने वाला बजट इन घोषणाओं को धरातल पर उतारने की दिशा तय करेगा।







