छत्तीसगढ़|19 मई 2026: छत्तीसगढ़ के बस्तर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक के मंच से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की कानून-व्यवस्था, विकास और प्रशासनिक बदलावों को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में आज रूल ऑफ लॉ स्थापित है और अपराधियों के भीतर कानून का स्पष्ट भय दिखाई देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों के दौरान राज्य ने कई क्षेत्रों में व्यापक बदलाव देखे हैं। कानून-व्यवस्था को मजबूत करने से लेकर निवेश, रोजगार, डिजिटल प्रशासन और बुनियादी ढांचे तक, उत्तर प्रदेश ने एक नई कार्यशैली विकसित की है। उनके अनुसार यह परिवर्तन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “नए भारत” के विजन के अनुरूप दिखाई देता है।
बैठक केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी, जिसमें मध्य क्षेत्र के राज्यों से जुड़े विकास और प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा हुई।
यूपी में रूल ऑफ लॉ पर योगी का जोर, बोले— बदलाव अब जमीन पर दिख रहा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि जिस उत्तर प्रदेश को कभी बीमारू राज्यों की श्रेणी में देखा जाता था, आज वही राज्य देश की आर्थिक और विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था में सुधार का प्रभाव केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका सीधा असर निवेश, रोजगार और सामाजिक विश्वास पर भी पड़ता है। उनके अनुसार उत्तर प्रदेश में निवेश का वातावरण मजबूत हुआ है और इससे आर्थिक गतिविधियों को गति मिली है।
योगी ने सहकारी संघवाद की अवधारणा का भी उल्लेख किया और कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा प्रस्तुत “टीम भारत” का मॉडल राज्यों को साथ लेकर आगे बढ़ने की सोच को मजबूत करता है। उन्होंने क्षेत्रीय परिषदों को इस दिशा में उपयोगी मंच बताया।
जल, ऊर्जा और डिजिटल सेवाओं को विकास मॉडल का हिस्सा बताया
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने किसान, महिला, गरीब और वंचित वर्गों के लिए कई योजनाओं पर काम किया है। उनके अनुसार जल जीवन मिशन के तहत वर्ष 2026 तक राज्य के 91.25 प्रतिशत परिवारों तक पाइप से पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य हासिल किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि सौर ऊर्जा आधारित योजनाओं के माध्यम से लगभग 900 मेगावॉट ऊर्जा उत्पादन की दिशा में काम हुआ है।
डिजिटल प्रशासन का उल्लेख करते हुए योगी ने बताया कि राज्य के सभी जिलों में साइबर अपराध से निपटने के लिए साइबर थानों की व्यवस्था की गई है। वहीं ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के जरिए 54 विभागों की 359 सेवाएं नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही हैं।
एआई, स्वास्थ्य और शिक्षा पर भी सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई उभरती तकनीकों के लिए भी बजटीय प्रावधान किए हैं। इसके साथ ही पोषण कार्यक्रमों के तहत बच्चों और गर्भवती महिलाओं तक नियमित सहायता पहुंचाई जा रही है।
उन्होंने आयुष्मान भारत योजना, शहरी विकास योजनाओं और स्कूल चलो अभियान का भी उल्लेख किया। योगी के अनुसार प्राथमिक शिक्षा स्तर पर ड्रॉपआउट दर में उल्लेखनीय कमी आई है और यह सामाजिक बदलाव का संकेत है।
श्रमिकों को बताया अर्थव्यवस्था की रीढ़, श्रम न्याय सेतु का किया उल्लेख
अपने संबोधन के अंतिम हिस्से में मुख्यमंत्री ने श्रमिक वर्ग को देश और समाज की आर्थिक संरचना का आधार बताया। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास के साथ श्रमिकों के अधिकारों और न्याय की व्यवस्था समान रूप से आवश्यक है।
इसी उद्देश्य से राज्य में लेबर ई-कोर्ट ‘श्रम न्याय सेतु’ शुरू की गई है, ताकि श्रम विवादों के समाधान को अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी बनाया जा सके।









