छत्तीसगढ़|19 मई 2026: छत्तीसगढ़ के बस्तर में मंगलवार को आयोजित मध्य क्षेत्र परिषद की बैठक केवल प्रशासनिक विमर्श तक सीमित नहीं रही, बल्कि इस दौरान राजनीतिक और रणनीतिक संकेत भी देखने को मिले। बैठक शुरू होने से पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का पारंपरिक शॉल और पटका पहनाकर स्वागत किया। दोनों नेताओं ने हाथ जोड़कर एक-दूसरे का अभिवादन किया और यह दृश्य पूरे आयोजन का प्रमुख आकर्षण बन गया।
मुख्यमंत्री योगी ने इस मौके की तस्वीरें अपने सोशल मीडिया मंच X पर साझा करते हुए लिखा कि उन्होंने जगदलपुर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का अभिनंदन किया। आयोजन में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव समेत उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी रही।
मध्य क्षेत्र परिषद की बैठक में सुरक्षा, विकास और राज्यों के समन्वय पर चर्चा
बस्तर में पहली बार आयोजित हुई 26वीं मध्य क्षेत्र परिषद की बैठक की अध्यक्षता अमित शाह ने की। बैठक का केंद्र राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और क्षेत्रीय चुनौतियों के समाधान पर रहा।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में कानून-व्यवस्था, अंतरराज्यीय समन्वय, सीमा प्रबंधन, परिवहन, बिजली, जल संसाधन और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। महिलाओं के खिलाफ अपराधों और गंभीर मामलों में त्वरित कार्रवाई तथा न्याय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने पर भी विचार हुआ।
इसके साथ ही नक्सल प्रभाव वाले क्षेत्रों में साझा रणनीति तैयार करने और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल को भी प्राथमिकता दी गई।
योगी रख सकते हैं यूपी मॉडल की चर्चा, कानून-व्यवस्था और सीमाई सुरक्षा पर फोकस
बैठक को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा भी रही कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में हुए बदलावों का उल्लेख कर सकते हैं।
बताया गया कि वह सोनभद्र, मिर्जापुर और चंदौली जैसे जिलों में नक्सल प्रभाव कम करने के प्रयासों और नेपाल सीमा से लगे क्षेत्रों में सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के अनुभव साझा कर सकते हैं।
इसके अलावा आदिवासी समुदायों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान से जुड़ी योजनाओं का भी उल्लेख होने की संभावना जताई गई। राज्य सरकार द्वारा पूर्वांचल और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में चलाए जा रहे विकास कार्यक्रमों को क्षेत्रीय मॉडल के रूप में सामने रखा जा सकता है।
अमित शाह ने जवानों के बलिदान को बताया राष्ट्र की ताकत
छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बस्तर स्थित अमर वाटिका पहुंचकर माओवाद विरोधी अभियानों में शहीद हुए 1,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास के लिए जवानों का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। शाह ने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही हैं कि विकास और स्थायी शांति का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
छत्तीसगढ़ को हाल ही में नक्सल मुक्त घोषित किए जाने के बाद शाह का यह दौरा राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।









