लखनऊ, 21 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों और विशेष शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। यूपी स्पेशल टीईटी 2026 (विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा) का आयोजन जल्द कराया जाएगा। योगी सरकार ने इस दिशा में प्रक्रिया तेज करते हुए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज से परीक्षा आयोजित करने की विस्तृत कार्ययोजना तत्काल उपलब्ध कराने को कहा है।
यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में लिया गया है, जिससे प्रदेश के 1.40 लाख से अधिक कार्यरत शिक्षक और लगभग 2,500 विशेष शिक्षक लाभान्वित हो सकते हैं।
विशेष सचिव ने जारी किया आदेश
बेसिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव अवधेश कुमार तिवारी ने 21 जुलाई 2026 को इस संबंध में पत्र जारी किया है। पत्र में चयन आयोग से स्पेशल टीईटी आयोजित करने की पूरी रूपरेखा, परीक्षा कार्यक्रम और अन्य आवश्यक तैयारियों का विवरण शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा गया है।
सरकार का उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी पात्र शिक्षकों को टीईटी उत्तीर्ण करने का अवसर उपलब्ध कराना है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद लिया गया निर्णय
शासन के अनुसार, अंजुमन इशात-ए-तालीम ट्रस्ट बनाम महाराष्ट्र राज्य मामले में 1 सितंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए सभी शिक्षकों के लिए टीईटी (Teacher Eligibility Test) को अनिवार्य कर दिया था।
इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने इस फैसले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल की। 29 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने अपना पूर्व निर्णय बरकरार रखा, लेकिन शिक्षकों को टीईटी पास करने की समय-सीमा दो वर्ष से बढ़ाकर तीन वर्ष कर दी।
साथ ही अदालत ने राज्यों को निर्देश दिया कि टीईटी परीक्षा नियमित अंतराल पर आयोजित की जाए और यदि संभव हो तो वर्ष में दो बार, लगभग छह महीने के अंतराल पर परीक्षा कराई जाए।
1.40 लाख से अधिक शिक्षक होंगे प्रभावित
शासन के आंकड़ों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के आदेश का असर प्रदेश के बड़ी संख्या में कार्यरत शिक्षकों पर पड़ेगा।
इनमें शामिल हैं—
- प्राथमिक स्तर के लगभग 64,062 शिक्षक
- उच्च प्राथमिक स्तर के लगभग 76,256 शिक्षक
यानी कुल मिलाकर 1.40 लाख से अधिक कार्यरत शिक्षकों को टीईटी उत्तीर्ण करने का अवसर उपलब्ध कराने के लिए विशेष परीक्षा आयोजित की जाएगी।
विशेष शिक्षकों के लिए भी होगी स्पेशल टीईटी
सरकार ने केवल नियमित शिक्षकों ही नहीं, बल्कि विशेष शिक्षकों के लिए भी अलग से स्पेशल टीईटी कराने का निर्णय लिया है।
यह कदम रजनीश कुमार पाण्डेय बनाम यूनियन ऑफ इंडिया मामले में 7 मार्च 2025 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश तथा 6 सितंबर 2025 के शासनादेश के अनुपालन में उठाया गया है।
सरकार के अनुसार, इस प्रक्रिया के तहत 5,352 विशेष शिक्षक पद चिन्हित किए गए हैं। इनमें संविदा और डेलीवेज पर कार्यरत शिक्षकों के चयन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए विशेष टीईटी आयोजित होगी।
करीब 2,500 विशेष शिक्षक होंगे शामिल
बेसिक शिक्षा विभाग के मुताबिक, इस विशेष परीक्षा में लगभग 2,500 विशेष शिक्षक एवं सहायक अध्यापक शामिल होंगे। इनके लिए भी उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से अलग कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है।
समय पर परीक्षा कराने पर सरकार का जोर
शासन ने चयन आयोग से दोनों श्रेणियों—कार्यरत शिक्षकों और विशेष शिक्षकों—के लिए स्पेशल टीईटी आयोजित करने की विस्तृत कार्ययोजना जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। सरकार चाहती है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप परीक्षा समयबद्ध तरीके से आयोजित हो, ताकि पात्र शिक्षकों को निर्धारित अवधि के भीतर टीईटी उत्तीर्ण करने का अवसर मिल सके।
शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण कदम
विशेष टीईटी के आयोजन से प्रदेश के हजारों कार्यरत शिक्षकों और विशेष शिक्षकों को कानूनी प्रावधानों के अनुरूप अपनी पात्रता सुनिश्चित करने का अवसर मिलेगा। साथ ही इससे भविष्य में शिक्षक भर्ती और सेवा संबंधी प्रक्रियाओं को भी स्पष्टता मिलने की उम्मीद है।









