लखनऊ, 29 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव और पश्चिमी विक्षोभ के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। बृहस्पतिवार को वाराणसी, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ समेत कई क्षेत्रों में बारिश और बादलों की आवाजाही देखने को मिली। मौसम में बदलाव के साथ तापमान में गिरावट आई है और लोगों को ठंडक का अहसास होने लगा है।
शुक्रवार, 30 अक्टूबर को भी मौसम का असर बने रहने की संभावना है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 29 अक्टूबर के पूर्वानुमान में भी 30 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक और बिजली गिरने की गतिविधियों की चेतावनी दी गई है।
UP Weather Alert: तराई और पूर्वांचल में भारी बारिश की आशंका
मौसम में आए बदलाव का असर खास तौर पर तराई और पूर्वांचल के जिलों में देखने को मिल सकता है। बारिश के साथ तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की आशंका है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
उपलब्ध पूर्वानुमान के अनुसार, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच समेत तराई के इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बताई गई है। वहीं, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, गोंडा, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, अयोध्या और अंबेडकर नगर के लिए भी बारिश की चेतावनी का उल्लेख किया गया है।
हालांकि, इन जिलों के लिए अलग-अलग अलर्ट श्रेणियों की पुष्टि ताजा जिला-वार आधिकारिक बुलेटिन से की जानी चाहिए।
पश्चिमी यूपी के इन जिलों में ओले गिरने की संभावना
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलने के साथ ओलावृष्टि की आशंका भी जताई गई है। उपलब्ध जानकारी में सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद और रामपुर का उल्लेख है।
यदि बारिश के साथ ओले गिरते हैं, तो खेतों में खड़ी फसलों और खुले स्थानों पर रखी कृषि उपज को नुकसान पहुंच सकता है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही फसल कटाई, सिंचाई और कृषि उपज को सुरक्षित रखने से जुड़े कामों की योजना बनाएं।
ध्यान दें: इन नौ जिलों के लिए ओलावृष्टि संबंधी जिला-विशिष्ट चेतावनी की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध आधिकारिक बुलेटिन से जरूरी है।
लखनऊ समेत इन जिलों में 50 किमी प्रति घंटे तक चल सकती हैं हवाएं
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। उपलब्ध जानकारी में हवा की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका जताई गई है।
प्रभावित क्षेत्रों की दी गई सूची में प्रतापगढ़, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या और अंबेडकर नगर शामिल हैं।
पश्चिमी यूपी में सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, कासगंज, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं समेत अन्य क्षेत्रों में भी मौसम खराब होने की आशंका बताई गई है।
बृहस्पतिवार को बारिश से गिरा तापमान, बढ़ी ठंडक
बृहस्पतिवार सुबह पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बादल छाए रहे और बारिश दर्ज की गई। वाराणसी, अयोध्या और गोरखपुर के अलावा सोनभद्र तथा मिर्जापुर के कुछ इलाकों में भी बारिश या बूंदाबांदी की सूचना मिली। मेरठ में सुबह धुंध और ठंडक महसूस की गई, जबकि लखनऊ समेत प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी बादलों की आवाजाही रही।
बारिश और तेज हवाओं से तापमान में गिरावट आई। मौसम में यह बदलाव अक्टूबर के अंतिम दिनों में लोगों को सर्दी की शुरुआत का अहसास करा रहा है।
चक्रवात अर्नब और पश्चिमी विक्षोभ से क्यों बदल रहा है मौसम?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, चक्रवाती तूफान से जुड़ी मौसमी परिस्थितियों और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां हो सकती हैं। मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में 30 अक्टूबर को भारी बारिश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक तथा बिजली गिरने की संभावना जताई है।
मौसम में अचानक बदलाव का असर दैनिक आवागमन, खेती-किसानी और खुले में होने वाले कामकाज पर पड़ सकता है। ऐसे में लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों का पालन करना चाहिए और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए।
बारिश और आकाशीय बिजली से बचने के लिए बरतें सावधानी
मौसम खराब होने पर कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना जोखिम को कम कर सकता है।
- गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, खेत और जलाशयों के पास जाने से बचें।
- बिजली चमकने पर किसी पक्के भवन में शरण लें।
- पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों से दूरी बनाए रखें।
- तेज हवाओं के दौरान वाहन सावधानी से चलाएं और जरूरत न होने पर यात्रा टाल दें।
- किसान मौसम की चेतावनी के अनुसार फसल और कृषि उपज की सुरक्षा के इंतजाम करें।
निष्कर्ष: उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। जिलेवार अलर्ट में बदलाव संभव है, इसलिए यात्रा या खेती से जुड़ी योजना बनाने से पहले मौसम विभाग का नवीनतम आधिकारिक बुलेटिन जरूर देखें।










