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उत्तर प्रदेश में 644 मेगावाट के डेटा सेंटर और 24 हजार से ज्यादा स्टार्टअप, CM योगी बोले- ‘नए यूपी’ की नई उड़ान

On: October 6, 2026
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CM योगी बोले- नए यूपी की नई उड़ान
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लखनऊ/6 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश में बीते वर्षों में तकनीक, इलेक्ट्रॉनिक्स और स्टार्टअप के क्षेत्र में हुए बदलाव को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को सामने रखा। उन्होंने कहा कि कभी तकनीक के बड़े बाजार के रूप में देखा जाने वाला उत्तर प्रदेश अब मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन से आगे बढ़कर माइक्रोचिप, डेटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्टार्टअप के क्षेत्र में अपनी जगह बना रहा है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रदेश की 2017 के बाद की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को उत्तर प्रदेश में नीति, निवेश और उत्पादन के साथ जोड़ा गया है।

उत्तर प्रदेश में 644 मेगावाट के डेटा सेंटर प्रस्तावित

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुताबिक उत्तर प्रदेश में अब तकनीक आधारित अर्थव्यवस्था का आधार तेजी से तैयार हो रहा है। प्रदेश में 644 मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर के प्रस्ताव आ चुके हैं।

उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन बढ़ने के साथ डेटा सेंटर की जरूरत भी बढ़ी है और डेटा सेंटर के विस्तार के बाद प्रदेश अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उभरती तकनीकों के लिए भी आधारभूत ढांचा तैयार कर रहा है।

यानी विकास की यह तस्वीर केवल मोबाइल फोन की असेंबली तक सीमित नहीं है। मुख्यमंत्री के मुताबिक प्रदेश की यात्रा अब मोबाइल से मॉड्यूल और मॉड्यूल से माइक्रोचिप तक पहुंच रही है।

मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन में यूपी की बड़ी हिस्सेदारी

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में देश में बनने वाले करीब 60 प्रतिशत मोबाइल फोन और लगभग 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट के उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी है।

जेवर में 3,706 करोड़ रुपये की HCL-Foxconn चिप इकाई का निर्माण भी इसी तकनीकी विस्तार का हिस्सा है। सरकार का जोर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े पूरे इकोसिस्टम को विकसित करने पर है, ताकि उत्पादन के साथ रोजगार और निवेश के नए अवसर भी पैदा हों।

यूपी में 24 हजार से ज्यादा स्टार्टअप और 8 यूनिकॉर्न

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी विकास की नई तस्वीर का अहम हिस्सा बताया। उनके अनुसार उत्तर प्रदेश में 24,000 से अधिक स्टार्टअप और 8 यूनिकॉर्न हैं।

स्टार्टअप की बढ़ती संख्या को केवल कंपनियों की संख्या के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। इसके जरिए युवाओं के लिए उद्यमिता और रोजगार सृजन के नए अवसर बनने की बात कही जा रही है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश का स्टार्टअप इकोसिस्टम युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाले के बजाय रोजगार देने वाले उद्यमी बनने की दिशा में आगे बढ़ा रहा है।

2017 से पहले की स्थिति पर भी साधा निशाना

मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में 2017 से पहले की सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में प्रदेश की क्षमता का पूरा इस्तेमाल नहीं किया गया और उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू’ की छवि से बाहर निकालने के लिए जरूरी कदम नहीं उठाए गए।

उन्होंने कहा कि उस समय घोषणाएं तो होती थीं, लेकिन परियोजनाओं को जमीन पर उतारना चुनौती बना रहता था। मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर परिवारवाद और माफियाकरण को लेकर भी हमला बोला।

योगी ने लिखा कि उनकी सरकार ने प्राथमिकताएं बदली हैं—परिवार के विकास की जगह प्रदेश का विकास, माफिया के संरक्षण की जगह निवेशक का संरक्षण और तुष्टीकरण की जगह टेक्नोलॉजी को प्राथमिकता दी गई है।

10 लाख युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने का लक्ष्य

उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं को नई तकनीकों से जोड़ने के लिए एआई-प्रज्ञा का भी उल्लेख किया है। मुख्यमंत्री के अनुसार इसके माध्यम से 10 लाख युवाओं को नई तकनीक का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा और उभरती तकनीकों के दौर में स्किलिंग को रोजगार से जोड़ना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री का कहना है कि असेंबली लाइन से लेकर एआई तक की यह यात्रा सिर्फ तकनीकी बदलाव नहीं है, बल्कि युवाओं के रोजगार, उद्यम और आर्थिक समृद्धि से भी जुड़ी है।

HCL Tech के 10 साल पूरे, लखनऊ में स्किलिंग सेंटर की शुरुआत

मुख्यमंत्री ने बताया कि मंगलवार को लखनऊ में HCL Tech की स्थापना के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वह शामिल होंगे। इसी कार्यक्रम में HCL GUVI Emerging Tech Skilling Centre का शुभारंभ भी किया जाएगा।

सरकार के मुताबिक ऐसे केंद्रों का उद्देश्य युवाओं को उभरती तकनीकों के अनुरूप कौशल प्रदान करना और उन्हें बदलती डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करना है।

मुख्यमंत्री ने इसे ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प से जोड़ते हुए कहा कि तकनीक, निवेश, स्टार्टअप और कौशल विकास के जरिए उत्तर प्रदेश नई आर्थिक भूमिका की ओर बढ़ रहा है।

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