लखनऊ/6 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 के दूसरे चरण की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस चरण में प्रदेश के लोगों को अपने परिवार का विवरण खुद दर्ज कराने का विकल्प भी मिलेगा। 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध रहेगी, जबकि इसके बाद प्रगणक घर-घर पहुंचकर जनसंख्या संबंधी विवरण दर्ज करेंगे।
उत्तर प्रदेश जनगणना 2027 में स्व-गणना का मिलेगा विकल्प
लखनऊ में सोमवार को जनगणना कार्य निदेशालय में प्रदेश के सभी जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों (सीडीओ) और अतिरिक्त प्रमुख जनगणना अधिकारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान जनगणना 2027 की प्रक्रिया, डिजिटल व्यवस्था और गणना कार्य को लेकर अधिकारियों को आवश्यक जानकारी दी गई।
निदेशक एवं मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी शीतल वर्मा ने बताया कि डिजिटल जनगणना की व्यवस्था के तहत लोग अपने परिवार का विवरण स्वयं भी दर्ज कर सकेंगे। स्व-गणना पूरी होने के बाद संबंधित परिवार को एक विशिष्ट स्व-गणना आईडी मिलेगी।
यह आईडी महत्वपूर्ण होगी। परिवार के सदस्यों को इसे सुरक्षित रखना होगा और प्रगणक के घर पहुंचने पर उपलब्ध कराना होगा। इसके आधार पर प्रगणक स्व-गणना के दौरान दर्ज किए गए विवरण का सत्यापन कर सकेगा।
घर की सही लोकेशन दर्ज करना होगा जरूरी
स्व-गणना के दौरान केवल परिवार और सदस्यों का विवरण दर्ज करना ही पर्याप्त नहीं होगा। घर की सही लोकेशन दर्ज करना भी जरूरी होगा। इससे डिजिटल जनगणना व्यवस्था में संबंधित परिवार को सही स्थान से जोड़ा जा सकेगा और घर-घर गणना के दौरान किसी तरह की परेशानी कम करने में मदद मिलेगी।
जनगणना अधिकारियों का जोर इस बात पर है कि कोई व्यक्ति गणना से छूटे नहीं और किसी व्यक्ति की दोहरी गणना भी न हो। इतने बड़े राज्य में यह काम अपने आप में चुनौतीपूर्ण है। इसलिए डिजिटल स्व-गणना और घर-घर सत्यापन, दोनों व्यवस्थाओं को एक-दूसरे का पूरक बनाया गया है।
एक दिसंबर से घर-घर पहुंचेगा गणना दल
उत्तर प्रदेश में स्व-गणना की अवधि समाप्त होने के बाद 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर जाकर जनसंख्या की गणना करेंगे। इसके लिए प्रदेश में करीब 5.63 लाख गणनाकर्मी और पर्यवेक्षक तैनात किए जाएंगे।
गणना की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 5 से 9 जनवरी 2027 तक पुनरीक्षण दौर चलेगा। जनसंख्या गणना की संदर्भ तारीख 5 जनवरी 2027 की मध्यरात्रि निर्धारित की गई है। इस आधार पर जनसंख्या संबंधी आंकड़ों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
उत्तर प्रदेश में इतने बड़े स्तर पर होगी जनगणना
जनगणना की तैयारियों के तहत प्रदेश के प्रशासनिक और स्थानीय निकाय क्षेत्रों का विस्तृत दायरा भी सामने रखा गया है। उत्तर प्रदेश में 17 नगर निगम, 350 तहसील, 783 वैधानिक नगर, 14,979 वार्ड और 276 जनगणना नगर हैं।
इसके अलावा प्रदेश में 1,04,004 गांव और 4,78,783 गणना ब्लॉक बनाए गए हैं। इतने व्यापक क्षेत्र में प्रत्येक परिवार तक पहुंचना जनगणना तंत्र के लिए बड़ा अभियान होगा।
ऐसे में आम लोगों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण रहेगी। स्व-गणना का विकल्प चुनने वाले परिवारों को अपना विवरण सावधानी से भरना होगा और विशेष रूप से घर की लोकेशन तथा स्व-गणना आईडी को सुरक्षित रखना होगा। इसके बाद प्रगणक के स्तर पर होने वाला सत्यापन पूरी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद करेगा।









