मेरठ, 21 फरवरी 2026 (शनिवार)। प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath शनिवार को मेरठ पहुंचे। लगभग डेढ़ घंटे के दौरे में उन्होंने नमो भारत मेरठ मेट्रो परियोजना के तहत शताब्दीनगर और मेरठ साउथ स्टेशन का बारीकी से निरीक्षण किया, साथ ही मोहिउद्दीनपुर स्थित जनसभा स्थल की तैयारियों का भी जायजा लिया।
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री का अंदाज़ सामान्य प्रशासनिक समीक्षा से अलग नजर आया। वे केवल औपचारिक रिपोर्ट सुनने तक सीमित नहीं रहे, बल्कि मौके पर खड़े होकर अधिकारियों से सीधा सवाल-जवाब करते दिखाई दिए। शताब्दीनगर स्टेशन के निरीक्षण के समय उन्होंने एक अहम सवाल पूछा — “आम लोग कैसे पहचानेंगे कि कौन-सी ट्रेन मेट्रो है और कौन-सी नमो भारत?”
अधिकारियों ने बताया कि दोनों ट्रेनों के रंग अलग-अलग निर्धारित किए गए हैं। मेरठ मेट्रो की पहचान तीन कोच वाली संरचना से होगी, जबकि नमो भारत ट्रेन पांच कोच की होगी। इसके अलावा बाहरी डिजाइन और ब्रांडिंग भी अलग है, जिससे यात्रियों को भ्रम की स्थिति नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने इस पर संतोष जताया, लेकिन स्पष्ट किया कि यात्रियों को मार्गदर्शन देने के लिए स्टेशन पर संकेतक (signage) और अनाउंसमेंट सिस्टम मजबूत होना चाहिए।
जाम की स्थिति पर सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर यातायात जाम की स्थिति देखने को मिली। इसे लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के दौरान किसी भी कीमत पर जाम की समस्या नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “आपके पास जितने संसाधन और फोर्स उपलब्ध हैं, सभी को लगाइए। आमजन को असुविधा नहीं होनी चाहिए।”
यह टिप्पणी प्रशासन के लिए एक स्पष्ट संदेश थी कि कार्यक्रम की भव्यता से अधिक महत्वपूर्ण नागरिकों की सुविधा है।
जनसभा स्थल का भी किया निरीक्षण
मुख्यमंत्री ने मोहिउद्दीनपुर स्थित जनसभा स्थल पर पहुंचकर सुरक्षा, मंच व्यवस्था, बैरिकेडिंग और भीड़ प्रबंधन की तैयारियों का भी अवलोकन किया। यहां सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन को समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए गए।
दौरे के दौरान भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष Satendra Sisaudia, जिलाध्यक्ष Harbir Pal, महानगर अध्यक्ष Vivek Rastogi, जलशक्ति राज्यमंत्री Dinesh Khatik, मेरठ लोकसभा सांसद Arun Govil, राज्यसभा सदस्य Lakshmikant Bajpai, कैंट विधायक Amit Agarwal, एमएलसी Dharmendra Bhardwaj तथा महापौर Harikant Ahluwalia भी मौजूद रहे।
शताब्दीनगर स्टेशन से मोहिउद्दीनपुर जाने के लिए मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से रवाना हुए। दिलचस्प बात यह रही कि उन्होंने अपने साथ सांसद अरुण गोविल को भी हेलीकॉप्टर में बैठाया, जिससे स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई।
नमो भारत परियोजना का महत्व
गौरतलब है कि नमो भारत (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) परियोजना दिल्ली-एनसीआर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश से तेज गति से जोड़ने के उद्देश्य से विकसित की जा रही है। मेरठ मेट्रो और नमो भारत ट्रेन एक ही कॉरिडोर के हिस्से के रूप में संचालित होंगी, जिससे यात्रियों को शहरी और क्षेत्रीय दोनों स्तरों पर बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
मुख्यमंत्री का निरीक्षण इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार इस परियोजना को केवल इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं, बल्कि विकास के प्रतीक के रूप में देख रही है।
राजनीतिक दृष्टि से भी यह दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि प्रधानमंत्री Narendra Modi के कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर तैयारी जोरों पर है।
निष्कर्ष
नमो भारत मेरठ मेट्रो परियोजना केवल एक परिवहन व्यवस्था नहीं, बल्कि मेरठ और आसपास के क्षेत्रों की आर्थिक-सामाजिक गति को नई दिशा देने वाली पहल है। मुख्यमंत्री का यह सवाल कि “लोग कैसे पहचानेंगे?” दरअसल उस सूक्ष्म प्रशासनिक सोच को दर्शाता है, जिसमें सुविधा, स्पष्टता और नागरिक अनुभव को प्राथमिकता दी जा रही है।
अब देखना यह है कि कार्यक्रम के दिन व्यवस्थाएं कितनी सुचारू रहती हैं और यह महत्वाकांक्षी परियोजना जनता की उम्मीदों पर कितना खरी उतरती है।











