नई दिल्ली/30 अक्टूबर 2026: वाराणसी और नई दिल्ली के बीच रेल सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। दोनों शहरों के बीच बहुप्रतीक्षित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेवा शनिवार, 31 अक्टूबर से शुरू होने जा रही है। इस ट्रेन के शुरू होने से यात्रियों को रातभर के सफर में आधुनिक सुविधाओं के साथ आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा। खास बात यह है कि इस सेवा से प्रयागराज, कानपुर, अलीगढ़ और गाजियाबाद जैसे प्रमुख शहर भी जुड़ेंगे।
यह ट्रेन धार्मिक यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं, छात्रों, कारोबारियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। वाराणसी से दिल्ली और दिल्ली से काशी आने-जाने वाले यात्रियों को अब रात के समय तेज और सुविधाजनक रेल सेवा का एक नया विकल्प मिलने की उम्मीद है।
वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन: जानिए रूट और टाइमिंग
रेल मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, वाराणसी से नई दिल्ली के लिए ट्रेन रात 8:50 बजे रवाना होगी और अगले दिन सुबह 6:10 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। वापसी में नई दिल्ली से ट्रेन रात 9:40 बजे चलेगी और अगले दिन सुबह 7:10 बजे वाराणसी पहुंचेगी।
यह सेवा सप्ताह में छह दिन संचालित होगी। वाराणसी से चलने वाली ट्रेन शुक्रवार को और नई दिल्ली से चलने वाली ट्रेन शनिवार को नहीं चलेगी। रेलवे के अनुसार, यह ट्रेन मौजूदा शिवगंगा एक्सप्रेस की तुलना में वाराणसी से दिल्ली की यात्रा में 55 मिनट और दिल्ली से वाराणसी की यात्रा में 35 मिनट कम समय लेगी।
इन चार स्टेशनों पर होगा वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ठहराव
वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस रास्ते में चार प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर रुकेगी। इनमें शामिल हैं:
- प्रयागराज जंक्शन
- कानपुर सेंट्रल
- अलीगढ़ जंक्शन
- गाजियाबाद
इन स्टेशनों के जुड़ने से पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य उत्तर प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के यात्रियों को राजधानी दिल्ली तक पहुंचने का एक और विकल्प मिलेगा।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
लंबी दूरी की रात की यात्रा को ध्यान में रखते हुए इस ट्रेन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। इसमें यात्रियों की सुविधा के साथ सुरक्षा और स्वच्छता पर भी ध्यान दिया गया है।
ट्रेन की प्रमुख सुविधाएं इस प्रकार हैं:
- आरामदायक स्लीपर बर्थ।
- एसी फर्स्ट, एसी सेकेंड और एसी थर्ड क्लास के कोच।
- मोबाइल और अन्य उपकरणों के लिए चार्जिंग पॉइंट।
- आधुनिक वैक्यूम टॉयलेट।
- दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष बर्थ और शौचालय।
- सामान रखने के लिए पर्याप्त जगह।
- यात्रियों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे।
- आग और धुएं का पता लगाने वाली आधुनिक प्रणाली।
- कवच आधारित ट्रेन टक्कर बचाव प्रणाली।
- फर्स्ट एसी कोच में गर्म पानी की सुविधा वाला शॉवर।
ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे। इनमें 11 एसी थर्ड, चार एसी सेकेंड और एक एसी फर्स्ट क्लास कोच शामिल है। इसमें कुल 823 यात्रियों के बैठने और सोने की व्यवस्था होगी।
काशी आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मिलेगा फायदा
वाराणसी देश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों में शामिल है। यहां स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, गंगा के प्रसिद्ध घाट और शाम की गंगा आरती हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
इसके अलावा सारनाथ, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) और शहर के पारंपरिक बाजार भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र हैं। नई दिल्ली से वाराणसी के बीच रात की आधुनिक रेल सेवा शुरू होने से धार्मिक यात्रा, पर्यटन, शिक्षा और कारोबार से जुड़े लोगों को सुविधा मिलेगी।
खासकर उन यात्रियों के लिए यह सेवा उपयोगी हो सकती है, जो रात में सफर करके सुबह अपने गंतव्य पर पहुंचना चाहते हैं।
31 अक्टूबर को योगी आदित्यनाथ और रेल मंत्री दिखाएंगे हरी झंडी
रेल मंत्रालय की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव 31 अक्टूबर को वाराणसी से इस नई वंदे भारत स्लीपर सेवा को हरी झंडी दिखाएंगे।
इस नई सेवा से वाराणसी और राष्ट्रीय राजधानी के बीच रेल संपर्क को मजबूती मिलने की उम्मीद है। यात्रियों को अब इस रूट पर दिन की यात्रा के साथ रात में स्लीपर ट्रेन से सफर करने का भी आधुनिक विकल्प मिलेगा।











