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सीएम योगी आदित्यनाथ ने विदुर की धरती बिजनौर को किया नमन, सांस्कृतिक विरासत और महान विभूतियों का किया स्मरण

On: July 17, 2026
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सीएम योगी आदित्यनाथ ने विदुर की धरती बिजनौर को किया नमन
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बिजनौर, 17 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अपने संबोधन की शुरुआत धार्मिक उद्घोष ‘जय श्रीराम’ और ‘ॐ नमः पार्वती पतये, हर-हर महादेव’ से की। इसके बाद उन्होंने सबसे पहले विदुर की धरती बिजनौर को नमन करते हुए जनपद की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक महत्व और यहां जन्मी महान विभूतियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बिजनौर केवल एक जिला नहीं, बल्कि भारतीय इतिहास, संस्कृति, साहित्य और बौद्धिक परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।

भगवान श्रीकृष्ण और विदुर के मिलन की पावन भूमि बताया बिजनौर

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजनौर वही पावन भूमि है, जहां मान्यता के अनुसार करीब पांच हजार वर्ष पहले भगवान श्रीकृष्ण विदुर से मिलने आए थे। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत ने जनपद को देशभर में विशेष पहचान दिलाई है। यही कारण है कि बिजनौर की सांस्कृतिक धरोहर आज भी लोगों को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करती है।

साहित्य, विज्ञान और संविधान के क्षेत्र की विभूतियों का किया स्मरण

विदुर की धरती बिजनौर की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कई प्रतिष्ठित हस्तियों को याद किया। उन्होंने हिंदी साहित्य के द्विवेदी युग के प्रमुख गद्यकार, आलोचक और संपादक आचार्य पंडित पद्मसिंह शर्मा का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका जन्म इसी जनपद में हुआ था। साथ ही प्रसिद्ध साहित्यकार एवं पत्रकार पंडित रुद्रदत्त शर्मा के योगदान को भी रेखांकित किया।

मुख्यमंत्री ने वैज्ञानिक और वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के पूर्व महानिदेशक डॉ. आत्माराम को याद करते हुए कहा कि उन्होंने विज्ञान के क्षेत्र में देश का नाम ऊंचा किया। उन्होंने हिंदी गजल के प्रमुख हस्ताक्षर दुष्यंत कुमार का भी उल्लेख किया और कहा कि आज भी अनेक वक्ता अपने भाषण की शुरुआत उनकी गजलों की पंक्तियों से करते हैं।

महावीर त्यागी, डॉ. सुभाष सी. कश्यप और अकबर के नवरत्नों का भी किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय राजस्व मंत्री महावीर त्यागी का भी उल्लेख किया। उन्होंने चांदपुर में जन्मे प्रसिद्ध संवैधानिक विशेषज्ञ और राजनीति वैज्ञानिक डॉ. सुभाष सी. कश्यप के योगदान को भी याद किया।

इतिहास का संदर्भ देते हुए योगी आदित्यनाथ ने मुगल सम्राट अकबर के दरबार के प्रसिद्ध नवरत्न अबुल फजल और उनके बड़े भाई फैजी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बिजनौर की धरती ने विभिन्न कालखंडों में साहित्य, इतिहास, विज्ञान, राजनीति और संविधान जैसे अनेक क्षेत्रों में देश को ऐसी विभूतियां दी हैं, जिनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।

सांस्कृतिक विरासत को बताया जनपद की सबसे बड़ी पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी क्षेत्र की असली ताकत केवल विकास परियोजनाओं से नहीं, बल्कि उसकी सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक पहचान और महान व्यक्तित्वों से भी तय होती है। उन्होंने कहा कि बिजनौर की यह समृद्ध परंपरा नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है और आने वाले समय में भी जनपद इसी गौरवशाली विरासत के साथ आगे बढ़ता रहेगा।

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