लखनऊ, रविवार, 11 अक्टूबर 2026। शारदीय नवरात्र के पहले दिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला सशक्तीकरण को लेकर प्रदेश में हो रहे बदलावों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले जिन बेटियों के लिए घर की चौखट पार करना मुश्किल था, वे आज नाइट शिफ्ट में भी काम कर रही हैं और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में योगदान दे रही हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में 50 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप्स का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं, जबकि महिला कार्यबल की भागीदारी 12 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत के पार पहुंच गई है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को मजबूत करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने महिला सशक्तीकरण को उत्तर प्रदेश के विकास से जोड़ते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सुरक्षा से संबंधित विभिन्न योजनाओं का भी उल्लेख किया।
महिला सशक्तीकरण पर CM योगी ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवरात्र के अवसर पर अपने संदेश में महिलाओं की बढ़ती आर्थिक भागीदारी का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के अवसर बढ़े हैं। उनके अनुसार, स्टार्टअप क्षेत्र में महिलाओं का नेतृत्व और महिला कार्यबल की भागीदारी में वृद्धि इस बदलाव को दर्शाती है।
योगी ने अपने संदेश में ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः’ की भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है।
हालांकि, स्टार्टअप नेतृत्व और महिला कार्यबल से संबंधित आंकड़ों के स्रोत तथा उनकी गणना की पद्धति स्पष्ट होना जरूरी है, ताकि इन दावों का व्यापक संदर्भ समझा जा सके।
‘2017 से पहले चौखट पार करना था मुश्किल’
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले और वर्तमान स्थिति की तुलना करते हुए कहा कि अब प्रदेश की बेटियां नाइट शिफ्ट में भी काम कर रही हैं। उन्होंने इसे महिलाओं के बढ़ते आत्मविश्वास और रोजगार के बदलते अवसरों से जोड़कर पेश किया।
महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने से परिवारों की आय, उद्यमिता और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, रोजगार के अवसरों के साथ कार्यस्थल पर सुरक्षा, समान अवसर और बेहतर कार्य परिस्थितियां सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है।
महिलाओं के स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए इन योजनाओं का जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं और बेटियों के स्वास्थ्य, शिक्षा तथा आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी कई योजनाओं का उल्लेख किया। इनमें प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, पोषण अभियान, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना और सुकन्या समृद्धि योजना शामिल हैं।
इन योजनाओं के अलग-अलग उद्देश्य हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना गर्भवती महिलाओं और माताओं को निर्धारित शर्तों के तहत सहायता प्रदान करती है, जबकि पोषण अभियान का उद्देश्य पोषण संबंधी चुनौतियों को दूर करना है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना और सुकन्या समृद्धि योजना बेटियों के कल्याण और भविष्य के लिए आर्थिक सहायता या बचत को प्रोत्साहित करती हैं।
मिशन शक्ति से लेकर सेफ सिटी तक का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा और आत्मनिर्भरता से जुड़ी अन्य पहलों का भी जिक्र किया। इनमें मिशन शक्ति, ऑपरेशन कायाकल्प, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, सेफ सिटी, रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना और लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर वर्किंग वुमन हॉस्टल शामिल हैं।
इन पहलों के तहत महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा, आवागमन और रहने की सुविधाओं से संबंधित अलग-अलग जरूरतों पर ध्यान दिया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आगे बढ़ने के अधिक अवसर उपलब्ध कराना है।
‘सशक्त नारी-समृद्ध उत्तर प्रदेश’ का संकल्प
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला सशक्तीकरण को प्रदेश के समग्र विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा और आर्थिक भागीदारी को मजबूत करने से उनके लिए नए अवसर खुलते हैं।
उन्होंने ‘सशक्त नारी-समृद्ध उत्तर प्रदेश’ की भावना के साथ ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को आगे बढ़ाने की बात कही।
महिला सशक्तीकरण का वास्तविक आकलन केवल योजनाओं और घोषणाओं से नहीं, बल्कि महिलाओं की शिक्षा, रोजगार, आय, कार्यस्थल की सुरक्षा और निर्णय लेने में उनकी भागीदारी जैसे पहलुओं से भी किया जाता है। ऐसे में इन क्षेत्रों के आंकड़े और योजनाओं के परिणाम प्रदेश में महिलाओं की स्थिति में हो रहे बदलाव को समझने के लिए महत्वपूर्ण होंगे।








