लखनऊ/लखनऊ। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजादी के मायने को केवल विदेशी शासन से मुक्ति तक सीमित न रखने का संदेश दिया। शनिवार को अपने सरकारी आवास पर ध्वजारोहण के बाद प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वास्तविक स्वाधीनता तभी सार्थक होगी, जब देश अराजकता, गरीबी, अशिक्षा, पिछड़ेपन और असमानता जैसी चुनौतियों से भी मुक्त हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 अगस्त केवल उत्सव मनाने का दिन नहीं, बल्कि उन संकल्पों को याद करने का अवसर है, जिनके लिए देश के असंख्य वीरों ने त्याग और बलिदान दिया। 1947 में लंबे संघर्ष के बाद मिली आजादी को बनाए रखना और उसे व्यापक अर्थों में मजबूत करना आज हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
स्वतंत्रता दिवस पर सीएम योगी ने दिया संपूर्ण आजादी का संदेश
सीएम योगी ने कहा कि आजादी का अर्थ सिर्फ विदेशी शासन से मुक्ति नहीं है। देश के सामने आज भी कई ऐसे लक्ष्य हैं, जिन्हें हासिल करना जरूरी है। गरीब को सम्मानजनक जीवन, युवा को अवसर, महिलाओं को सुरक्षा और किसान को समृद्धि मिले—तभी स्वाधीनता का उद्देश्य व्यापक रूप से पूरा होगा।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के 79 वर्ष पूरे होने के बाद 80वें स्वतंत्रता दिवस में प्रवेश का यह अवसर देशवासियों को नई प्रेरणा देता है। हर नागरिक को अपने स्तर पर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना होगा और ऐसी ताकतों से सावधान रहना होगा, जो देश को कमजोर या विभाजित करने का प्रयास करती हैं।
गुलामी के खिलाफ देश ने कभी स्वीकार नहीं की हार
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास को याद करते हुए कहा कि भारत षड्यंत्रों के कारण गुलाम हुआ, लेकिन देशवासियों ने कभी गुलामी को मन से स्वीकार नहीं किया। 1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम इसी प्रतिरोध की बड़ी मिसाल था।
उन्होंने मंगल पांडे, रानी लक्ष्मीबाई और धन सिंह गुर्जर जैसे स्वतंत्रता संग्राम के नायकों का स्मरण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में स्वतंत्रता की लौ जलती रही और लोगों के मन में एक ही संकल्प था—भारत को गुलामी से मुक्त कराना।
उन्होंने स्वतंत्रता संघर्ष में अलग-अलग क्षेत्रों के योगदान का भी उल्लेख किया। महाराणा प्रताप, गुरु गोविंद सिंह, छत्रपति शिवाजी महाराज से लेकर 1857 के क्रांतिकारियों और चौरी-चौरा जैसी घटनाओं तक को उन्होंने राष्ट्रीय संघर्ष की कड़ी बताया। लखनऊ के ट्रेन एक्शन का भी उन्होंने उल्लेख किया।
गरीब, युवा, महिला और किसान को बताया विकास की प्राथमिकता
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के विकास के केंद्र में चार वर्गों—गरीब, युवा, महिला और किसान—को रखा है। उनके मुताबिक, इन वर्गों को केंद्र में रखकर बनाई गई योजनाओं का परिणाम व्यापक स्तर पर दिखाई दे रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। उन्होंने इसे सरकारी योजनाओं के लाभ को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने से जोड़ते हुए कहा कि शिक्षा का दायरा बढ़ा है और जीवन को अधिक सुगम बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। गरीबी से बाहर आने वाले लोगों का यह आंकड़ा केंद्र सरकार की ओर से भी विभिन्न अवसरों पर बताया गया है।
युवाओं के लिए मिशन रोजगार और आधुनिक सुविधाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार और उनके कौशल को विकसित करने के लिए मिशन रोजगार के माध्यम से अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। युवाओं की प्रतिभा को सही मंच मिले, इसके लिए नए प्लेटफॉर्म तैयार किए जा रहे हैं।
उन्होंने स्वास्थ्य और परिवहन के क्षेत्र में हुए बदलावों का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने एम्स जैसी संस्थाओं के विस्तार और देश में तेजी से विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर को उपलब्धि बताया। रैपिड रेल, अमृत भारत और वंदे भारत जैसी ट्रेनों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आधुनिक सार्वजनिक परिवहन की सुविधाएं अब आम नागरिक तक पहुंच रही हैं।
बंटे हुए समाज ने नुकसान उठाया, एकजुटता से आगे बढ़ेगा देश
सीएम योगी ने कहा कि इतिहास बताता है कि जब भारत अलग-अलग हिस्सों में बंटा रहा, तब देश को नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि अलग-अलग कालखंडों में अलग-अलग क्षेत्रों के वीरों ने संघर्ष की मशाल आगे बढ़ाई। आज जरूरत है कि देश की 140 करोड़ आबादी एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाए।
उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के सभी ज्ञात-अज्ञात सेनानियों को नमन किया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉ. भीमराव आंबेडकर और नेताजी सुभाष चंद्र बोस सहित उन सभी क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने देश के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
बलिदानी इंस्पेक्टर सुनील कुमार को भी किया नमन
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश पुलिस के बलिदानी इंस्पेक्टर सुनील कुमार को भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि कानून का राज स्थापित करने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले सुनील कुमार को कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है। मुख्यमंत्री ने इसके लिए उत्तर प्रदेश पुलिस को बधाई देते हुए पुलिसकर्मियों को मिले राष्ट्रपति पदकों का भी उल्लेख किया।
अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से अपने-अपने क्षेत्र में ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ योगदान देने का आह्वान किया। उनका संदेश साफ था—आजादी केवल बीते संघर्ष की उपलब्धि नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित, समृद्ध और सशक्त भारत बनाने की लगातार चलने वाली जिम्मेदारी भी है।










