लखनऊ/18 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश को दस खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को लेकर प्रदेश सरकार विदेशी निवेश और तकनीकी साझेदारी पर लगातार जोर दे रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि जापान की तकनीकी विशेषज्ञता और उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता का मेल इस लक्ष्य को नई गति दे सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश जापानी निवेशकों के साथ लंबे समय की भरोसेमंद साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार की कोशिश केवल पूंजी निवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि जापान के साथ तकनीक, विनिर्माण, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों को भी जोड़ने की है।
जापान के साथ साझेदारी से यूपी को मिलेगी नई आर्थिक रफ्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को नई दिल्ली में जापान के यामानाशी प्रांत के गवर्नर कोटारो नागासाकी के नेतृत्व में आए 200 से अधिक प्रतिनिधियों से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में आयोजित स्वागत रात्रिभोज में मुख्यमंत्री ने जापानी कारोबारी नेताओं के साथ निवेश और औद्योगिक साझेदारी को लेकर चर्चा की।
इस दौरान उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा, कुशल मानव संसाधन और निवेश अनुकूल नीतियां मौजूद हैं। ये सुविधाएं जापानी कंपनियों के लिए प्रदेश में कारोबार बढ़ाने का बेहतर आधार तैयार कर रही हैं।
तकनीक और विनिर्माण पर रहेगा खास जोर
दस खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान के साथ सहयोग को व्यापक आर्थिक साझेदारी के रूप में आगे बढ़ाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि जापान की तकनीकी क्षमता और उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता एक-दूसरे की पूरक हैं। खासतौर पर विनिर्माण और तकनीक आधारित विकास के क्षेत्र में जापान प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण भागीदार साबित हो सकता है।
सरकार का फोकस ऐसी साझेदारी पर है जिससे सिर्फ निवेश न आए, बल्कि प्रदेश में नई तकनीक पहुंचे, स्थानीय युवाओं को कौशल मिले और रोजगार के अवसर भी बढ़ें।
निवेशकों के लिए यूपी में बेहतर माहौल: पीयूष गोयल
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी उत्तर प्रदेश की निवेश क्षमता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेहतर बुनियादी ढांचा, कुशल कार्यबल और निवेश अनुकूल वातावरण जापानी कंपनियों के विस्तार के लिए मजबूत आधार प्रदान करता है।
उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे, औद्योगिक कॉरिडोर, एयर कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं के विस्तार के साथ सरकार निवेशकों को आकर्षित करने के लिए नीतिगत स्तर पर भी कई कदम उठा रही है।
23 अगस्त तक चलेगा निवेश से जुड़ा कार्यक्रम
जापानी प्रतिनिधिमंडल के साथ निवेश और कारोबारी गतिविधियों से जुड़ा कार्यक्रम 23 अगस्त तक चलेगा। कार्यक्रम के तहत 19 अगस्त को नई दिल्ली में विभिन्न बैठकें प्रस्तावित हैं।
इसके बाद 21 अगस्त को लखनऊ में मुख्य निवेश सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसके बाद आगरा, ग्रेटर नोएडा और वाराणसी में भी निवेश एवं कारोबारी कार्यक्रम होंगे।
इन बैठकों में जापानी कंपनियों और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच विभिन्न क्षेत्रों में संभावित निवेश और साझेदारी के अवसरों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
दस खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में विदेशी निवेश अहम
उत्तर प्रदेश सरकार लंबे समय से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बड़े स्तर पर विस्तारित करने के लक्ष्य पर काम कर रही है। इसके लिए घरेलू निवेश के साथ विदेशी पूंजी, आधुनिक तकनीक और बड़े विनिर्माण प्रोजेक्ट्स को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जापान जैसे तकनीकी रूप से मजबूत देश के साथ साझेदारी से उत्तर प्रदेश को विनिर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, कौशल विकास और अन्य तकनीक आधारित क्षेत्रों में फायदा मिलने की संभावना है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, जापान की तकनीकी विशेषज्ञता और यूपी की औद्योगिक क्षमता का मेल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। अब आने वाले दिनों में प्रतिनिधिमंडल की बैठकों और निवेश कार्यक्रमों से यह देखना अहम होगा कि संभावित साझेदारियां कितने ठोस निवेश प्रस्तावों में बदलती हैं।










