लखनऊ/26 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश में महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना का शुभारंभ किया। योजना के तहत 60 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं को परिवहन निगम की बसों में आजीवन निश्शुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी। वहीं, मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश की 50 हजार स्नातक उत्तीर्ण बेटियों को अक्टूबर-नवंबर में स्कूटी वितरित की जाएगी।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की करीब साढ़े 12 करोड़ महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन और नेतृत्व से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि महिलाएं अब चूल्हे से चेक, चेक से कारोबार और कारोबार से टेक्नोलॉजी तक पहुंच रही हैं। सरकार का लक्ष्य प्रदेश में महिला कार्यबल की भागीदारी को 50 प्रतिशत तक ले जाना है।
यूपी की 50 हजार ग्रेजुएट बेटियों को मिलेगी स्कूटी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश की 50 हजार ग्रेजुएट बेटियों को स्कूटी देने की प्रक्रिया अक्टूबर-नवंबर में शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह घोषणा भाजपा के चुनावी संकल्प पत्र का हिस्सा रही है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, महिलाओं की आर्थिक भागीदारी में भी बदलाव आया है। वर्ष 2017 में प्रदेश के महिला कार्यबल की भागीदारी करीब 12 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 36 प्रतिशत हो गई है। सरकार इसे 50 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है।
उन्होंने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह बेटियों के जन्म से लेकर स्नातक स्तर तक उनकी शिक्षा के लिए सहयोग का माध्यम बन रही है।
60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को आजीवन मुफ्त बस यात्रा
लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना के तहत 60 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं को उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों में आजीवन निश्शुल्क यात्रा की सुविधा शुरू की गई है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने लाभार्थी महिलाओं को प्रतीकात्मक स्मार्ट कार्ड भी वितरित किए।
इसके अलावा रक्षाबंधन के अवसर पर 27 अगस्त सुबह छह बजे से 29 अगस्त की मध्यरात्रि तक सभी महिलाओं को एक सहयात्री के साथ रोडवेज और सिटी बसों में निश्शुल्क यात्रा की सुविधा दी जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान कुछ महिलाओं को बैग, साड़ी और मिठाई देकर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने विशेष बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। बारिश के बीच उन्होंने बसों में यात्रा कर रही महिलाओं के साथ सेल्फी भी ली।
महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 10 हजार से बढ़कर 45 हजार हुई
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में करीब 10 हजार महिला पुलिसकर्मी थीं, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 45 हजार हो गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस भर्ती में 20 प्रतिशत बेटियों की भर्ती अनिवार्य की गई है और 32 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसके पूरा होने के बाद महिला पुलिसकर्मियों की संख्या करीब 50 हजार तक पहुंच जाएगी।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान पीएसी की 54 कंपनियां समाप्त कर दी गई थीं। मौजूदा सरकार ने इनके पुनर्गठन के साथ लखनऊ में उदा देवी, गोरखपुर में झलकारी बाई और बदायूं में अवंती बाई के नाम पर तीन महिला पीएसी बटालियन स्थापित की हैं।
योगी ने कहा कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा से समझौता करने वालों के लिए कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। उनके मुताबिक, प्रदेश में सुरक्षा का माहौल बेहतर होने से बेटियां अब नाइट शिफ्ट में भी काम कर रही हैं।
अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर बनेंगे कामकाजी महिलाओं के छात्रावास
मुख्यमंत्री ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर को महिला स्वावलंबन और सुशासन की मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर ने कठिन दौर में शासन चलाने के साथ देश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ और सोमनाथ समेत देश के सैकड़ों मंदिरों के पुनरुद्धार में उनका योगदान रहा। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, आगरा, गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, प्रयागराज, अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी और झांसी में उनके नाम पर कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास बनाए जा रहे हैं। प्रत्येक छात्रावास में 500 कामकाजी महिलाओं के निश्शुल्क रहने की व्यवस्था होगी।
स्वयं सहायता समूहों से लेकर स्टार्टअप तक महिलाओं की भागीदारी
योगी ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं खेती, पशुपालन, फूड प्रोसेसिंग, रिटेल और हैंडीक्राफ्ट जैसे क्षेत्रों में काम कर रही हैं। 8,000 न्याय पंचायतों में डिजिटल इंटरप्रेन्योर के तौर पर महिलाओं की आधी भागीदारी सुनिश्चित करने की बात भी उन्होंने कही।
उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के स्टार्टअप ईकोसिस्टम में महिलाओं की भागीदारी 50 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधी आबादी को जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
सामूहिक विवाह योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार बेटी की शादी के लिए एक लाख रुपये उपलब्ध करा रही है।
रक्षाबंधन पर सैनिकों और पुलिस जवानों को रक्षासूत्र बांधने की अपील
मुख्यमंत्री ने महिलाओं से अपील की कि रक्षाबंधन पर वे भाइयों के साथ सैनिकों, पूर्व सैनिकों और पुलिस के जवानों को भी रक्षासूत्र बांधें। उन्होंने इसे सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में समाज की भागीदारी से जोड़ते हुए कहा कि सुरक्षा का वातावरण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा भूमिका है।
कार्यक्रम में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद ब्रजलाल, विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल, अवनीश सिंह और उमेश द्विवेदी, विधायक नीरज बोरा, अमरेश कुमार और ओपी श्रीवास्तव समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
मुख्य कीवर्ड: यूपी की 50 हजार ग्रेजुएट बेटियों को स्कूटी










