अयोध्या/02 सितंबर 2026: अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। भारतीय वायुसेना के पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (रिटायर्ड) को ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है। नियुक्ति के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में उन्होंने इस जिम्मेदारी को अपना परम सौभाग्य बताया और कहा कि 43 वर्षों तक भारतीय वायुसेना में देश की सेवा करने के बाद अब श्रीराम मंदिर और रामभक्तों की सेवा का अवसर मिलना उनके लिए भगवान राम का आशीर्वाद है।
नई दिल्ली में नियुक्ति की घोषणा के बाद एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने कहा कि इतने योग्य उम्मीदवारों के बीच उनका चयन होना उनके लिए बड़ी बात है। उन्होंने चयन समिति, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और भगवान श्रीराम के प्रति आभार जताया।
’43 साल देशसेवा के बाद रामलला की सेवा का अवसर’
अपनी नई जिम्मेदारी को लेकर जितेंद्र मिश्रा ने कहा कि वह इसे भगवान श्रीराम का आशीर्वाद मानते हैं। भारतीय वायुसेना में करीब चार दशक से अधिक समय तक सेवा करने के बाद अब उन्हें श्रीराम मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं में योगदान देने का अवसर मिला है।
उन्होंने कहा कि इतने सारे योग्य उम्मीदवारों में से उन्हें इस पद के लिए चुना गया, यह उनके लिए बहुत बड़े सौभाग्य की बात है। उन्होंने भगवान से प्रार्थना की कि उन्हें इस जिम्मेदारी को पूरी क्षमता और ईमानदारी से निभाने की शक्ति मिले।
उनकी प्रतिक्रिया में सैन्य सेवा के अनुभव और धार्मिक आस्था, दोनों की झलक दिखाई दी। वायुसेना में लंबी पारी के बाद अब उनकी भूमिका का केंद्र अयोध्या और यहां आने वाले लाखों श्रद्धालु होंगे।
राम मंदिर की व्यवस्थाओं को मिलेगा सैन्य अनुभव का लाभ
जितेंद्र मिश्रा का प्रशासनिक और सैन्य अनुभव ट्रस्ट के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण और विस्तार के साथ श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में दर्शन व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, दैनिक प्रशासन और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बड़ी चुनौती है।
CEO के रूप में उनकी जिम्मेदारी केवल कार्यालयी कामकाज तक सीमित नहीं होगी। मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं को अधिक व्यवस्थित और पेशेवर बनाने में उनके लंबे प्रशासनिक अनुभव की भूमिका अहम हो सकती है।
खास तौर पर त्योहारों, विशेष आयोजनों और अधिक भीड़ वाले दिनों में लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारू बनाए रखना एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती होती है। ऐसे में सैन्य पृष्ठभूमि से आने वाले अधिकारी की योजना बनाने और बड़े स्तर पर व्यवस्थाओं के संचालन की क्षमता ट्रस्ट के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में किसे मिली कौन सी जिम्मेदारी?
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में धार्मिक, कानूनी और प्रशासनिक क्षेत्र से जुड़े कई प्रमुख सदस्य शामिल हैं। महंत नृत्य गोपाल दास ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं, जबकि स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज कोषाध्यक्ष हैं।
ट्रस्ट के प्रमुख सदस्यों में के. परासरन, महंत नृत्य गोपाल दास, स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज और कृष्ण मोहन शामिल हैं। इसके अलावा शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती जी महाराज, स्वामी विश्वप्रसन्न तीर्थ जी महाराज, युगपुरुष परमानंद जी महाराज और महंत दिनेंद्र दास भी ट्रस्ट के सदस्य हैं।
निर्मला यादव, मदन मोहन पांडे और महेश भागचंदका को नए ट्रस्टी के तौर पर शामिल किया गया है।
ट्रस्ट में पदेन और सरकारी प्रतिनिधियों की भी भागीदारी है। मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा इसमें शामिल हैं। केंद्र सरकार के प्रतिनिधि के रूप में प्रशांत लोखंडे और उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि के रूप में संजय प्रसाद सदस्य हैं। अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी पदेन सदस्य के रूप में ट्रस्ट से जुड़े हैं।
अयोध्या में बढ़ती जिम्मेदारियों के बीच अहम नियुक्ति
राम मंदिर के निर्माण के साथ अयोध्या की धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों में भी तेजी आई है। देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर प्रशासन को केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा, सुविधाओं और रोजमर्रा की व्यवस्थाओं का भी लगातार प्रबंधन करना पड़ता है।
ऐसे समय में ट्रस्ट का अपना पहला CEO नियुक्त करना प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। अब जितेंद्र मिश्रा के सामने सबसे बड़ी चुनौती सैन्य सेवा से हासिल अपने प्रशासनिक अनुभव को मंदिर और श्रद्धालु-केंद्रित व्यवस्था में प्रभावी ढंग से लागू करने की होगी।
उनकी नियुक्ति पर पहली प्रतिक्रिया में कही गई एक बात इस नई भूमिका की भावना को साफ करती है—देशसेवा के 43 वर्षों के बाद अब रामभक्तों की सेवा का अवसर मिलना उनके लिए भगवान श्रीराम का आशीर्वाद है।








