नई दिल्ली/02 सितंबर 2026: अगर आप ट्रेन में सफर के लिए मोबाइल से अनारक्षित टिकट बुक करते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है। भारतीय रेलवे ने डिजिटल टिकट को लेकर यात्रियों के लिए स्पष्ट किया है कि केवल टिकट का स्क्रीनशॉट दिखाकर यात्रा करना मान्य नहीं होगा। खास तौर पर यदि टिकट किसी दूसरे मोबाइल फोन से बुक किया गया है और उसका स्क्रीनशॉट या टिकट व्हाट्सएप के जरिए यात्री के फोन पर भेज दिया गया है, तो टिकट जांच के दौरान इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।
रेलवे के इस नियम का सीधा मतलब है कि मोबाइल टिकट के साथ सफर करते समय वही फोन यात्री के पास होना चाहिए, जिससे टिकट बुक किया गया है। टिकट जांच के दौरान संबंधित मोबाइल पर टिकट दिखाना जरूरी होगा। ऐसे में सफर से पहले फोन की बैटरी और इंटरनेट कनेक्टिविटी जैसी बुनियादी चीजों का ध्यान रखना भी यात्रियों के लिए अहम हो जाता है।
अनारक्षित टिकट उसी मोबाइल में रखना होगा
पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल के मुताबिक, रेल वन ऐप से बुक किया गया टिकट उसी मोबाइल फोन पर मान्य होगा, जिस पर ऐप रजिस्टर्ड है और जिसका इस्तेमाल टिकट बुक करने के लिए किया गया है।
मसलन, यदि किसी व्यक्ति ने अपने मोबाइल से टिकट बुक किया और उसका स्क्रीनशॉट किसी दूसरे यात्री के मोबाइल पर भेज दिया, तो केवल उस स्क्रीनशॉट के आधार पर यात्रा को वैध नहीं माना जाएगा। इसी तरह व्हाट्सएप या किसी अन्य माध्यम से भेजे गए टिकट की तस्वीर दिखाना भी पर्याप्त नहीं होगा।
टिकट चेकिंग के समय यात्री को वही मोबाइल फोन प्रस्तुत करना होगा, जिससे टिकट बुक किया गया था। मोबाइल चालू हालत में होना चाहिए और उसमें पर्याप्त बैटरी भी होनी चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर डिजिटल टिकट दिखाया जा सके।
ट्रेन में चढ़ने से पहले लेना होगा टिकट
रेलवे के नियम का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यात्री को ट्रेन में सवार होने से पहले ही वैध टिकट लेना होगा। ऐसा नहीं किया जा सकता कि यात्री पहले ट्रेन में चढ़ जाए और टिकट जांच के दौरान मोबाइल से अनारक्षित टिकट बना ले।
यानी टिकट चेकिंग स्टाफ को देखकर या जांच शुरू होने के बाद टिकट बुक करना नियमों के अनुरूप नहीं माना जाएगा। यात्रियों को सफर शुरू करने से पहले ही यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके पास संबंधित यात्रा का वैध टिकट मौजूद है।
यह व्यवस्था इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मोबाइल टिकट की सुविधा का उद्देश्य टिकट खरीदने की प्रक्रिया को आसान बनाना है, न कि बिना टिकट यात्रा के बाद उसे वैध करने का रास्ता उपलब्ध कराना।
बिना सही टिकट यात्रा पर अब 500 रुपये तक न्यूनतम जुर्माना
रेलवे ने बिना सही टिकट या गलत टिकट के साथ यात्रा करने पर न्यूनतम जुर्माने में भी बदलाव किया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 19 जून 2026 से न्यूनतम जुर्माना 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है।
इसलिए डिजिटल टिकट के नियम को हल्के में लेना यात्रियों के लिए महंगा पड़ सकता है। खासकर ऐसे यात्री जो यह मानकर चलते हैं कि मोबाइल में टिकट का स्क्रीनशॉट होना ही पर्याप्त है, उन्हें सफर से पहले रेलवे के नियमों का ध्यान रखना चाहिए।
अनारक्षित टिकट बुक करते समय इन बातों का रखें ध्यान
रेलवे के मुताबिक, रेल वन ऐप से अनारक्षित टिकट बुक करने वाले यात्रियों को इन बातों का ध्यान रखना चाहिए—
- ट्रेन में चढ़ने से पहले ही वैध टिकट बुक करें।
- टिकट अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर वाले फोन से ही बुक करें।
- टिकट बुक करने वाला वही मोबाइल सफर के दौरान अपने साथ रखें।
- दूसरे मोबाइल पर भेजा गया टिकट या उसका स्क्रीनशॉट मान्य नहीं होगा।
- व्हाट्सएप अथवा किसी अन्य माध्यम से भेजी गई टिकट की तस्वीर के भरोसे यात्रा न करें।
- टिकट जांच के समय मोबाइल फोन चालू हालत में होना चाहिए।
- मोबाइल की बैटरी पर्याप्त चार्ज रखें, ताकि टिकट जांच के दौरान उसे आसानी से दिखाया जा सके।
यात्रियों के लिए सीधी बात
मोबाइल से टिकट बुक करने की सुविधा ने यात्रियों का काम जरूर आसान किया है, लेकिन इसके साथ कुछ जिम्मेदारियां भी जुड़ी हैं। इसलिए अगर रेल वन ऐप से टिकट बुक कर रहे हैं, तो टिकट बुक करने वाला मोबाइल फोन ही अपने साथ रखें। केवल स्क्रीनशॉट या किसी दूसरे फोन पर भेजे गए टिकट के भरोसे यात्रा करना परेशानी का कारण बन सकता है।











