फर्रुखाबाद/3 सितंबर 2026: फर्रुखाबाद में गंगा की बाढ़ से बिगड़े हालात के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को जिले में पहुंचे। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया और इसके बाद पुलिस लाइन मैदान में आयोजित जनसभा में बाढ़ पीड़ितों से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में सरकार प्रभावित परिवारों तक हर संभव मदद पहुंचाएगी और राहत-बचाव कार्यों में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 1,000 बाढ़ पीड़ित परिवारों को 26 प्रकार की आवश्यक सामग्री से युक्त राहत किट वितरित कीं। इसके साथ ही बाढ़ में घर गंवा चुके 31 पीड़ितों को आवासीय भूमि का पट्टा और मकान निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता के चेक सौंपे गए।
CM योगी ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फर्रुखाबाद पहुंचने के बाद हेलीकॉप्टर से गंगा की बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने बाढ़ के पानी से घिरे गांवों, खेतों और प्रभावित इलाकों की स्थिति को ऊपर से देखा।
इसके बाद पुलिस लाइन मैदान में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार पूरी मजबूती के साथ जनता के साथ खड़ी है। राहत और बचाव अभियान को तेज करने के साथ ही इसकी लगातार समीक्षा की जा रही है, ताकि जरूरतमंद लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सके।
बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा में सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ तत्काल राहत पहुंचाने की नहीं होती, बल्कि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान, भोजन और भविष्य की चिंता से भी उबारना होता है। सरकार की ओर से राहत सामग्री के साथ आवासीय जमीन और मकान निर्माण के लिए सहायता देने की पहल इसी दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
1,000 परिवारों को 26 तरह की सामग्री वाली राहत किट
पुलिस लाइन मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 1,000 बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत किट वितरित कीं। प्रत्येक किट में 26 प्रकार की आवश्यक सामग्री शामिल थी, ताकि बाढ़ की स्थिति में प्रभावित परिवारों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए तत्काल राहत मिल सके।
गंगा के बढ़े जलस्तर के कारण बड़ी संख्या में परिवारों का सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है। ऐसे में खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी सामान की उपलब्धता राहत अभियान का अहम हिस्सा है।
31 बेघर परिवारों को जमीन और मकान के लिए 1.20 लाख रुपये
बाढ़ में जिन लोगों के घर पूरी तरह बह गए या रहने योग्य नहीं रहे, उनके पुनर्वास पर भी सरकार ने ध्यान दिया है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में 31 बाढ़ पीड़ितों को आवासीय भूमि का पट्टा प्रदान किया।
सिर्फ जमीन का पट्टा देने तक सहायता सीमित नहीं रही। इन लाभार्थियों को मकान निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता के चेक भी सौंपे गए। इससे प्रभावित परिवारों के सामने खड़े सबसे बड़े संकट—आशियाने की दोबारा व्यवस्था—को दूर करने की कोशिश की गई है।
गंगा की बाढ़ से 70 गांवों में हालात गंभीर
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, फर्रुखाबाद में गंगा की बाढ़ से करीब 70 गांव प्रभावित हुए हैं। इन गांवों में 19,295 परिवारों के 78,671 लोग बाढ़ के पानी से घिरे हुए बताए गए हैं।
बाढ़ का असर केवल आबादी तक सीमित नहीं है। करीब 7,200 हेक्टेयर फसलें प्रभावित होकर तबाह हो चुकी हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए यह बड़ा झटका है, क्योंकि खेतों में खड़ी फसल के नुकसान का असर किसानों की आय और अगले कृषि चक्र पर भी पड़ सकता है।
बाढ़ के कारण जिले में 127 ग्रामीण पूरी तरह बेघर हो चुके हैं।
पहले भी 96 लोगों को मिली मकान निर्माण की सहायता
प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए पहले भी सहायता दी जा चुकी है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इससे पहले 96 ग्रामीणों को आवास निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है।
इसके अलावा 67 लोगों को आवासीय भूमि का पट्टा भी दिया जा चुका है। अब मुख्यमंत्री की मौजूदगी में 31 और प्रभावित लोगों को आवासीय भूमि के पट्टे तथा मकान निर्माण के लिए आर्थिक सहायता दिए जाने से पुनर्वास अभियान को आगे बढ़ाया गया है।
बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचकर सरकार ने दिया भरोसा
फर्रुखाबाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दौरा ऐसे समय हुआ है, जब गंगा की बाढ़ ने जिले के बड़े हिस्से में जनजीवन को प्रभावित किया है। हवाई सर्वेक्षण के जरिए स्थिति का जायजा लेने के बाद बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचना प्रशासनिक समीक्षा के साथ मानवीय पहल भी रही।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार राहत और बचाव कार्यों में कोई कमी नहीं छोड़ेगी। फिलहाल प्रशासन के सामने चुनौती बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखने, जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने और पानी उतरने के बाद प्रभावित परिवारों के पुनर्वास तथा फसलों के नुकसान की भरपाई की दिशा में आगे बढ़ने की है।










