फर्रुखाबाद/3 सितंबर 2026: फर्रुखाबाद में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को जिले के दौरे पर पहुंचे। उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और इसके बाद पुलिस लाइन स्थित राहत शिविर में पहुंचकर प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान 995 बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की, जबकि बाढ़ में घर गंवाने वाले 31 परिवारों को पट्टा अभिलेख सौंपे।
मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर निर्धारित समय से करीब आधे घंटे की देरी से दोपहर 11:58 बजे पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड पर उतरा। हालांकि, इससे पहले हेलीकॉप्टर ने जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। आसमान में हेलीकॉप्टर दिखाई देने के बाद भी उसकी ऊंचाई काफी अधिक रही। सर्वेक्षण पूरा करने के बाद हेलीकॉप्टर पुलिस लाइन के परेड ग्राउंड की ओर लौट आया।
CM योगी ने बाढ़ पीड़ितों से सीधे सुनी समस्याएं
पुलिस लाइन पहुंचने के कुछ ही मिनट बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करीब 12:06 बजे परेड ग्राउंड में बनाए गए राहत शिविर पहुंचे। यहां उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच जाकर उनका हाल जाना और उनकी समस्याएं सुनीं।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से बातचीत कर यह जानने की कोशिश की कि राहत कार्यों के दौरान उन्हें किन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बाद राहत सामग्री का वितरण किया गया। प्रशासन के मुताबिक, कार्यक्रम में 995 बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री दी गई।
बाढ़ की मार झेल रहे उन परिवारों के लिए मुख्यमंत्री का यह दौरा खास तौर पर अहम रहा, जिनके आशियाने पानी के तेज बहाव में पूरी तरह नष्ट हो गए। ऐसे 31 परिवारों को पट्टा अभिलेख सौंपे गए, ताकि वे अपने लिए नए घर की व्यवस्था कर सकें।
बाढ़ में घर बहने वाले 31 परिवारों को मिला पट्टा
बाढ़ केवल खेत और सड़कों को ही प्रभावित नहीं करती, बल्कि कई परिवारों से उनका वर्षों पुराना आशियाना भी छीन लेती है। फर्रुखाबाद में भी कुछ परिवारों को इसी स्थिति का सामना करना पड़ा है। मुख्यमंत्री ने ऐसे 31 प्रभावित परिवारों को जमीन के पट्टे से संबंधित अभिलेख वितरित किए।
सरकार की ओर से राहत सामग्री के साथ आवास के लिए जमीन उपलब्ध कराने का कदम प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने के साथ उनके पुनर्वास की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
10 हजार से अधिक लोगों के बैठने की बनाई गई थी व्यवस्था
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए जिला प्रशासन ने पुलिस लाइन के परेड ग्राउंड में बड़े स्तर पर तैयारियां की थीं। यहां एक विशाल पंडाल तैयार किया गया था, जिसमें 10 हजार से अधिक लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई।
कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने वाले लोगों के वाहनों के लिए भी प्रशासन ने 12 स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की थी। भारी बारिश और बाढ़ के बीच इतने बड़े आयोजन की तैयारी प्रशासन के लिए भी चुनौतीपूर्ण रही।
बारिश के कारण बदला गया था कार्यक्रम स्थल
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के लिए पहले इटावा-बरेली हाईवे पर रामगंगा पुल और डबरी गांव के बीच आयोजन स्थल तय किया गया था। लेकिन लगातार हुई भारी बारिश के कारण वहां जलभराव हो गया। ऐसे में प्रशासन को कार्यक्रम स्थल बदलना पड़ा।
मंगलवार को जिला मुख्यालय स्थित पुलिस लाइन के परेड ग्राउंड को नए आयोजन स्थल के रूप में चुना गया। इसके बाद जिला प्रशासन ने कम समय में कार्यक्रम की तैयारियां तेज कर दीं।
रातोंरात बनाई गई इंटरलॉकिंग सड़क
कार्यक्रम स्थल तक आवाजाही सुगम बनाने के लिए प्रशासन ने रातोंरात काम कराया। सिविल लाइन मड़ैया तिराहा से पुलिस लाइन मैदान तक इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कराया गया।
परेड ग्राउंड की सफाई के साथ यहां लखनऊ की एक संस्था के माध्यम से विशाल वाटरप्रूफ पंडाल भी तैयार कराया गया। बारिश की आशंका को देखते हुए पंडाल और आयोजन स्थल की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया।
बाढ़ प्रभावित फर्रुखाबाद में राहत और पुनर्वास पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का फर्रुखाबाद दौरा ऐसे समय हुआ है, जब जिले के कई इलाकों में बाढ़ ने जनजीवन को प्रभावित किया है। हवाई सर्वेक्षण के जरिए प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के बाद उन्होंने राहत शिविर में पहुंचकर पीड़ितों से बातचीत की।
995 परिवारों को राहत सामग्री और 31 परिवारों को पट्टा अभिलेख दिए जाने से तत्काल राहत के साथ पुनर्वास का संदेश भी गया है। अब प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की निरंतरता और बाढ़ का पानी उतरने के बाद सामान्य जनजीवन की बहाली प्रशासन के सामने अगली बड़ी चुनौती होगी।








