मथुरा/गुरुवार, 3 सितंबर 2026: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को जिले को विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी। दो दिवसीय प्रवास पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने 62 परियोजनाओं का लोकार्पण किया, जबकि 167 परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि ब्रज क्षेत्र में विकास के साथ उसकी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण भी सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने वृंदावन में प्रस्तावित कॉरिडोर को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेश के बाद वृंदावन में कॉरिडोर का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की सोच स्पष्ट है—विरासत भी रहे और विकास भी हो, परंपरा भी आगे बढ़े और आधुनिक सुविधाओं का विस्तार भी हो।
मथुरा विकास परियोजनाओं से बदल रही ब्रज की तस्वीर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर ब्रज की धरती पर विकास परियोजनाओं के साथ लोक परंपरा और लोक कला से जुड़ने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
उन्होंने स्वामी हरिदास के नाम पर प्रेक्षागृह के लोकार्पण का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे बेहतर अवसर और क्या हो सकता है कि ब्रज की भक्ति को अपनी साधना का केंद्र बनाने वाले संत की स्मृति में इस प्रकार का सांस्कृतिक केंद्र जनता को समर्पित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मथुरा विकास परियोजनाओं का उद्देश्य केवल भौतिक सुविधाओं का विस्तार करना नहीं है। ब्रज की पहचान जिन धार्मिक स्थलों, परंपराओं, लोककलाओं और सांस्कृतिक स्मृतियों से बनी है, उन्हें भी विकास की प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जा रहा है।
‘विरासत का अपमान हुआ, अब विरासत और विकास साथ-साथ’
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पिछली व्यवस्थाओं पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे समय तक विकास के नाम पर विरासत की उपेक्षा हुई और संस्कृति को नुकसान पहुंचाया गया। उन्होंने मथुरा के जवाहरबाग की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वहां 29 लोगों की जान गई थी।
योगी ने कहा कि जहां उपद्रव और अव्यवस्था का माहौल हो, वहां विकास की बात करना आसान नहीं होता। उन्होंने कहा कि किसी राष्ट्र की पहचान केवल आर्थिक उपलब्धियों से नहीं बनती, बल्कि उसकी संस्कृति और विरासत भी उसे मजबूती देती है।
उनके मुताबिक जिस समाज को अपनी विरासत का बोध होता है, वह दुनिया से सीखने के साथ दुनिया को भी कुछ देने की क्षमता रखता है।
‘आक्रांताओं ने मंदिर तोड़े, पर परंपरा नहीं मिटा पाए’
मुख्यमंत्री ने भारतीय इतिहास और सनातन परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत का इतिहास केवल उपलब्धियों का इतिहास नहीं है। यह संघर्ष, संरक्षण और सनातन परंपरा की निरंतरता का इतिहास भी है।
उन्होंने मथुरा का उदाहरण देते हुए कहा कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर आक्रांताओं ने मंदिर तोड़े, लेकिन क्या वे उसकी स्मृतियों को मिटा पाए? क्या वृंदावन की भक्ति रुक गई? क्या गोवर्धन की परिक्रमा बंद हुई? मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा नहीं हुआ।
उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर का भी उल्लेख किया और कहा कि मंदिर को नुकसान पहुंचाया गया, लेकिन धार्मिक परंपरा समाप्त नहीं हुई। आज काशी धाम आधुनिक सुविधाओं के साथ अपनी आध्यात्मिक पहचान के लिए भी जाना जाता है।
अयोध्या का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वहां भी लंबे समय तक संघर्ष और विवाद का दौर रहा, लेकिन रामनवमी और रामभक्ति की परंपरा को कोई समाप्त नहीं कर सका। अब अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर निर्माण पूरा हो चुका है।
‘विरासत भी और विकास भी, परंपरा भी और परिवर्तन भी’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने विकास के साथ सांस्कृतिक उन्नयन को नया आयाम दिया है। उन्होंने इसे ‘विरासत भी और विकास भी, परंपरा भी और परिवर्तन भी’ के रूप में प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा कि अयोध्या, काशी और मथुरा—तीनों धार्मिक नगरों में सांस्कृतिक विकास को आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि इन शहरों में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित हों, लेकिन इसके साथ उनकी मूल धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान भी कायम रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत अपनी विरासत से जुड़कर ही विकसित राष्ट्र की परिकल्पना को साकार कर सकता है।
मथुरा-वृंदावन में पर्यटन पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के स्मार्ट मिशन के तहत मथुरा-वृंदावन का विकास तेजी से किया जा रहा है। पिछले आठ वर्षों में करीब एक हजार करोड़ रुपये की लागत से कई विकास योजनाओं को पूरा किए जाने की बात उन्होंने कही।
श्रीकृष्ण और राधारानी की लीलाओं से जुड़े स्थलों को पर्यटन से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य धार्मिक यात्राओं को सुविधाजनक बनाने के साथ ब्रज की कला, संस्कृति और परंपरा को व्यापक स्तर पर पहचान दिलाना है।
मथुरा-वृंदावन में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए सड़क, पार्किंग, यातायात, पर्यटन सुविधाओं और धार्मिक स्थलों के आसपास बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है।
कोर्ट के आदेश के बाद बनेगा वृंदावन कॉरिडोर
मुख्यमंत्री ने वृंदावन में प्रस्तावित कॉरिडोर को लेकर कहा कि इसका निर्माण न्यायालय के आदेश के बाद किया जाएगा। यानी परियोजना को लेकर आगे की कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप ही होगी।
ब्रज क्षेत्र में बढ़ते धार्मिक पर्यटन के बीच वृंदावन में यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधा बड़ी चुनौती बनती जा रही है। ऐसे में कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं को स्थानीय विरासत, धार्मिक स्थलों और शहर की मौजूदा संरचना के साथ संतुलित करना महत्वपूर्ण होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट है—ब्रज की पहचान और आस्था को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार करना।
उन्होंने प्रदेश में कानून-व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि आज उत्तर प्रदेश कर्फ्यू और दंगा मुक्त है। मुख्यमंत्री के मुताबिक सुरक्षित वातावरण पर्यटन, निवेश और धार्मिक आयोजनों के लिए जरूरी है।
मथुरा में जन्माष्टमी के मौके पर हुए इस कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संकेत दिया कि प्रदेश सरकार ब्रज क्षेत्र के विकास को केवल धार्मिक पर्यटन तक सीमित नहीं रखना चाहती। मथुरा विकास परियोजनाओं के जरिए बुनियादी ढांचे, पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत—तीनों को एक साथ आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। अब इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने के साथ यह देखना अहम होगा कि ब्रज की पारंपरिक पहचान और आधुनिक विकास के बीच संतुलन किस तरह कायम होता है।










