नई दिल्ली/13 सितंबर 2026: नई दिल्ली में चल रहे BRICS शिखर सम्मेलन 2026 के दूसरे और अंतिम दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए चीन को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स अब अपने तीसरे दशक में प्रवेश करने जा रहा है और दुनिया की नजरें इस समूह से सिर्फ घोषणाओं पर नहीं, बल्कि ठोस परिणामों पर टिकी हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को भारत मंडपम में आयोजित ओपन सेशन को संबोधित करते हुए कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच ब्रिक्स की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण हो रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सदस्य देश मिलकर दुनिया की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे।
BRICS शिखर सम्मेलन 2026 में पीएम मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री ने कहा कि ब्रिक्स अपने तीसरे दशक में प्रवेश करने के लिए तैयार है। उनके मुताबिक, दुनिया अब समूह से केवल विचारों और वादों की अपेक्षा नहीं कर रही, बल्कि वह ठोस नतीजे चाहती है।
पीएम मोदी ने कहा कि सभी सदस्य देशों के सामूहिक प्रयास इन अपेक्षाओं को पूरा करने में सफल होंगे। उनका यह संदेश ऐसे समय आया है जब ब्रिक्स आर्थिक सहयोग से आगे बढ़कर वैश्विक शासन, तकनीक, व्यापार, विकास और साझा चुनौतियों पर अपनी भूमिका मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
पीएम मोदी ने चीन को दी शुभकामनाएं
अगले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी चीन को सौंपे जाने पर प्रधानमंत्री मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और चीन को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने नई दिल्ली शिखर सम्मेलन को सफल बनाने में शामिल सभी नेताओं और उनकी टीमों की सराहना भी की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की मेजबानी में हुए इस सम्मेलन को सफल बनाने में सभी देशों के प्रतिनिधियों ने योगदान दिया। उन्होंने ब्रिक्स नेताओं की सुखद और सुरक्षित यात्रा की भी कामना की।
ग्लोबल साउथ के बढ़ते भरोसे का किया जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स में ग्लोबल साउथ के देशों के बढ़ते भरोसे का भी उल्लेख किया। ‘लचीलापन, इनोवेशन, सहयोग और स्थिरता: समावेशी वैश्विक विकास के लिए भविष्य को आकार देना’ विषय पर आयोजित सत्र में उन्होंने ब्रिक्स के विस्तार और उसकी बढ़ती स्वीकार्यता की ओर ध्यान दिलाया।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने ब्रिक्स मंच के माध्यम से दोस्ती, साझेदारी और सहयोग की भावना को आगे बढ़ाने का प्रयास किया है। उनकी बात का एक अहम पहलू यह भी रहा कि ब्रिक्स का सहयोग केवल सरकारों और सरकारी तंत्र तक सीमित नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि उद्यमियों, किसानों, शोधकर्ताओं, महिलाओं, युवाओं और आम नागरिकों को भी ब्रिक्स सहयोग में सक्रिय रूप से भागीदार बनाया जाना चाहिए। यानी समूह की सफलता को केवल शिखर सम्मेलनों और सरकारी घोषणाओं से नहीं, बल्कि जमीन पर लोगों को मिलने वाले अवसरों से जोड़ने पर जोर दिया गया।
MSME और पर्यावरण संरक्षण पर भारत का जोर
प्रधानमंत्री ने आपदा प्रबंधन, माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज यानी MSME, और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की जरूरत बताई।
भारत के लिए MSME क्षेत्र खास महत्व रखता है। ऐसे में ब्रिक्स के मंच से छोटे और मध्यम उद्यमों के बीच सहयोग बढ़ाने की बात व्यापार, रोजगार और तकनीकी साझेदारी के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकती है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने ब्रिक्स के जरिए साझेदारी और सहयोग को आगे बढ़ाने का प्रयास किया है। उनका जोर इस बात पर रहा कि इस सहयोग का लाभ समाज के अलग-अलग वर्गों तक पहुंचे।
चीन ने AI समेत पांच सहयोग पहलों का किया ऐलान
अगले अध्यक्ष के रूप में चीन ने ब्रिक्स सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए पांच प्रमुख पहलों का प्रस्ताव रखा। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, व्यापार एवं निवेश, डिजिटल उद्योग, इंटेलिजेंट मैन्युफैक्चरिंग और विज्ञान-तकनीक के क्षेत्र में प्रतिभा विकास को प्राथमिकता देने की बात कही।
AI से जुड़ी पहल के तहत चीन ने BRICS AI Open-Source Community बनाने में अग्रणी भूमिका निभाने का प्रस्ताव रखा। इसके अलावा बड़े लैंग्वेज मॉडल के विकास और इस्तेमाल में सहयोग बढ़ाने तथा AI से जुड़े सेमिनार और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही गई।
शी चिनफिंग ने AI के लिए एक खुले इकोसिस्टम को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। इससे साफ है कि तकनीक और खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने वाले समय में ब्रिक्स सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल रहने वाला है।
पीएम मोदी ने शेयर की BRICS समिट की तस्वीरें
सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से जुड़ी कई तस्वीरें और पोस्ट भी साझा कीं। इनमें चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के साथ उनकी तस्वीरें शामिल रहीं।
पीएम मोदी ने ब्रिक्स नेताओं की ‘फैमिली फोटो’ भी साझा की। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली में सदस्य और सहयोगी देशों के नेताओं, आउटरीच के लिए आमंत्रित प्रतिनिधियों तथा अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों का एक मंच पर आना ब्रिक्स परिवार की बढ़ती ताकत और वैश्विक प्रभाव को दर्शाता है।
नई दिल्ली में हुआ यह सम्मेलन अब समाप्ति की ओर है, लेकिन इसकी घोषणाओं और पहलों का असर आगे की कूटनीति और आर्थिक सहयोग में दिखाई देगा। भारत की अध्यक्षता के बाद चीन के हाथ में कमान जाना भी ब्रिक्स के अगले चरण के लिए महत्वपूर्ण बदलाव है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी का ‘ठोस नतीजों’ पर जोर आने वाले दौर के लिए समूह की दिशा का संकेत माना जा सकता है।













