लखनऊ/20 सितंबर 2026: उत्तर प्रदेश में मानसून अब विदाई की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी राजस्थान से मानसून की वापसी शुरू होने के बाद उत्तर प्रदेश में भी बारिश का मौजूदा दौर कमजोर पड़ने की संभावना है। विभाग के 18 सितंबर के बुलेटिन में पश्चिमी राजस्थान से 19 सितंबर के आसपास मानसून वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की जानकारी दी गई थी, जबकि 19 सितंबर को इसकी वापसी वहां से शुरू होने की पुष्टि की गई।
प्रदेश में 20 सितंबर को कुछ इलाकों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं, लेकिन इसके बाद मानसूनी बारिश का जोर घटेगा। मौसम विभाग के अनुसार, 23 सितंबर के आसपास पूर्वांचल में बारिश का एक नया दौर बनने की संभावना है, जो आगे चलकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक पहुंच सकता है।
यूपी में मानसून की विदाई के साथ बदलने लगेगा मौसम
प्रदेश के मौसम में इन दिनों लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। शनिवार को मध्य उत्तर प्रदेश के कानपुर, लखनऊ और बाराबंकी समेत कई इलाकों में बारिश हुई। वहीं रविवार को दक्षिण-पूर्वी हिस्सों, खासकर वाराणसी और प्रयागराज के आसपास बारिश की संभावना जताई गई।
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार के मुताबिक, निचले और मध्य क्षोभमंडल में उत्तर-पूर्वी हिस्से से उत्तर-पूर्वी अरब सागर तक बनी द्रोणी तथा अरब सागर से आ रही नमी ने बारिश के लिए परिस्थितियां तैयार कीं। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिमी हिस्से में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से भी कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई।
हालांकि, मानसून की विदाई का मतलब यह नहीं है कि प्रदेश में बारिश पूरी तरह खत्म हो जाएगी। स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के चलते कुछ स्थानों पर छिटपुट बारिश का सिलसिला बना रह सकता है।
23 सितंबर से पूर्वांचल में फिर बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 20 सितंबर के बाद मौजूदा बारिश का दौर कमजोर पड़ सकता है और 21 सितंबर तक पूरे प्रदेश में मानसूनी गतिविधियों में कमी आने के संकेत हैं।
इसके बाद उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर बना निम्न दबाव क्षेत्र धीरे-धीरे मजबूत होकर दक्षिण ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ सकता है। इसके प्रभाव से 23 सितंबर के आसपास पूर्वांचल में बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है। यह बारिश 25 सितंबर तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ सकती है।
यानी अगले कुछ दिनों में मौसम पूरी तरह एक जैसा नहीं रहेगा। मानसून की विदाई के बीच कुछ इलाकों में बारिश और कुछ जगहों पर अपेक्षाकृत शुष्क मौसम देखने को मिल सकता है।
सितंबर में यूपी में औसत से कम बारिश
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में 1 से 16 सितंबर के बीच उत्तर प्रदेश में औसत की तुलना में करीब 4 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की कमी करीब 10 प्रतिशत रही, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में औसत से करीब 5 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई।
इससे प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मानसूनी बारिश का वितरण एक जैसा नहीं रहा। कहीं बारिश ने सामान्य स्थिति बनाए रखी तो कहीं कमी महसूस की गई।
भारत मौसम विज्ञान विभाग की बारिश संबंधी रिपोर्ट में 19 सितंबर तक दैनिक, साप्ताहिक, मासिक और मानसून अवधि के संचयी आंकड़ों की निगरानी की जा रही है।
लखनऊ में तेज धूप के बाद झमाझम बारिश
राजधानी लखनऊ में शनिवार को मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह तेज धूप निकली, लेकिन दोपहर करीब 12 बजे के आसपास बादल घिरे और झमाझम बारिश शुरू हो गई। इसके बाद दिन में कई बार रुक-रुककर बारिश होती रही।
मौसम वैज्ञानिक मोहम्मद दानिश के मुताबिक, लखनऊ में 13.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13.6 डिग्री सेल्सियस रहा। रविवार को बादलों की आवाजाही के बीच मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। अगले एक-दो दिनों में तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है।
देश में भी कमजोर रहा मानसून
इस साल मानसून की तस्वीर केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है। आईएमडी ने मई में जारी अपने अद्यतन पूर्वानुमान में जून-सितंबर 2026 के लिए देशभर में मानसूनी बारिश को दीर्घकालिक औसत (LPA) के करीब 90 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था और सामान्य से कम बारिश की संभावना बताई थी।
हालांकि, मानसून की अंतिम स्थिति पूरे सीजन के आंकड़े पूरे होने के बाद ही स्पष्ट होगी। इसलिए सितंबर के अंतिम दिनों में होने वाली बारिश भी देश के कुल मानसूनी आंकड़ों के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेगी।
कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश में अब मानसून की विदाई का चरण शुरू हो चुका है। आने वाले दिनों में भारी मानसूनी बारिश की गतिविधियां कम होने की संभावना है, लेकिन 23 से 25 सितंबर के बीच पूर्वांचल से पश्चिमी यूपी तक बारिश का नया दौर मौसम में एक बार फिर बदलाव ला सकता है।










