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मोबाइल टेम्पर्ड ग्लास पर सरकार का बड़ा फैसला, 1 अप्रैल 2027 से लागू होगा नया नियम

On: September 22, 2026
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मोबाइल टेम्पर्ड ग्लास पर सरकार का बड़ा फैसला
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नई दिल्ली, मंगलवार, 22 सितंबर 2026। मोबाइल फोन के लिए इस्तेमाल होने वाले टेम्पर्ड ग्लास और स्क्रीन प्रोटेक्टर को लेकर केंद्र सरकार ने नया कदम उठाया है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर को अनिवार्य गुणवत्ता मानकों के दायरे में शामिल किया है। यह व्यवस्था 1 अप्रैल 2027 से लागू होगी। इसके बाद संबंधित उत्पादों को निर्धारित भारतीय मानक के अनुरूप होना जरूरी होगा।

सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है जब बाजार में अलग-अलग गुणवत्ता वाले स्क्रीन गार्ड बड़ी संख्या में उपलब्ध हैं। नए नियम का उद्देश्य उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर एक समान मानक तय करना है। इसका असर घरेलू निर्माताओं के साथ-साथ ऐसे उत्पादों के आयात और बिक्री से जुड़े कारोबार पर भी पड़ेगा।

मोबाइल टेम्पर्ड ग्लास पर BIS का नया नियम

सरकार ने Electronics and Information Technology Goods (Requirement of Compulsory Registration) Order, 2021 के तहत स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर को निर्धारित गुणवत्ता व्यवस्था में शामिल किया है। MeitY के मुताबिक, इस व्यवस्था का मूल उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और घटिया उत्पादों के बाजार में प्रवेश पर अंकुश लगाना है।

BIS की ओर से स्क्रीन प्रोटेक्टर के लिए तैयार भारतीय मानक में स्मार्टफोन, टैबलेट, लैपटॉप, पीसी स्क्रीन और ई-रीडर जैसे इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले पर इस्तेमाल होने वाले ग्लास प्रोटेक्टर को शामिल किया गया है। मानक में टेम्पर्ड या केमिकल स्ट्रेंथेंड ग्लास के साथ चिपकने वाली परत, एंटी-शैटर फिल्म, ओलियोफोबिक कोटिंग, एंटी-ग्लेयर फिल्म और ब्लू-लाइट फिल्टर जैसी विशेषताओं का भी उल्लेख है।

1 अप्रैल 2027 से अनिवार्य होगी व्यवस्था

नए नियम का सबसे अहम हिस्सा इसकी लागू होने की तारीख है। 1 अप्रैल 2027 से संबंधित स्क्रीन प्रोटेक्टर के लिए निर्धारित मानकों का अनुपालन अनिवार्य होगा। इससे निर्माताओं और आयातकों को अपने उत्पादों, परीक्षण व्यवस्था और पैकेजिंग को नए मानकों के अनुरूप तैयार करने के लिए समय मिलेगा।

फिलहाल उपभोक्ता बाजार में उपलब्ध स्क्रीन गार्ड खरीद सकते हैं। हालांकि, नियम प्रभावी होने के बाद इस श्रेणी के उत्पादों के लिए गुणवत्ता संबंधी निर्धारित आवश्यकताओं का पालन जरूरी होगा।

टूटने पर बिखरेंगे नहीं कांच के टुकड़े

नए मानकों में स्क्रीन प्रोटेक्टर की मजबूती और सुरक्षा से जुड़े परीक्षणों पर जोर दिया गया है। इसका एक प्रमुख उद्देश्य यह देखना है कि सामान्य इस्तेमाल के दौरान ग्लास किस तरह झटके का सामना करता है और टूटने की स्थिति में उसके टुकड़े किस तरह व्यवहार करते हैं।

BIS के ड्राफ्ट मानक में स्क्रीन प्रोटेक्टर की मोटाई, आयाम और विभिन्न परीक्षणों से संबंधित आवश्यकताएं निर्धारित की गई हैं। मानक में यह भी स्पष्ट किया गया है कि स्क्रीन प्रोटेक्टर कई परतों से बना उत्पाद हो सकता है और उसमें अतिरिक्त सुरक्षा परतें भी शामिल हो सकती हैं।

एंटी-ग्लेयर और ब्लू-लाइट जैसी खूबियों पर भी नजर

आज बाजार में टेम्पर्ड ग्लास केवल स्क्रीन को खरोंच से बचाने तक सीमित नहीं हैं। कई उत्पादों में एंटी-ग्लेयर, एंटी-फिंगरप्रिंट, ओलियोफोबिक कोटिंग और ब्लू-लाइट फिल्टर जैसी सुविधाएं दी जाती हैं।

BIS के प्रस्तावित मानक में इन तरह की विशेषताओं वाले मल्टी-लेयर स्क्रीन प्रोटेक्टर का भी उल्लेख किया गया है। ऐसे में आने वाले समय में इन दावों और उत्पाद की वास्तविक गुणवत्ता के बीच बेहतर मानकीकरण की उम्मीद की जा रही है।

पैकेजिंग पर उत्पाद की जानकारी महत्वपूर्ण होगी

नए गुणवत्ता ढांचे के तहत उत्पाद की पहचान और उसकी घोषित विशेषताओं से जुड़ी जानकारी भी महत्वपूर्ण होगी। उपभोक्ताओं के लिए उत्पाद की वास्तविक मोटाई और अन्य विवरण स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराना गुणवत्ता मानकों का अहम हिस्सा होगा।

BIS की व्यवस्था में उपभोक्ता किसी उत्पाद के मानक और लाइसेंस संबंधी विवरण की जांच के लिए BIS Care App तथा ‘Know Your Standard’ सुविधा का इस्तेमाल कर सकते हैं। BIS के अनुसार, इन सुविधाओं के माध्यम से संबंधित भारतीय मानक, लाइसेंस और परीक्षण प्रयोगशालाओं की जानकारी देखी जा सकती है।

घरेलू निर्माताओं को मिल सकता है फायदा

उद्योग जगत ने इस फैसले को घरेलू विनिर्माण के लिए महत्वपूर्ण बताया है। ICEA के चेयरमैन पंकज मोहिंद्रू के अनुसार, अनिवार्य BIS अनुपालन से बाजार में घटिया आयातित और स्थानीय उत्पादों पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है तथा घरेलू निर्माताओं और वैश्विक कंपनियों के लिए समान गुणवत्ता मानक बनेंगे।

सरकार पहले भी इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े कई उत्पादों को अनिवार्य गुणवत्ता और पंजीकरण व्यवस्था के दायरे में ला चुकी है। MeitY के अनुसार, 2021 का मौजूदा आदेश BIS Act, 2016 के तहत इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की सुरक्षा और गुणवत्ता से जुड़ी व्यवस्था को लागू करता है।

कुल मिलाकर, 1 अप्रैल 2027 से मोबाइल टेम्पर्ड ग्लास और स्क्रीन प्रोटेक्टर के बाजार में गुणवत्ता का एक निर्धारित पैमाना लागू होगा। इसका सीधा असर निर्माताओं और आयातकों पर पड़ेगा, जबकि उपभोक्ताओं के लिए इसका उद्देश्य बेहतर गुणवत्ता और सुरक्षित उत्पाद उपलब्ध कराना है।

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