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‘शक्ति की सप्तधारा’ से विकसित भारत का निर्माण, पीएम मोदी ने सेवा संकल्प यात्रा के युवाओं से किया संवाद

On: September 24, 2026
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पीएम मोदी ने सेवा संकल्प यात्रा के युवाओं से किया संवाद
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नई दिल्ली/24 सितंबर 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सेवा संकल्प यात्रा में शामिल युवा प्रतिभागियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं के सेवा भाव, देश के अलग-अलग हिस्सों को करीब से समझने की जरूरत और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में युवा पीढ़ी की भूमिका पर विस्तार से बात की।

वडनगर से शुरू होकर वाराणसी तक पहुंच रही इस यात्रा को लेकर प्रधानमंत्री ने युवाओं के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ते हुए देश की जमीन, समाज और लोगों की आकांक्षाओं को समझना जरूरी है।

सेवा संकल्प यात्रा में ‘शक्ति की सप्तधारा’ का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने संवाद के दौरान सेवा संकल्प यात्रा से जुड़े युवाओं से अपील की कि वे लोगों के बीच जाकर ‘शक्ति की सप्तधारा’ के बारे में भी चर्चा करें। उन्होंने कहा कि इस वर्ष लाल किले से उन्होंने जिन सात धाराओं का उल्लेख किया है, वे विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण ऊर्जा का काम करेंगी।

प्रधानमंत्री के अनुसार मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन तथा कनेक्टिविटी जैसी धाराएं देश की प्रगति को गति देने में अहम भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों को आगे बढ़ाने की वास्तविक शक्ति देश के नागरिकों से ही मिलेगी।

युवा पीढ़ी विकसित भारत की निर्माता भी और लाभार्थी भी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी विकसित भारत की निर्माता होने के साथ-साथ उसकी सबसे बड़ी लाभार्थी भी होगी। इसलिए युवाओं के लिए देश को केवल किताबों या आंकड़ों के माध्यम से जानना पर्याप्त नहीं है।

उन्होंने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर लोगों से मिलना, विभिन्न सामाजिक वर्गों की समस्याओं और सपनों को समझना तथा उनकी आकांक्षाओं को करीब से जानना जरूरी है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, सेवा संकल्प यात्रा इस दृष्टि से युवाओं के अनुभव को व्यापक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

‘सेवा ही हमारा मुख्य मकसद होना चाहिए’

संवाद के दौरान प्रधानमंत्री ने सेवा के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सेवा करते हुए ही सेवा का संदेश लोगों तक पहुंचाया जाना चाहिए, केवल उपदेश देने से नहीं।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में पद और सत्ता कितनी भी बड़ी क्यों न हो जाए, मार्ग सेवा का ही रहना चाहिए। प्रधानमंत्री ने ‘सेवा परमो धर्मः’ की भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि ऊंचे से ऊंचे पद पर पहुंचने के बावजूद सेवा के रास्ते से विचलित नहीं होना चाहिए।

सेवा भाव से बदली देश की तस्वीर: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब राजनीति से ऊपर उठकर सेवा की भावना काम करती है, तो उसका प्रभाव जनकल्याणकारी योजनाओं के रूप में दिखाई देता है। उन्होंने मुफ्त अनाज योजना और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इसी सेवा भाव से देश में बड़ी संख्या में लोगों को गरीबी से बाहर निकालने और गरीब परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराने का काम हुआ है।

उन्होंने देश के विकास को केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित न रखते हुए जनभागीदारी से जोड़ने पर भी जोर दिया।

वडनगर से काशी तक जुड़ा सेवा अभियान

सेवा संकल्प यात्रा प्रधानमंत्री के जन्मस्थान वडनगर से शुरू होकर उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी तक पहुंच रही है। संवाद के दौरान प्रधानमंत्री ने वडनगर और काशी के अपने जुड़ाव का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि वडनगर उनकी जन्मभूमि है, जिसे हटकेश्वर महादेव का आशीर्वाद प्राप्त है, जबकि काशी उनकी कर्मभूमि है, जहां बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद मिलता है। इन दोनों ऐतिहासिक शहरों को जोड़ने वाले सेवा अभियान को उन्होंने सराहनीय बताया।

झाबुआ के ‘मोदी फालिया’ का भी किया जिक्र

प्रधानमंत्री ने संवाद के दौरान झाबुआ के एक गांव में ‘मोदी फालिया’ नामकरण का भी उल्लेख किया। उन्होंने युवाओं के सेवा कार्य और स्थानीय स्तर पर लोगों की भागीदारी से चलाए जा रहे इस तरह के अभियानों की सराहना की।

उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर काम करने से युवाओं को भारत की विविधता और स्थानीय समाज की वास्तविक जरूरतों को समझने का अवसर मिलता है।

सोशल मीडिया पर यात्रा की गतिविधियों पर नजर

प्रधानमंत्री ने बताया कि वह सोशल मीडिया पर सेवा संकल्प यात्रा से जुड़े वीडियो और तस्वीरें देखते रहते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं और खासकर युवा बेटियों को इस साहसिक अभियान में सक्रियता से भाग लेते देखकर उन्हें खुशी होती है।

प्रधानमंत्री ने युवाओं के उत्साह और सेवा भावना को देश के लिए सकारात्मक ऊर्जा बताते हुए उनके प्रयासों की सराहना की।

संगठन के दिनों की यात्राओं को किया याद

संवाद के दौरान प्रधानमंत्री ने अपने संगठन के दिनों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वयं कई यात्राओं का आयोजन और नेतृत्व किया है। ऐसे अनुभवों के कारण वे यात्राओं के दौरान आने वाली मौसम संबंधी कठिनाइयों और बदलती परिस्थितियों से परिचित हैं।

उन्होंने कहा कि इन अनुभवों के आधार पर वे युवाओं के संघर्ष, मेहनत और जज्बे को समझ सकते हैं। प्रधानमंत्री ने युवाओं से सेवा की भावना को निरंतर आगे बढ़ाने और देश के अलग-अलग हिस्सों को करीब से जानने का आह्वान किया।

विकसित भारत 2047 में युवाओं की बड़ी भूमिका

प्रधानमंत्री मोदी के संवाद का केंद्रीय संदेश यही रहा कि विकसित भारत 2047 का लक्ष्य केवल सरकारी नीतियों से पूरा नहीं होगा। इसमें युवाओं की सक्रिय भागीदारी और समाज के अलग-अलग वर्गों की आकांक्षाओं को समझना भी महत्वपूर्ण होगा।

सेवा संकल्प यात्रा के माध्यम से युवाओं को देश के विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। प्रधानमंत्री ने इसी अनुभव को विकसित भारत के निर्माण की व्यापक प्रक्रिया से जोड़ते हुए सेवा, जनभागीदारी और युवा शक्ति को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

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